राज्य सेवा परीक्षा 2026 तीन क्रमिक चरणों में संपन्न होगी:
- राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा — वस्तुनिष्ठ प्रश्न (O.M.R. शीट आधारित)
- राज्य सेवा मुख्य परीक्षा — लिखित / वर्णनात्मक
- साक्षात्कार
1. प्रारंभिक परीक्षा — परीक्षा पैटर्न
प्रारंभिक परीक्षा में वस्तुनिष्ठ (बहुविकल्पीय) प्रकार के दो प्रश्नपत्र होंगे:
| प्रश्नपत्र | विषय | अवधि | पूर्णांक |
|---|
| प्रथम प्रश्नपत्र | सामान्य अध्ययन | 2 घंटे | 300 |
| द्वितीय प्रश्नपत्र | सामान्य अभिरुचि परीक्षण | 2 घंटे | 300 |
प्रमुख नियम
- प्रारंभिक परीक्षा केवल मुख्य परीक्षा हेतु पात्रता निर्धारित करने (Eligibility Test) के रूप में ली जाती है। इसमें प्राप्त अंकों के आधार पर अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा हेतु योग्य/अर्ह घोषित किया जाता है। अंतिम चयन सूची केवल मुख्य परीक्षा तथा साक्षात्कार में प्राप्त अंकों के आधार पर बनाई जाएगी।
- दोनों प्रश्नपत्र वस्तुनिष्ठ (बहुविकल्पीय) होंगे। प्रत्येक प्रश्न के लिए चार संभावित उत्तर A, B, C और D में दिए जाएँगे, जिनमें से एक उत्तर सही होगा। अभ्यर्थी को OMR शीट में केवल एक उत्तर पर गोला काला कर चिह्नित करना होगा।
- प्रत्येक प्रश्नपत्र में 3-3 अंकों के 100 प्रश्न होंगे।
- ऋणात्मक मूल्यांकन (Negative Marking) लागू है — मूल्यांकन (3R − W) पद्धति से होगा, जहाँ R = सही उत्तरों की संख्या तथा W = गलत उत्तरों की संख्या है। प्रत्येक सही उत्तर पर 3 अंक दिए जाएँगे एवं प्रत्येक गलत उत्तर पर 1 अंक काटा जाएगा।
- प्रत्येक प्रश्नपत्र हिन्दी तथा अंग्रेजी दोनों में होगा। द्वितीय प्रश्नपत्र के बिन्दु क्रमांक 7 (“हिन्दी भाषा में बोधगम्यता कौशल”) के प्रश्न सिर्फ हिन्दी भाषा में होंगे।
- परीक्षा उपरांत आयोग की वेबसाइट https://mppsc.mp.gov.in पर मॉडल उत्तर कुंजी प्रकाशित होगी। आपत्तियाँ 05 दिवस की अवधि में निर्धारित शुल्क सहित केवल ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से प्रस्तुत की जा सकेंगी। 05 दिवस के पश्चात किसी भी अभ्यावेदन पर विचार नहीं किया जाएगा।
Qualifying Marks (प्रारंभिक → मुख्य परीक्षा)
मुख्य परीक्षा हेतु लघुसूचीकृत अभ्यर्थियों की संख्या कुल रिक्त पदों की संख्या के अधिकतम 20 गुना होगी। प्रवर्गवार समान अंक प्राप्त उम्मीदवारों को भी मुख्य परीक्षा हेतु अर्ह घोषित किया जाएगा।
| श्रेणी | न्यूनतम अर्हकारी प्रतिशत (प्रत्येक प्रश्नपत्र) |
|---|
| अनारक्षित (अनारक्षित महिला सहित) | 40% |
| अनुसूचित जाति / जनजाति / OBC / EWS / दिव्यांगजन | 30% |
विशेष: प्रारंभिक परीक्षा का द्वितीय प्रश्नपत्र केवल अर्हकारी स्वरूप का है। इसमें प्राप्त अंकों को प्रारंभिक परीक्षा-परिणाम हेतु गुणानुक्रम-निर्धारण में शामिल नहीं किया जाएगा। राज्य वन सेवा प्रारंभिक परीक्षा का पाठ्यक्रम राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा के समान ही है; परंतु राज्य वन सेवा की मेरिट सूची प्रथम व द्वितीय दोनों प्रश्नपत्रों के प्राप्तांकों को जोड़कर तैयार की जाएगी।
2. प्रारंभिक परीक्षा — पाठ्यक्रम
प्रथम प्रश्नपत्र — सामान्य अध्ययन
1. भारत का इतिहास
- संकल्पना एवं विचार — प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा, भारतवर्ष, वेद, उपनिषद्, आरण्यक, ब्राह्मण ग्रंथ, षड्दर्शन, स्मृतियाँ, ऋत सभा-समिति, गणतंत्र, वर्णाश्रम, पुरुषार्थ, ऋण संस्कार, पंचमहायज्ञ/यज्ञ, कर्म का सिद्धांत, बोधिसत्व, तीर्थंकर।
- प्राचीन एवं मध्यकालीन भारत के इतिहास की प्रमुख विशेषताएँ, घटनाएँ एवं उनकी प्रशासनिक, सामाजिक तथा आर्थिक व्यवस्थाएँ।
- भारत की सांस्कृतिक विरासत — कला प्रारूप, साहित्य, पर्व एवं उत्सव।
- 19वीं एवं 20वीं शताब्दी में सामाजिक तथा धार्मिक सुधार आंदोलन।
- स्वतंत्रता संघर्ष एवं भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन।
- स्वतंत्रता के पश्चात् भारत का एकीकरण एवं पुनर्गठन।
2. मध्यप्रदेश का इतिहास, संस्कृति एवं साहित्य
- मध्यप्रदेश के इतिहास की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ, प्रमुख राजवंश।
- स्वतंत्रता आंदोलन में मध्यप्रदेश का योगदान।
- मध्यप्रदेश की प्रमुख कला एवं स्थापत्य कला।
- मध्यप्रदेश की प्रमुख जनजातियाँ एवं उनकी बोलियाँ।
- मध्यप्रदेश के प्रमुख त्योहार, लोक संगीत, लोक कलाएँ एवं लोक-साहित्य।
- मध्यप्रदेश के प्रमुख साहित्यकार एवं उनकी कृतियाँ।
- मध्यप्रदेश के प्रमुख धार्मिक, सांस्कृतिक एवं पुरातात्विक पर्यटन स्थल।
- मध्यप्रदेश में विश्व धरोहर स्थल।
- मध्यप्रदेश के प्रमुख जनजातीय व्यक्तित्व।
3. भारत का भूगोल
- पर्वत, पहाड़ियाँ, पठार, नदियाँ और झीलें।
- जलवायु घटनाएँ — अल-नीनो, ला-नीना, दक्षिणी दोलन, पश्चिमी विक्षोभ, जलवायु परिवर्तन के परिणाम।
- प्राकृतिक संसाधन — वन, खनिज, जल संसाधन।
- प्रमुख फसलें, खाद्य सुरक्षा, हरित क्रांति, दूसरी हरित क्रांति की रणनीतियाँ।
- ऊर्जा के पारंपरिक और गैर-पारंपरिक स्रोत।
- भारत में प्राकृतिक खतरे और आपदाएँ, भारत में प्रमुख चक्रवात।
