जैव-उर्वरक (Bio-fertilizers) क्या हैं?
जैव-उर्वरक (Bio-fertilizers) ऐसे उत्पाद होते हैं जिनमें जीवित सूक्ष्मजीव (Living Microorganisms) पाए जाते हैं। इन्हें बीज, पौधों की जड़ों या मिट्टी में प्रयोग किया जाता है। ये पौधों के लिए आवश्यक पोषक तत्वों की उपलब्धता बढ़ाते हैं तथा प्राकृतिक रूप से मिट्टी की उर्वरता में सुधार करते हैं।
इन्हें "जैविक पोषक तत्व परिवर्तक" (Biological Nutrient Converter) भी कहा जाता है क्योंकि ये वायुमंडलीय नाइट्रोजन को स्थिर करते हैं तथा मिट्टी में उपस्थित खनिजों को पौधों के लिए उपयोगी रूप में परिवर्तित करते हैं।

जैव-उर्वरक कैसे कार्य करते हैं?
1. नाइट्रोजन स्थिरीकरण (Nitrogen Fixation)
- राइजोबियम (Rhizobium): राइजोबियम (Rhizobium) जैसे जीवाणु दलहनी फसलों की जड़ों में रहते हैं।
- नाइट्रोजन रूपांतरण: ये वायुमंडलीय नाइट्रोजन को अमोनिया में परिवर्तित करते हैं।
- लाभ: इससे पौधों को प्राकृतिक रूप से नाइट्रोजन प्राप्त होती है।
2. फॉस्फेट घुलनशीलता (Phosphate Solubilization)
- फॉस्फोरस की स्थिति: मिट्टी में उपस्थित फॉस्फोरस सामान्यतः अघुलनशील रूप में होता है।
- PSB (Phosphate Solubilizing Bacteria): PSB कार्बनिक अम्ल छोड़कर फॉस्फेट को घोलते हैं।
- लाभ: इससे पौधे फॉस्फोरस को आसानी से अवशोषित कर पाते हैं।
3. माइकोराइजा (VAM – Vesicular Arbuscular Mycorrhiza)
- प्रकार: यह एक लाभकारी कवक (Fungus) है।
- संरचना: इसकी महीन संरचनाएँ मिट्टी में गहराई तक फैलती हैं।
- लाभ: पौधों को अधिक जल एवं फॉस्फोरस उपलब्ध कराती हैं।
4. अपघटन (Decomposition)
- फसल अवशेष: कुछ जैव-उर्वरक फसल अवशेष (जैसे पराली) को विघटित करते हैं।
- कार्बनिक पदार्थ: इससे मिट्टी में कार्बनिक पदार्थ एवं कार्बन की मात्रा बढ़ती है।
- मिट्टी की गुणवत्ता: मिट्टी की संरचना एवं उर्वरता में सुधार होता है।
भारत की प्रमुख उपलब्धियाँ एवं सरकारी योजनाएँ
PM-PRANAM योजना
- PM-PRANAM: PM Programme for Restoration, Awareness, Nourishment and Amelioration of Mother Earth
- उद्देश्य: राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को रासायनिक उर्वरकों की खपत कम करने हेतु प्रोत्साहित करती है।
- प्रोत्साहन: वैकल्पिक एवं जैव-उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा देती है।

तरल जैव-उर्वरक तकनीक (Liquid Bio-fertilizer Technology)
- तकनीक: भारत ने दीर्घ शेल्फ-लाइफ वाले तरल जैव-उर्वरक विकसित किए हैं।
- संग्रहण: इन्हें आसानी से संग्रहित किया जा सकता है।
- उपयोग: ड्रिप सिंचाई के माध्यम से भी उपयोग संभव है।

जैव-उर्वरकों के प्रमुख लाभ
मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार
- सूक्ष्मजीव: प्राकृतिक सूक्ष्मजीवों की संख्या बढ़ती है।
- उर्वरता: मिट्टी की उर्वरता एवं उत्पादकता बढ़ती है।
कम लागत वाली खेती
- लागत: रासायनिक उर्वरकों की तुलना में सस्ते।
- लाभार्थी: छोटे एवं सीमांत किसानों के लिए लाभकारी।
जल प्रदूषण में कमी
- नाइट्रेट लीचिंग: नाइट्रेट लीचिंग कम होती है।
- भूजल संरक्षण: भूजल प्रदूषण की संभावना घटती है।
यूरिया सब्सिडी में कमी
- निर्भरता: रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होती है।
- बचत: विदेशी मुद्रा एवं सरकारी सब्सिडी की बचत होती है।
पर्यावरण संरक्षण
- जैव विविधता: मिट्टी की जैव विविधता सुरक्षित रहती है।
- सतत कृषि: दीर्घकालिक सतत कृषि (Sustainable Agriculture) को बढ़ावा मिलता है।
जैव-उर्वरक बनाम रासायनिक उर्वरक
- आधार: जैव-उर्वरक जीवित सूक्ष्मजीवों पर आधारित होते हैं, जबकि रासायनिक उर्वरक रासायनिक तत्वों पर आधारित होते हैं।
- मृदा स्वास्थ्य: जैव-उर्वरक मिट्टी की उर्वरता बढ़ाते हैं, जबकि रासायनिक उर्वरक लंबे समय में मिट्टी की गुणवत्ता घटा सकते हैं।
- पर्यावरण प्रभाव: जैव-उर्वरक पूर्णतः पर्यावरण के अनुकूल हैं, जबकि रासायनिक उर्वरकों से प्रदूषण की संभावना अधिक होती है।
- लागत: जैव-उर्वरक कम लागत वाले होते हैं, जबकि रासायनिक उर्वरक अपेक्षाकृत महंगे होते हैं।
परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण तथ्य एवं Quick Revision
- जैव-उर्वरक: जीवित सूक्ष्मजीव आधारित उर्वरक।
- Rhizobium: Nitrogen Fixation (दलहनी पौधों की जड़ों में)।
- PSB: Phosphate Solubilizing Bacteria (अघुलनशील फॉस्फेट को घोलना)।
- VAM: Vesicular Arbuscular Mycorrhiza (जल एवं फॉस्फोरस अवशोषण कवक)।
- अपघटक सूक्ष्मजीव: फसल अवशेष (पराली) का विघटन।
- PM-PRANAM: रासायनिक उर्वरकों की खपत कम करने की योजना।
- PKVY: Paramparagat Krishi Vikas Yojana (जैविक एवं प्राकृतिक खेती)।
अभ्यास प्रश्न (Practice Questions)
1जैव-उर्वरकों को 'जैविक पोषक तत्व परिवर्तक' (Biological Nutrient Converter) क्यों कहा जाता है?
2निम्नलिखित में से कौन-सा जीवाणु दलहनी फसलों की जड़ों में रहकर नाइट्रोजन स्थिरीकरण (Nitrogen Fixation) करता है?
3PSB (Phosphate Solubilizing Bacteria) मिट्टी में अघुलनशील फॉस्फेट को घुलनशील बनाने के लिए क्या छोड़ते हैं?
4VAM (Vesicular Arbuscular Mycorrhiza) के संदर्भ में कौन-सा कथन सत्य है?
5'PM-PRANAM' योजना का पूरा नाम क्या है?
6भारत द्वारा विकसित तरल जैव-उर्वरक तकनीक (Liquid Bio-fertilizer Technology) की प्रमुख विशेषता क्या है?
7जैव-उर्वरकों के प्रयोग से निम्नलिखित में से किसमें कमी आती है?
8जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने तथा स्वदेशी जैव-इनपुट्स को प्रोत्साहित करने वाली योजना कौन-सी है?
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
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