- जनसंख्या वृद्धि, वितरण एवं घनत्व, ग्रामीण-नगरीय प्रवास।
4. मध्यप्रदेश का भूगोल
- वन, वनोपज, नदियाँ, पहाड़ियाँ और पठार।
- जलवायु — ऋतुएँ, तापमान, वर्षा।
- प्राकृतिक संसाधन — मिट्टियाँ, प्रमुख खनिज संसाधन।
- प्रमुख फसलें, जल संसाधन, सिंचाई और सिंचाई परियोजनाएँ।
- ऊर्जा के पारंपरिक और गैर-पारंपरिक स्रोत।
- मध्यप्रदेश के प्रमुख उद्योग।
- जनसंख्या वृद्धि, वितरण एवं घनत्व, नगरीकरण।
5. भारत एवं मध्यप्रदेश की संवैधानिक व्यवस्था
- संविधान सभा।
- संघीय कार्यपालिका, राष्ट्रपति एवं संसद।
- सर्वोच्च न्यायालय एवं न्यायिक व्यवस्था।
- संवैधानिक संशोधन।
- नागरिकों के मौलिक अधिकार, कर्तव्य एवं राज्य के नीति-निदेशक सिद्धांत।
- राष्ट्रीय एवं प्रादेशिक संवैधानिक/सांविधिक आयोग एवं संस्थाएँ।
- मध्यप्रदेश की संवैधानिक व्यवस्था (राज्यपाल, मंत्रिमंडल, विधानसभा, उच्च न्यायालय)।
- मध्यप्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायतीराज एवं नगरीय प्रशासन व्यवस्था।
- मध्यप्रदेश में सुशासन (अभिशासन व्यवस्था)।
6. भारत एवं मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था
- भारतीय अर्थव्यवस्था में मध्यप्रदेश की वर्तमान स्थिति।
- मध्यप्रदेश की जनसंख्या व मानवीय संसाधनों का विकास — शिक्षा, स्वास्थ्य एवं कौशल।
- सतत् विकास लक्ष्यों में मध्यप्रदेश की प्रगति।
- मध्यप्रदेश में कृषि, उद्योग, एम.एस.एम.ई. एवं अधोसंरचना का विकास।
- आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश, एक जिला एक उत्पाद (ODOP)।
- मध्यप्रदेश में बौद्धिक संपदा अधिकारों (IPR) की प्रगति।
- भारतीय अर्थव्यवस्था की नवीन प्रवृत्तियाँ — कृषि, उद्योग एवं सेवा क्षेत्र।
- वित्तीय संस्थाएँ — रिजर्व बैंक, वाणिज्यिक बैंक, सेबी, गैर बैंकिंग वित्तीय संस्थाएँ।
- भारत की विदेशी व्यापार की नीतियाँ — जी-20, सार्क तथा एशियान।
7. विज्ञान, पर्यावरण एवं स्वास्थ्य
- विज्ञान की प्रमुख शाखाओं का प्रारंभिक ज्ञान।
- भारत के प्रमुख वैज्ञानिक संस्थान एवं उनकी उपलब्धियाँ।
- उपग्रह एवं अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियाँ।
- मानव शरीर संरचना।
- पोषण, आहार, पोषक तत्व एवं कुपोषण।
- अनुवांशिक रोग, सिकल सेल एनीमिया — कारण, प्रभाव, निदान एवं कार्यक्रम।
- स्वास्थ्य नीति एवं कार्यक्रम, संक्रामक रोग, उनकी रोकथाम एवं स्वास्थ्य सूचक।
- सतत् विकास की अवधारणा एवं एस.डी.जी.।
- पर्यावरण कारक, पारिस्थितिकीय तंत्र एवं जैव-विविधता।
- प्रदूषण, प्राकृतिक आपदाएँ एवं प्रबंधन।
8. अंतर्राष्ट्रीय, राष्ट्रीय एवं मध्यप्रदेश की समसामयिक घटनाएँ
- अंतर्राष्ट्रीय समसामयिक घटनाएँ।
- राष्ट्रीय समसामयिक घटनाएँ।
- मध्यप्रदेश की समसामयिक घटनाएँ।
9. सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी
- कंप्यूटर का आधारभूत ज्ञान।
- इलेक्ट्रॉनिकी, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी।
- रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलीजेन्स एवं साइबर सिक्यूरिटी।
- ई-गवर्नेंस।
- इंटरनेट तथा सोशल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म्स।
10. मध्यप्रदेश की जनजातियाँ — विरासत, लोक संस्कृति एवं लोक साहित्य
- मध्यप्रदेश में जनजातियों का भौगोलिक विस्तार, जनजातियों से संबंधित संवैधानिक प्रावधान।
- मध्यप्रदेश की प्रमुख जनजातियाँ, विशेष पिछड़ी जनजातियाँ एवं घुमन्तू जातियाँ (PVTG), जनजातियों के कल्याण के लिए योजनाएँ।
- मध्यप्रदेश की जनजातीय संस्कृति — परम्पराएँ, विशिष्ट कलाएँ, त्योहार, उत्सव, भाषा, बोली एवं साहित्य।
- मध्यप्रदेश की जनजातियों का भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान एवं राज्य के प्रमुख जनजातीय व्यक्तित्व, मध्यप्रदेश में जनजातियों से संबंधित प्रमुख संस्थान, संग्रहालय, प्रकाशन।
- मध्यप्रदेश की लोक संस्कृति एवं लोक साहित्य।
द्वितीय प्रश्नपत्र — सामान्य अभिरुचि परीक्षण
- बोधगम्यता।
- जीवन शैली, प्रतिबल।
- संचार कौशल।
- तार्किक कौशल एवं विश्लेषणात्मक क्षमता।
- निर्णय लेना एवं समस्या समाधान।
- सामान्य मानसिक योग्यता।
- आधारभूत संख्यायन (संख्याएँ एवं उनके संबंध, विस्तार क्रम आदि — दसवीं कक्षा का स्तर); आँकड़ों का निर्वचन (चार्ट, ग्राफ, तालिका, आँकड़ों की पर्याप्तता आदि — दसवीं कक्षा का स्तर)।
- हिन्दी भाषा में बोधगम्यता कौशल (दसवीं कक्षा का स्तर)।
टिप्पणी: हिन्दी भाषा बोधगम्यता कौशल से संबंधित प्रश्न दसवीं कक्षा के स्तर के होंगे एवं इनका परीक्षण प्रश्नपत्र में केवल हिन्दी भाषा के उद्धरणों के माध्यम से, अंग्रेजी अनुवाद उपलब्ध कराए बिना किया जाएगा।
3. मुख्य परीक्षा — परीक्षा योजना
मुख्य परीक्षा में कुल 06 वर्णनात्मक प्रश्नपत्र होंगे। सभी प्रश्नपत्र अनिवार्य हैं।
| प्रश्नपत्र | खंड | विषय | पूर्णांक | अवधि | माध्यम |
|---|
| सामान्य अध्ययन – प्रथम | (अ) | इतिहास | 150 | 03 घंटे | हिन्दी अथवा अंग्रेजी |
| (ब) | भूगोल | 150 |
| सामान्य अध्ययन – द्वितीय | (अ) | राजनीति विज्ञान | 150 | 03 घंटे | हिन्दी अथवा अंग्रेजी |
| (ब) | समाजशास्त्र | 150 |
| सामान्य अध्ययन – तृतीय | (अ) | अर्थशास्त्र | 150 | 03 घंटे | हिन्दी अथवा अंग्रेजी |
| (ब) | विज्ञान, तकनीकी एवं जन स्वास्थ्य | 150 |
| सामान्य अध्ययन – चतुर्थ | (अ) | दर्शनशास्त्र, मनोविज्ञान, लोक प्रशासन एवं केस स्टडी | 150 | 03 घंटे | हिन्दी अथवा अंग्रेजी |
| (ब) | उद्यमिता, प्रबंधन, व्यक्तित्व विकास एवं केस स्टडी | 150 |
| पंचम प्रश्नपत्र | — | सामान्य हिन्दी एवं व्याकरण | 200 | 02 घंटे | हिन्दी |
| षष्ठ प्रश्नपत्र | — | हिन्दी निबंध एवं प्रारूप लेखन | 100 | 02:30 घंटे | हिन्दी |
| कुल योग | 1500 | |
- साक्षात्कार: 185 अंक
- कुल अंक: 1685 अंक
अंक विभाजन — सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र I, II एवं III (प्रत्येक खंड अ व ब)
सामान्य अध्ययन प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय प्रश्नपत्र के दोनों खंडों ('अ' तथा 'ब') में अभ्यर्थी हिन्दी अथवा अंग्रेजी भाषा में उत्तर लिख सकेंगे। प्रत्येक खंड का स्वरूप:
| प्रश्नों का स्वरूप | प्रश्नों की संख्या | अंक (प्रति प्रश्न) | अधिकतम शब्द (प्रति प्रश्न) | पूर्णांक |
|---|
| अति लघुत्तरीय | 15 | 02 | 20 | 30 |
| लघुत्तरीय | 10 | 07 | 60 | 70 |
| दीर्घ उत्तरीय | 05 | 10 | 200 | 50 |
| योग | 30 प्रश्न | | | 150 अंक |
अंक विभाजन — सामान्य अध्ययन चतुर्थ प्रश्नपत्र (प्रत्येक खंड अ व ब)
| प्रश्नों का स्वरूप | प्रश्नों की संख्या | अंक (प्रति प्रश्न) | अधिकतम शब्द (प्रति प्रश्न) | पूर्णांक |
|---|
| अति लघुत्तरीय | 16 | 02 | 20 | 32 |
| लघुत्तरीय | 08 | 07 | 60 | 56 |
| दीर्घ उत्तरीय | 04 | 11 | 200 | 44 |
| केस स्टडी | 01 | 18 | यथा निर्देशित | 18 |
| योग | 29 प्रश्न | | | 150 अंक |
पंचम एवं षष्ठ प्रश्नपत्र संबंधी निर्देश
- पंचम प्रश्नपत्र (सामान्य हिन्दी एवं व्याकरण): केवल हिन्दी माध्यम, 200 अंक, 02 घंटे।
- षष्ठ प्रश्नपत्र (हिन्दी निबंध एवं प्रारूप लेखन): केवल हिन्दी माध्यम, 100 अंक, 02:30 घंटे।
षष्ठ प्रश्नपत्र — प्रश्नों का विवरण
| क्र. | प्रश्न | प्रश्नों की संख्या | अधिकतम शब्द | पूर्णांक |
|---|
| 01 | प्रथम निबंध | 01 | 1000 | 50 |
| 02 | द्वितीय निबंध | 01 | 500 | 20 |
| 03 | प्रारूप लेखन | 01 | 500 | 15 |
| 04 | प्रतिवेदन | 01 | 250 | 15 |
| योग | | | 100 |
मुख्य परीक्षा अर्हता अंक
मुख्य परीक्षा के प्रत्येक प्रश्नपत्रमें (खंड 'अ' तथा 'ब' दोनों को मिलाकर):
- अनारक्षित (अनारक्षित महिला सहित): न्यूनतम 40%
- अनुसूचित जाति / जनजाति / OBC / EWS / दिव्यांगजन: न्यूनतम 30%
साक्षात्कार हेतु विज्ञापित पदों के श्रेणीवार 03 गुना तथा समान अंक प्राप्त अभ्यर्थियों को शामिल किया जाएगा।
4. मुख्य परीक्षा — विस्तृत पाठ्यक्रम
प्रथम प्रश्नपत्र, खंड (अ) — इतिहास
इकाई-1
- भारतीय इतिहास — हड़प्पा सभ्यता से 10वीं शताब्दी तक भारत का राजनैतिक, आर्थिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक इतिहास।
- 11वीं से 18वीं शताब्दी तक भारत का राजनैतिक, आर्थिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक इतिहास।
- सल्तनत एवं मुगल शासक और उनका प्रशासन एवं मध्यकालीन संस्कृति का अभ्युदय।
इकाई-2
- प्रागैतिहासिक एवं आद्य-ऐतिहासिक मध्यप्रदेश। मध्यप्रदेश के प्रमुख राजवंश — गर्दभिल्ल वंश, नागवंश, औलिंकर, परिव्राजक राजवंश, उच्च कल्प वंश, गुर्जर-प्रतिहार, कल्चुरी, चंदेल, परमार, तोमर, गोंडवंश, कच्छपघात वंश।
इकाई-3
- ब्रिटिश शासन का भारतीय अर्थव्यवस्था एवं समाज पर प्रभाव।
- ब्रिटिश उपनिवेश के प्रति भारतीयों की प्रतिक्रिया — कृषक एवं जनजातियों का विद्रोह, प्रथम स्वतंत्रता आंदोलन/संग्राम। भारतीय पुनर्जागरण — राष्ट्रीय स्वतंत्रता आंदोलन एवं इसके नेतृत्वकर्ता।
- मध्यप्रदेश में स्वतंत्रता आंदोलन।
इकाई-4
- गणतंत्र के रूप में भारत का उदय, राज्यों का पुनर्गठन, मध्यप्रदेश राज्य के रूप में गठन, स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात् की प्रमुख घटनाएँ।
- भारतीय सांस्कृतिक विरासत (मध्यप्रदेश के विशेष संदर्भ में) — प्राचीन काल से आधुनिक काल तक विभिन्न कला प्रारूपों, साहित्य, पर्व (उत्सव) एवं वास्तुकला के प्रमुख पक्ष।
- म.प्र. में विश्व धरोहर स्थल एवं पर्यटन।
इकाई-5
- मध्यप्रदेश की प्रमुख रियासतें — गोंडवाना, बुंदेली, बघेली, होल्कर, सिंधिया एवं भोपाल रियासत (स्वतंत्रता प्राप्ति तक)।
- मध्यप्रदेश के जनजातीय नायकों का संघर्ष एवं इतिहास में योगदान — राजा शंकरशाह, रघुनाथ शाह, रानी दुर्गावती, भीमाजी नायक, खाज्यानायक, टंट्या भील, गंजनसिंह कोरकू, बादल भोई, पेमा फाल्या।
प्रथम प्रश्नपत्र, खंड (ब) — भूगोल
इकाई-1 भारत का भौतिक स्वरूप एवं जलवायु
- प्राचीन भारत में भौगोलिक ज्ञान।
- भारत के प्रमुख भू-आकृतिक (भौतिक) विभाग — हिमालय पर्वत, उत्तर भारत का विशाल मैदान, प्रायद्वीपीय पठार।
- प्रमुख पहाड़ियाँ, पठार, नदियाँ और झीलें।
- भारत में मिट्टियाँ — प्रकार एवं वितरण।
- जलवायु — ऋतुएँ, तापमान, वर्षा, मानसून की उत्पत्ति, ऊपरी वायु परिसंचरण — जेट स्ट्रीम।
- जलवायु घटनाएँ — अल-नीनो, ला-नीना, दक्षिणी दोलन, पश्चिमी विक्षोभ, हिंद महासागर द्विध्रुव, जलवायु परिवर्तन के परिणाम।
इकाई-2 भारत — कृषि एवं जल संसाधन
- कृषि — प्रमुख फसलें और श्रीअन्न (मोटे अनाज), उनका उत्पादन और वितरण।
- सिंचाई — सिंचाई तकनीकों के प्रकार, सिंचाई के स्रोत और बहुउद्देशीय परियोजनाएँ।
- खाद्य सुरक्षा, हरित क्रांति, द्वितीय हरित क्रांति और सतत् कृषि के लिए रणनीतियाँ।
- जल संसाधनों का संरक्षण और संवर्धन, वर्षा जल संचयन, जल संरक्षण के तरीके, नदियों को आपस में जोड़ना, राष्ट्रीय जल नीति।
इकाई-3 भारत — प्राकृतिक संसाधन एवं उद्योग
- वन संसाधन, इनके प्रकार और वितरण।
- प्रमुख खनिज और ऊर्जा संसाधन।
- ऊर्जा संकट और ऊर्जा के गैर-पारंपरिक स्रोत।
- प्रमुख उद्योग — लोहा और इस्पात, सीमेंट, कागज, शक्कर, सूती वस्त्र उद्योग।
- प्रमुख खाद्य प्रसंस्करण उद्योग।
इकाई-4 आपदाएँ और तकनीकें
- भारत में प्राकृतिक खतरे और आपदाएँ — भूकंप, सुनामी, सूखा, बाढ़, ओलावृष्टि, कोहरा, बादल फटना, तड़ित झंझा, भारत में उष्णकटिबंधीय चक्रवात।
- पर्यावरण प्रदूषण — वायु, जल, मिट्टी या भूमि प्रदूषण एवं उनका रोकथाम, नियंत्रण और प्रबंधन, प्रदूषण को कम करने के उपाय।
- भारत में जनसंख्या वृद्धि, संसाधनों पर जनसंख्या का दबाव, ग्रामीण-शहरी प्रवास।
- भूगोल में उन्नत तकनीकें — सुदूर संवेदन, भौगोलिक सूचना प्रणाली (GIS), भौगोलिक स्थिति निर्धारण प्रणाली (GPS) तथा इनके अनुप्रयोग; उपग्रहों के प्रकार।
इकाई-5 मध्यप्रदेश का भूगोल
- प्रमुख भू-आकृतिक (भौतिक) विभाग — मालवा का पठार, मध्य भारत का पठार, बुन्देलखण्ड पठार, विंध्याचल श्रेणी, बघेलखंड पठार, नर्मदा-सोन घाटी, Satpura Range.
- प्रमुख नदियाँ और उनकी सहायक नदियाँ।
- जलवायु — ऋतुएँ, तापमान, वर्षा।
- मध्यप्रदेश की मिट्टियाँ — प्रकार एवं वितरण, मृदा अपरदन एवं मृदा संरक्षण।
- प्राकृतिक वनस्पति — वनों के प्रकार और वितरण, प्रमुख वनोपज।
- प्रमुख फसलें, सिंचाई एवं सिंचाई परियोजनाएँ।
- प्रमुख खनिज और ऊर्जा संसाधन, ऊर्जा के गैर-पारंपरिक स्रोत।
- प्रमुख उद्योग, लघु एवं कुटीर उद्योग।
- जनसंख्या वृद्धि, वितरण और घनत्व, नगरीकरण।
द्वितीय प्रश्नपत्र, खंड (अ) — संविधान, शासन व्यवस्था, राजनैतिक एवं प्रशासनिक संरचना
इकाई-1
- भारतीय संविधान — निर्माण, विशेषताएँ, मूल ढाँचा एवं प्रमुख संशोधन।
- वैचारिक तत्व — उद्देशिका, मूल अधिकार, मूल कर्तव्य एवं राज्य के नीति-निदेशक तत्व।
- संघवाद — केन्द्र-राज्य संबंध, उच्चतम न्यायालय, उच्च न्यायालय, न्यायिक पुनरावलोकन, न्यायिक सक्रियता, लोक अदालत एवं जनहित याचिका।
इकाई-2
- भारत निर्वाचन आयोग, नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक, संघ लोक सेवा आयोग, मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग एवं नीति आयोग।
- भारतीय राजनीति में जाति, धर्म, वर्ग, नृजातीयता, भाषा एवं लिंग की भूमिका, राजनीतिक दल एवं मतदान व्यवहार, Civil Society एवं जन आंदोलन, राष्ट्रीय अखंडता तथा सुरक्षा से जुड़े मुद्दे।
इकाई-3
- लोकतंत्र की विशेषताएँ — राजनीतिक प्रतिनिधित्व, निर्णय प्रक्रिया में नागरिकों की भागीदारी।
- समुदाय आधारित संगठन (CBO), गैर सरकारी संगठन (NGO) एवं स्व-सहायता समूह (SHG)।
- मीडिया की भूमिका एवं समस्याएँ (इलेक्ट्रॉनिक, प्रिन्ट एवं सोशल मीडिया)।
- भारतीय राजनीतिक विचारक — कौटिल्य, देवी अहिल्याबाई होल्कर, महात्मा गाँधी, जवाहरलाल नेहरु, सरदार वल्लभ भाई पटेल, राममनोहर लोहिया, डॉ. भीमराव आम्बेडकर, पंडित दीनदयाल उपाध्याय, जयप्रकाश नारायण।
इकाई-4
- राज्यों का पुनर्गठन 1956 तथा मध्यप्रदेश का निर्माण, मध्यप्रदेश का विभाजन (2000)।
- राज्यपाल — नियुक्ति, शक्ति, स्थिति; मुख्यमंत्री एवं मंत्रिपरिषद — संगठन, कार्य एवं भूमिका।
- मध्यप्रदेश की विधानसभा — संगठन एवं शक्तियाँ, अध्यक्ष की भूमिका, विपक्ष की भूमिका।
- मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय — संगठन, क्षेत्राधिकार एवं भूमिका।
- जवाबदेही एवं अधिकार — प्रतिस्पर्धा आयोग, अनुसूचित जाति आयोग, अनुसूचित जनजाति आयोग, पिछड़ा वर्ग आयोग, केन्द्रीय सतर्कता आयोग, मानव अधिकार आयोग, सूचना आयोग, उपभोक्ता फोरम, बाल आयोग, महिला आयोग।
इकाई-5
- मध्यप्रदेश का प्रशासन — सचिवालय, मुख्य सचिव, सचिव तथा आयुक्त, मध्यप्रदेश में जिला प्रशासन, जिलाधीश की भूमिका।
- मध्यप्रदेश में ग्रामीण स्थानीय स्वशासन — पंचायतीराज संगठन एवं शक्तियाँ; शहरी स्थानीय स्वशासन — संगठन एवं शक्तियाँ; स्थानीय स्वशासन में वित्त, नौकरशाही एवं स्वायत्तता का महत्व।
- मध्यप्रदेश का राजनीतिक परिदृश्य — जनजातीय, पिछड़े एवं वंचित वर्ग का उत्थान एवं नक्सली समस्या से जुड़े मुद्दे।
- मध्यप्रदेश की राजनीति में महिलाओं का योगदान।
- मध्यप्रदेश की राजनीति में समसामयिक मुद्दे।
द्वितीय प्रश्नपत्र, खंड (ब) — समाजशास्त्र
इकाई-1 समाजशास्त्र की आधारभूत अवधारणा
- समाज की भारतीय संकल्पना — कुटुम्ब, परिवार, नातेदारी, वंश, गोत्र परंपरा।
- समुदाय, संस्था, संघ, संस्कृति, मानदंड और मूल्य।
- सामाजिक समरसता के तत्व, सभ्यता एवं संस्कृति की अवधारणा, भारतीय संस्कृति की विशेषताएँ।
- सामाजिक संस्थाएँ — परिवार, शिक्षा, धर्म, वर्ण, ऋण, यज्ञ, संस्कार।
- अनुष्ठान — विभिन्न संदर्भ, जाति व्यवस्था, आश्रम, पुरुषार्थ, समाज और विवाह पर धर्म एवं संप्रदायों का प्रभाव।
इकाई-2 भारतीय समाज में विविधता और चुनौतियाँ
- भारतीय समाज की संकल्पना — भारत के लोग, विविधता में एकता।
- cultural diversity — क्षेत्रीय, भाषायी, धार्मिक और जनजातीय।
- अपराध का बदलता परिदृश्य — नशीली दवाओं की लत, आत्महत्या, साइबर अपराध, महिलाओं के प्रति अपराध एवं घरेलू हिंसा।
- वर्तमान बहस — भारत में परंपरा और आधुनिकता।
- राष्ट्र निर्माण की समस्याएँ — धर्मनिरपेक्षता, बहुलवाद और राष्ट्र निर्माण।
इकाई-3 ग्रामीण एवं नगरीय समाजशास्त्र
- ग्रामीण समाज के अध्ययन के उपागम — ग्रामीण-शहरी अंतर, ग्रामीणवाद और नगरवाद।
- किसान अध्ययन, 73वें संशोधन से पहले और बाद में पंचायती राज व्यवस्था, ग्रामीण नेतृत्व, गुटबाजी, लोक सशक्तीकरण।
- ग्रामीण विकास के सामाजिक मुद्दे और रणनीतियाँ — बंधुआ और प्रवासी मजदूर, ग्रामीण समाज में बदलाव के रुझान।
- नगरीय समुदाय की विशेषताएँ, नगरीय समुदाय में परिवर्तन, नगरीकरण के कारण एवं प्रभाव।
- नगर नियोजन की अवधारणा, नगर नियोजन को प्रभावित करने वाले कारक, भारत में नगरीय प्रबंध की समस्याएँ।
इकाई-4 औद्योगीकरण, वैश्वीकरण, सामाजिक विकास और जनसंख्या
- भारत में औद्योगीकरण और सामाजिक परिवर्तन — परिवार, शिक्षा, स्तरीकरण पर प्रभाव; औद्योगिक समाज में वर्ग और वर्ग संघर्ष।
- वैश्वीकरण की चुनौतियाँ, समाजशास्त्र का भारतीयकरण, शिक्षा का निजीकरण।
- सामाजिक संरचना और विकास, सुविधाप्रदाता, अवरोधक, विकास और सामाजिक-आर्थिक असमानताएँ।
- संस्कृति और विकास — सहायक/बाधक के रूप में संस्कृति, उत्तर-आधुनिकीकरण, पश्चिमीकरण।
- भारत में जनसंख्या वृद्धि और वितरण — 1901 से वृद्धि, कारण और प्रभाव।
- अवधारणाएँ — प्रजनन क्षमता, मृत्यु दर, रुग्णता, प्रवास, आयु और लिंग संरचना।
इकाई-5 मानव संसाधन विकास और सामाजिक कल्याण की योजनाएँ
- राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 — विजन, सिद्धांत, स्कूली शिक्षा, उच्च शिक्षा, व्यावसायिक शिक्षा, ऑनलाइन और डिजिटल शिक्षा, वयस्क शिक्षा और जीवन-पर्यन्त सीखना।
- सामाजिक वर्गों और उनके कल्याण कार्यक्रमों से संबंधित मुद्दे — वरिष्ठ नागरिक, बच्चे, महिलाएँ, विशेषाधिकार प्राप्त वर्ग और विकासात्मक परियोजनाओं से उत्पन्न विस्थापित समूह, बालिकाओं की शिक्षा से जुड़े मुद्दे।
- सामुदायिक विकास कार्यक्रम, विस्तार शिक्षा, पंचायती राज, सामुदायिक विकास में गैर सरकारी संगठनों (NGO) की भूमिका।
- मध्यप्रदेश में जनजातियों की स्थिति एवं उनकी सामाजिक संरचना, रीति-रिवाज, विश्वास, विवाह, नातेदारी, धार्मिक विश्वास, परंपराएँ, त्योहार एवं उत्सव।
- मध्यप्रदेश की लोक संस्कृति एवं लोक साहित्य।
तृतीय प्रश्नपत्र, खंड (अ) — अर्थशास्त्र
इकाई-1 भारतीय अर्थव्यवस्था के मौलिक पहलू
- भारतीय अर्थव्यवस्था की प्रमुख विशेषताएँ।
- विकसित भारत @2047।
- कृषि, उद्योग और सेवा क्षेत्र का क्षेत्रीय योगदान।
- राष्ट्रीय आय की विभिन्न अवधारणाएँ।
- प्रमुख फसलें और फसल पैटर्न।
- चुनौतियाँ — घटती उत्पादकता, किसान संकट और मौसम पर निर्भरता।
- सरकारी पहल — पीएम-किसान, एनएमएसए (NMSA) और विभिन्न योजनाएँ।
- कृषि मूल्य नीति, विपणन और वित्त।
- मूल्य संवर्धन के लिए कृषि स्टार्ट-अप और कृषि-प्रसंस्करण।
- भारत में औद्योगिक नीतियां और औद्योगिक विकास।
- विनिर्माण और बुनियादी ढांचा — मेक इन इंडिया और बुनियादी ढांचा परियोजनाएं।
- आतिथ्य और पर्यटन — विदेशी मुद्रा आय में योगदान।
- भारत में वस्तुओं और सेवाओं का मानकीकरण।
इकाई-2 कराधान एवं नीति परिदृश्य
- राजकोषीय नीति — सार्वजनिक व्यय, राजस्व, कराधान और घाटा प्रबंधन।
- भारत में मौद्रिक नीति और वित्तीय समावेशन।
- अनौपचारिक अर्थव्यवस्था पर नकद लेनदेन का प्रभाव।
- खाद्य सुरक्षा और सार्वजनिक वितरण प्रणाली।
- गरीबी, बेरोजगारी और क्षेत्रीय असंतुलन।
- भारत का विदेश व्यापार — मूल्य, संरचना और दिशा।
- निर्यात प्रोत्साहन, आयात प्रतिस्थापन और विदेशी पूंजी।
- अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों की भूमिका — आईएमएफ, विश्व बैंक, एडीबी और डब्ल्यूटीओ।
इकाई-3 मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था का अवलोकन
- राज्य घरेलू उत्पाद और प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि; आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश (ANMP); एक जिला एक उत्पाद (ODOP)।
- प्रमुख फसलें, फसल पैटर्न और जोत।
- खाद्य सुरक्षा, वितरण प्रणाली और भंडारण।
- उद्यानिकी, पशुधन, डेयरी और मत्स्य पालन।
- औद्योगिक क्षेत्र की स्थिति, बुनियादी ढांचे का विकास।
- एमएसएमई और पारंपरिक उद्योगों का विकास और सहायता।
- मध्यप्रदेश में ग्रामीण और शहरी विकास; जनजातीय अर्थव्यवस्था — खेती के तरीके, प्रमुख वनोपज, हस्तशिल्प और हाट बाजार।
- पर्यटन, व्यापार और निवेश प्रोत्साहन।
इकाई-4 मध्यप्रदेश में सामाजिक एवं आर्थिक विकास
- स्वास्थ्य बुनियादी ढांचा, शिक्षा और कौशल विकास।
- प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन के लिए नीतियां — वन, जल और खनिज।
- वित्तीय और सामाजिक समावेशन और कल्याणकारी योजनाएं।
- मध्यप्रदेश की जनसांख्यिकी का प्रभाव।
- मानव संसाधनों की उत्पादकता और रोजगार।
- मध्यप्रदेश में बौद्धिक संपदा अधिकारों (IPR) की प्रगति।
- राज्य का राजस्व, व्यय, ऋण और वित्तीय अनुशासन।
इकाई-5 सांख्यिकी, समंक विश्लेषण और प्रायिकता
- आँकड़ों के संग्रह की तकनीकें।
- माध्य, माध्यिका और बहुलक — गणना और व्याख्या।
- डेटा विश्लेषण के प्रकार — वर्णनात्मक बनाम आनुमानिक।
- प्रतिदर्शन तकनीकें।
- डेटा प्रस्तुतिकरण की तकनीकें — तालिकाएँ, चार्ट, ग्राफ़।
- प्रायिकता की बुनियादी अवधारणाएँ।
तृतीय प्रश्नपत्र, खंड (ब) — विज्ञान, तकनीकी एवं जन स्वास्थ्य
इकाई-1 सामान्य विज्ञान
- विज्ञान के सरल अनुप्रयोग।
- सूक्ष्मजीव — संरचना और प्रकार, तथा जैविक खेती।
- कोशिका — संरचना, प्रकार, विभाजन और कार्य; जंतुओं और पौधों का वर्गीकरण।
- पौधों, जंतुओं और मनुष्यों में पोषण; संतुलित आहार, विटामिन, कमी से होने वाले रोग, हार्मोन; मानव शरीर के अंग — संरचना और कार्यप्रणाली।
- जैव प्रौद्योगिकी — परिभाषा और स्वास्थ्य एवं चिकित्सा, कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, उद्योग और पर्यावरण जैसे क्षेत्रों में इसके उपयोग।
- नृविज्ञान का अनुप्रयोग।
- आर्यभट्ट, वराहमिहिर, ब्रह्मगुप्त और भास्कर प्रथम एवं द्वितीय का खगोल विज्ञान में योगदान; प्राचीन और आधुनिक वेधशालाओं की प्रारंभिक जानकारी।
- पेटेंट और बौद्धिक संपदा अधिकार (TRIPS, TRIMS)।
इकाई-2 कंप्यूटर विज्ञान एवं गणितीय विज्ञान
कंप्यूटर विज्ञान
- कंप्यूटर के प्रकार, विशेषताएं और पीढ़ी।
- मेमोरी, इनपुट और आउटपुट डिवाइस, स्टोरेज डिवाइस, सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर, ऑपरेटिंग सिस्टम, विंडोज, माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस का उपयोग।
- कंप्यूटर भाषाओं का बुनियादी ज्ञान (C, C++, Java), अनुवादक, दुभाषिए और असेंबलर।
- इंटरनेट और ई-मेल।
- सोशल मीडिया।
- ई-गवर्नेंस।
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लाउड कंप्यूटिंग, विभिन्न उपयोगी पोर्टल, वेबसाइट और वेबपेज का बुनियादी ज्ञान।
गणितीय विज्ञान
- संख्याएं और उनके प्रकार, इकाई मापन की विधियां, समीकरण और गुणनखंड, लाभ-हानि, प्रतिशत, साधारण और चक्रवृद्धि ब्याज, अनुपात-समानुपात।
- ज्यामितीय आकृतियों का क्षेत्रफल, आयतन और पृष्ठीय क्षेत्रफल।
इकाई-3 आयुष एवं आयुर्वेद
- आयुष — आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध, सोवा-रिग्पा के बुनियादी सिद्धांत, और होम्योपैथिक उपचार के बुनियादी सिद्धांत।
- एक राष्ट्र एक स्वास्थ्य प्रणाली / नीति-2030।
- आयुर्वेद — त्रिदोष, पंचमहाभूत (आकाश, वायु, अग्नि, जल, पृथ्वी), दिनचर्या, ऋतुचर्या, पंचकर्म का बुनियादी ज्ञान; जैविक घड़ी।
- केंद्र, राज्य, जिला और ग्राम स्तर पर आयुष सहित स्वास्थ्य प्रबंधन; राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति (NHP) और राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति में आयुर्वेद का दायरा।
- योग — पंचकोश सिद्धांतों का प्रारंभिक ज्ञान, अष्टांग योग, षटकर्म, मुद्रा। प्राकृतिक चिकित्सा — मिट्टी के उपचार, सूर्य स्नान, जल चिकित्सा और इसके प्रकारों का चिकित्सीय प्रभाव।
- षोडश संस्कार — नामकरण, निष्क्रमण, कर्णवेध आदि का सामान्य ज्ञान और इसका वैज्ञानिक महत्व।
इकाई-4 लोक स्वास्थ्य कार्यक्रम
- राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम — स्वास्थ्य स्वच्छता और रोग, कुष्ठ रोग (NLEP), एड्स (NACP), अंधापन (NPCB), पोलियो, राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम, वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम, प्रजनन और बाल स्वास्थ्य (RCH) कार्यक्रम, एकीकृत बाल विकास योजना (ICDS), सार्वभौमिक और राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम, राष्ट्रीय आयुष मिशन (NAM), राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS)।
- स्वच्छ भारत मिशन, आयुष्मान भारत योजना, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NRHM and NUHM), मध्यप्रदेश में मातृ मृत्यु दर।
- विभिन्न बायोमार्कर जैसे हेमेटोलॉजी, बायोकैमिस्ट्री, सेरोलॉजी की सामान्य श्रेणी।
- प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल — सिद्धांत और तत्व, स्वास्थ्य देखभाल के स्तर, गांव और उप-केंद्र पर संरचना, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) और ग्रामीण अस्पतालों के स्तर।
इकाई-5 पर्यावरण
- भारतीय परंपरा और संस्कृति में पर्यावरण की अवधारणा; जनपदोद्ध्वंस — वायु, जल, भूमि, समय का विकृति।
- पर्यावरण पर मानवीय गतिविधियों का प्रभाव; पर्यावरण से संबंधित नैतिकता और मूल्य; जैव विविधता (विशेष रूप से मध्यप्रदेश के संदर्भ में); पर्यावरण — प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन, लुप्तप्राय और विलुप्त प्रजातियां।
- पर्यावरण से संबंधित समस्याएं और चुनौतियां, पर्यावरण क्षरण के कारण और प्रभाव।
- पर्यावरण शिक्षा — जन जागरूकता कार्यक्रम, पर्यावरण शिक्षा और स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के साथ इसका संबंध।
- पर्यावरण-अनुकूल तकनीक, पर्यावरण संरक्षण के लिए संवैधानिक प्रावधान, पर्यावरण संरक्षण नीतियां और नियामक ढांचा।
- पर्यावरण संरक्षण में मध्यप्रदेश की जनजातियों (बैगा, सहारिया, भारिया, भील, गोंड, आदि) की भूमिका।
- ठोस अपशिष्ट प्रबंधन — शहरी और औद्योगिक कचरे के कारण, प्रभाव और नियंत्रण उपाय।
- स्वच्छता सर्वेक्षण अभियान — उद्देश्य, विभिन्न चरण, उपलब्धियां और भविष्य।
- जल सुरक्षा।
- जल संरक्षण के क्षेत्र में विभिन्न प्रयास।
सामान्य अध्ययन चतुर्थ, खंड (अ) — दर्शनशास्त्र, मनोविज्ञान, लोक प्रशासन एवं केस स्टडी
इकाई-1 भारतीय षड्दर्शन, दार्शनिक/विचारक, समाज सुधारक
- भारतीय षड्दर्शन।
- सुकरात, प्लेटो, अरस्तू।
- महावीर, बुद्ध, आचार्य शंकर, चार्वाक, भर्तृहरि।
- गुरुनाक, कबीर, तुलसीदास, संत रविदास।
- रवींद्रनाथ टैगोर, राजा राममोहन राय, देवी अहिल्याबाई होल्कर, सावित्रीबाई फुले।
- स्वामी दयानंद सरस्वती, स्वामी विवेकानंद, महर्षि अरविंद, सर्वपल्ली राधाकृष्णन, डॉ. भीमराव अंबेडकर, पंडित दीनदयाल उपाध्याय।
इकाई-2 राष्ट्र निर्माण एवं नैतिक अवधारणाएँ
- राष्ट्र की अवधारणा, शक्तियाँ और घटक।
- राष्ट्रीय सुरक्षा, हित और चरित्र।
- राष्ट्रीय सुरक्षा संचालन, सशस्त्र बल, निकाय, प्रभाग और जासूसी एजेंसियां।
- बुनियादी नैतिकता अवधारणाएं — भलाई, गुण, अहिंसा, जिम्मेदारी।
- नैतिकता और प्रशासन में भगवद्गीता की भूमिका।
इकाई-3 मानवीय व्यवहार एवं मनोचिकित्सा
- मनोवृत्ति — विषय-वस्तु, तत्व, कार्य, मनोवृत्ति का निर्माण, मनोवृत्ति परिवर्तन, प्रेरक संचार, पूर्वाग्रह और भेदभाव, भारतीय संदर्भ में रूढ़िवादिता।
- अभिरुचि — सिविल सेवा के लिए अभिरुचि और बुनियादी मूल्य, सत्यनिष्ठा, निष्पक्षता और गैर-पक्षपात, वस्तुनिष्ठता, सार्वजनिक सेवा के प्रति समर्पण, कमजोर वर्गों के प्रति सहानुभूति, सहिष्णुता और करुणा।
- संवेगात्मक बुद्धि — अवधारणाएं, प्रशासन और शासन में उनकी उपयोगिता और अनुप्रयोग।
- व्यक्तिगत भिन्नताएँ — कारक, सिद्धांत और व्यवहार संबंधी अंतर।
- मानसिक विकार और मनोचिकित्सा — अवसाद, सामाजिक चिंता विकार, सिज़ोफ्रेनिया, सामाजिक भय, द्विध्रुवी विकार। मनोचिकित्सा — व्यक्ति केंद्रित चिकित्सा, व्यवहार चिकित्सा, तर्कसंगत भावनात्मक व्यवहार चिकित्सा, संज्ञानात्मक व्यवहार चिकित्सा, सकारात्मक चिकित्सा और पारिवारिक चिकित्सा।
इकाई-4 लोक प्रशासन में नैतिक मूल्य
- मानवीय आवश्यकता और प्रेरणा — मानव व्यक्तित्व को प्रभावित करने वाले तत्व, कर्तव्यनिष्ठा, मूल्यों की भावना, जीवन-मूल्य, संवेदनशीलता, प्रौद्योगिकी और नैतिक मूल्य।
- लोक प्रशासन में नैतिकता और मूल्य — शासन में नैतिक तत्व (सत्यनिष्ठा, जवाबदेही और पारदर्शिता), नैतिक तर्क और नैतिक दुविधाएं, नैतिक मार्गदर्शन के स्रोत के रूप में अंतरात्मा, सिविल सेवकों के लिए आचार संहिता, शासन में उच्च मूल्यों का कार्यान्वयन।
- भ्रष्टाचार — प्रकार और कारण, प्रभाव, भ्रष्टाचार को कम करने के दृष्टिकोण, समाज, मीडिया, परिवार और व्हिसलब्लोअर की भूमिका, भ्रष्टाचार पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन, भ्रष्टाचार का मापन, ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल, लोकपाल और लोकायुक्त।
इकाई-5 केस स्टडी
- प्रश्नपत्र के भाग-अ के पाठ्यक्रम की सामग्री पर आधारित।
सामान्य अध्ययन चतुर्थ, खंड (ब) — उद्यमिता, प्रबंधन, व्यक्तित्व विकास एवं केस स्टडी
इकाई-1 उद्यमिता अवधारणा और विकास
- उद्यमिता की अवधारणा और महत्व।
- उद्यमिता के लक्षण, सिद्धांत, नवाचार की विशेषताएं और महत्व।
- उद्यमिता की प्रक्रिया — रचनात्मकता, विचार निर्माण, विश्लेषण और व्यवसाय योजना।
- नए उद्यम प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण कारक और वैधानिक आवश्यकताएं; महिला उद्यमियों के सामने चुनौतियां।
- भारत में उद्यमिता का विकास — स्टार्टअप इंडिया, मेक इन इंडिया, उद्यमशीलता विकास को बढ़ावा देने वाले संगठन।
इकाई-2 व्यावसायिक संगठन एवं प्रबंधन
- व्यवसाय — अवधारणा और महत्व, दायरा, प्रशासन और प्रबंधन, खरीद और सामग्री प्रबंधन।
- प्रबंधन प्रक्रिया, संसाधन प्रबंधन और प्रबंधन के कार्य — योजना, संगठन, निर्देशन, नियंत्रण, समन्वय, निर्णय लेना, प्रेरणा, नेतृत्व और संचार।
- समय प्रबंधन और संगठन।
- ब्रांडिंग, मार्केटिंग और नेटवर्किंग।
इकाई-3 प्रशासन एवं प्रबंधन
- लोक प्रशासन में प्रबंधन के महत्वपूर्ण आयाम; मानव संसाधन प्रबंधन।
- वित्तीय प्रबंधन — लोक प्रशासन में इसका दायरा और महत्व।
- तनाव और संघर्ष प्रबंधन तकनीकें और लोक सेवा क्षेत्र में उनका महत्व।
- बहुलता का प्रशासन और प्रबंधन, लोक प्रशासन में अवसर और चुनौतियां।
- आपदा प्रबंधन।
इकाई-4 समग्र व्यक्तित्व विकास
- समग्र व्यक्तित्व और राष्ट्रीय विकास।
- व्यक्तित्व विकास के विभिन्न घटक।
- सफलता की अवधारणाएं।
- सफलता प्राप्त करने में बाधाएं।
- सफलता के लिए जिम्मेदार कारक।
- असफलता से सीखना — असफलता को निरंतर सुधार और मूल्यवान आत्मनिरीक्षण के अवसर के रूप में स्वीकार करना।
- सरकारी कार्यक्रम का कार्यान्वयन — सफल कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी रणनीति की योजना बनाना।
- निम्नलिखित मुद्दों के संबंध में दृष्टिकोण और तथ्य — नागरिक भावना, संस्था के प्रति वफादारी, मतदाता जागरूकता कार्यक्रम, परिवहन प्रबंधन, मादक द्रव्यों के सेवन की प्रवृत्ति, खाद्य पदार्थों में मिलावट, नाइट कल्चर, मूल्य-आधारित जीवन और कानूनी जागरूकता कार्यक्रम।
इकाई-5 केस स्टडी
- प्रश्नपत्र के भाग-ब के पाठ्यक्रम की सामग्री पर आधारित।
पंचम प्रश्नपत्र — सामान्य हिन्दी एवं व्याकरण (200 अंक)
इस प्रश्नपत्र का स्तर स्नातक परीक्षा उत्तीर्ण छात्रों के समकक्ष होगा। इसका उद्देश्य उम्मीदवार की पढ़ने की समझ, भाषाई योग्यता, लेखन कौशल और हिन्दी में स्पष्ट और सही विचारों को व्यक्त करने की क्षमता का मूल्यांकन करना है।
| भाग | विषय-वस्तु | अंक |
|---|
| (क) | अति लघुत्तरीय प्रश्न — निर्धारित संपूर्ण पाठ्यक्रम से | 25 × 03 = 75 |
| (ख) | रस — अंग और प्रकार (5×1 = 05); छंद — दोहा, सोरठा, चौपाई (5×1 = 05) | 10 |
| (ग) | अनुवाद — हिन्दी से अंग्रेजी (5×3 = 15), अंग्रेजी से हिन्दी (5×3 = 15), प्रशासनिक शब्दावली: हिन्दी→अंग्रेजी (05 शब्द) & अंग्रेजी→हिन्दी (05 शब्द) (10) | 40 |
| (घ) | संधि एवं समास (5×2 = 10); मुहावरे एवं कहावतें (5×2 = 10) | 20 |
| (ङ) | प्रारंभिक व्याकरण एवं शब्दावली (प्रत्येक 2 अंक) — विराम चिह्न, शब्द शक्तियां, विलोम शब्द, अनेक शब्दों के लिए एक शब्द, तत्सम एवं तद्भव शब्द, पर्यायवाची शब्द, शब्द-युग्म, वर्तनी शोधन, वाक्य संरचना एवं प्रकार, शब्दार्थ | 20 |
| (च) | पल्लवन — रेखांकित या दी गई पंक्तियों का भाव पल्लवन | 05 |
| (छ) | मध्यप्रदेश की प्रमुख बोलियाँ — मालवी, निमाड़ी, बघेली और बुंदेली (3+3+3+3) | 12 |
| (ज) | अपठित गद्यांश | 18 |
| कुल अंक | 200 |
षष्ठ प्रश्नपत्र — हिन्दी निबंध एवं प्रारूप लेखन (100 अंक)
इस प्रश्नपत्र का उद्देश्य उम्मीदवार के हिन्दी में अभिव्यक्ति और सामान्य हिन्दी ज्ञान का परीक्षण करना है। इसलिए उत्तर केवल हिन्दी में ही लिखे जाने चाहिए।
1. प्रथम निबंध (≈1000 शब्द) — 50 अंक। निम्नलिखित विषयों से पूछा जा सकता है: विकसित भारत @2047, आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना, गौरवशाली मध्यप्रदेश, अंतरिक्ष में भारत के बढ़ते कदम, म.प्र. का गौरवशाली इतिहास, पर्यावरण, विज्ञान, धर्म-अध्यात्म, विश्व ग्राम की अवधारणा, शिक्षा में गुणवत्ता, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, पारंपरिक कौशल आधारित व्यवसाय, आधुनिकीकरण, वैश्वीकरण, उदारीकरण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), पारंपरिक खेल, सांस्कृतिक विरासत, सभ्यता और संस्कृति, धार्मिक-सांस्कृतिक पर्यटन, युवा नीति, योग और स्वास्थ्य, ई-मार्केटिंग, ई-कॉमर्स, नेतृत्व और विकास, सुशासन, नौकरशाही, लोकतंत्र में सिविल सेवाओं की भूमिका, जनजातीय विकास, स्वदेशी भाषाएँ, राष्ट्रीयता के विभिन्न मुद्दे, राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता, सामुदायिक जीवन, सामाजिक सरोकार, नवीकरणीय ऊर्जा, सतत् विकास लक्ष्य, समावेशी विकास, उपभोक्ता जागरूकता, नशीली दवाओं का खतरा, घरेलू हिंसा, बाहरी और आंतरिक सुरक्षा के मुद्दे, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, मानव जीवन पर सोशल मीडिया का प्रभाव, गौरवशाली भारतीय संस्कृति, वसुधैव कुटुंबकम, मानव जीवन में मूल्य और संस्कार, एक राष्ट्र एक स्वास्थ्य प्रणाली / नीति 2030, आदि।
2. द्वितीय निबंध (≈500 शब्द) — 20 अंक। समसामयिक समस्याएं और उनका समाधान।
3. प्रारूप लेखन (प्रारूप लेखन, ≈250 शब्द) — 15 अंक। शासकीय एवं अर्ध-शासकीय पत्र, परिपत्र, ज्ञापन, विज्ञापन, आदेश, पृष्ठांकन, अनुस्मारक, आदि।
4. प्रतिवेदन लेखन (प्रतिवेदन, ≈250 शब्द) — 15 अंक। प्रतिवेदन, अधिसूचना, कार्यसूची, कार्यवृत्त (टिप्पण) लेखन।
| प्रश्न | अधिकतम शब्द | पूर्णांक |
|---|
| प्रथम निबंध | ≈1000 | 50 |
| द्वितीय निबंध | ≈500 | 20 |
| प्रारूप लेखन | ≈250 | 15 |
| प्रतिवेदन लेखन | ≈250 | 15 |
| कुल अंक | | 100 |
Quick Reference Summary (संक्षिप्त संदर्भ)
| चरण | प्रश्नपत्र | कुल अंक |
|---|
| प्रारंभिक परीक्षा | 2 (वस्तुनिष्ठ) | 600 (योग्यता परीक्षा) |
| मुख्य परीक्षा | 6 (वर्णनात्मक) | 1500 |
| साक्षात्कार | — | 185 |
| कुल योग | | 1685 |
अस्वीकरण (Disclaimer): यह पृष्ठ आधिकारिक MPPSC राज्य सेवा परीक्षा 2026 परीक्षा योजना एवं पाठ्यक्रम (दिनांक 05.01.2026) को पुनः प्रस्तुत करता है। किसी भी स्पष्टीकरण के लिए, अभ्यर्थियों को आधिकारिक वेबसाइट https://mppsc.mp.gov.in पर जाना चाहिए।