भारत में 73वें एवं 74वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 (73rd and 74th Constitutional Amendment Acts) द्वारा लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण (Democratic Decentralization) को संवैधानिक संरक्षण प्रदान किया गया। इसके माध्यम से भारत में ग्रामीण पंचायती राज संस्थाओं और शहरी नगरीय निकायों को त्रिस्तरीय स्वशासन प्रणाली का रूप दिया गया।
73वां संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 (73rd Constitutional Amendment Act) ग्रामीण भारत में त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था को संवैधानिक मान्यता देने वाला ऐतिहासिक कानून है।
भारत में पंचायती राज की नींव लॉर्ड रिपन के 1882 के स्थानीय स्वशासन प्रस्ताव और स्वतंत्रता के बाद भारतीय संविधान के अनुच्छेद 40 (राज्य के नीति निदेशक तत्व) पर आधारित है। इसे संवैधानिक स्वरूप देने में निम्नलिखित समितियों का अमूल्य योगदान रहा:
73वें संविधान संशोधन द्वारा संविधान के भाग IX में अनुच्छेद 243 से 243O तक कुल 16 अनुच्छेद शामिल किए गए। प्रतियोगी परीक्षाओं (MPPSC/UPSC) हेतु प्रत्येक अनुच्छेद का विवरण नीचे दिया गया है:
74वां संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 शहरी स्थानीय निकायों (Municipalities) को संवैधानिक दर्जा प्रदान करता है। यह 1 जून 1993 से लागू हुआ।
12वीं अनुसूची में नगर पालिकाओं के कार्यों के लिए 18 विषय तय किए गए हैं, जिनमें नगर योजना, भूमि उपयोग नियमन, सड़कें व पुल, जल आपूर्ति, लोक स्वास्थ्य, अग्निशमन सेवाएँ, झुग्गी सुधार व पर्यावरण संरक्षण शामिल हैं।
संविधान के 73वें और 74वें संशोधन दोनों का उद्देश्य स्थानीय स्वशासन को मजबूत करना है, परंतु इनके कार्यक्षेत्र और संरचना में मुख्य अंतर निम्नलिखित हैं:
| तुलना का आधार | 73वां संविधान संशोधन (पंचायती राज) | 74वां संविधान संशोधन (नगरीय निकाय) |
|---|---|---|
| कार्यक्षेत्र (Scope) | ग्रामीण क्षेत्र (Rural Areas) | शहरी / नगरीय क्षेत्र (Urban Areas) |
| संवैधानिक भाग (Part) | भाग IX (Part IX) | भाग IXA (Part IXA) |
| अनुसूची (Schedule) |
73वें संविधान संशोधन के प्रावधान मूल रूप से संविधान की 5वीं अनुसूची के अनुसूचित जनजातीय क्षेत्रों (Scheduled Areas) में स्वतः लागू नहीं हुए थे।
पंचायती राज और नगरीय निकायों की स्थापना के 30 से अधिक वर्ष पूरे होने के बाद भी स्थानीय निकायों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है:
प्रश्न: 'भारत में लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण की दिशा में 73वें एवं 74वें संविधान संशोधन अधिनियमों के योगदान का मूल्यांकन कीजिए। इन संस्थाओं की मुख्य चुनौतियों की विवेचना कीजिए।'
73वें और 74वें संविधान संशोधन से संबंधित सबसे ज्यादा पूछे जाने वाले प्रश्नों के उत्तर नीचे दिए गए हैं:
उत्तर: 73वां संविधान संशोधन ग्रामीण पंचायती राज व्यवस्था से संबंधित है। यह 1992 में पारित हुआ और 24 अप्रैल 1993 से लागू हुआ (राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस)।
उत्तर: 74वां संविधान संशोधन (शहरी नगरीय निकाय) 1 जून 1993 से लागू हुआ। यह संविधान की 12वीं अनुसूची से संबंधित है, जिसमें 18 विषय शामिल हैं।
उत्तर: ये अनुच्छेद पंचायती राज से संबंधित हैं: 243A (ग्राम सभा), 243B (त्रिस्तरीय गठन), 243D (महिला व SC/ST आरक्षण), 243G (11वीं अनुसूची के 29 विषय), 243I (राज्य वित्त आयोग) और 243K (राज्य निर्वाचन आयोग)।
उत्तर: अनुच्छेद 243D(3) के अनुसार प्रत्येक पंचायत में सीटों का कम से कम एक-तिहाई (33%) महिलाओं के लिए आरक्षित होना अनिवार्य है (मध्य प्रदेश में 50% लागू)।
MPPSC (प्रारंभिक व मुख्य परीक्षा) तथा UPSC अभ्यर्थियों के लिए इस अधिनियम के सबसे महत्वपूर्ण स्मरणीय तथ्य नीचे दिए गए हैं:
173वां संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 किस तिथि से प्रभाव में आया?
273वें संविधान संशोधन द्वारा संविधान में कौन सी अनुसूची जोड़ी गई और इसमें कुल कितने विषय हैं?
374वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा जोड़ी गई 12वीं अनुसूची में नगर पालिकाओं के लिए कितने विषयों का उल्लेख है?
4संविधान के अनुच्छेद 243D(3) के अनुसार पंचायतों में महिलाओं के लिए न्यूनतम कितना आरक्षण अनिवार्य है?
5निम्नलिखित में से किस समिति ने पंचायती राज संस्थाओं को 'संवैधानिक दर्जा' देने की सिफारिश की थी?
6संविधान के किस अनुच्छेद के तहत नगर पालिकाओं के लिए 'राज्य वित्त आयोग' (State Finance Commission) का प्रावधान है?
7जिला स्तर पर ग्रामीण और शहरी विकास योजनाओं के समेकन हेतु 'जिला आयोजना समिति' (DPC) का गठन किस अनुच्छेद के तहत होता है?
8PESA अधिनियम, 1996 किस समिति की सिफारिशों के आधार पर पारित किया गया था?
3 स्रोत
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73वें (पंचायती राज) और 74वें (नगरीय निकाय) संविधान संशोधन अधिनियम 1992 का संपूर्ण विश्लेषण। भारत में कब लागू हुआ (24 अप्रैल 1993 व 1 जून 1993), भाग 9 व 9A, 11वीं (29 विषय) व 12वीं अनुसूची (18 विषय), अनुच्छेद 243A से 243ZG तक विस्तृत व्याख्या, 33%-50% महिला आरक्षण (अनुच्छेद 243D), राज्य चुनाव व वित्त आयोग, PESA अधिनियम 1996 एवं MPPSC/UPSC नोट्स।

| विशेषता / विषय (Feature) | 73वां संविधान संशोधन (पंचायती राज) | 74वां संविधान संशोधन (नगरीय निकाय) |
|---|---|---|
| संवैधानिक भाग (Part) | भाग IX (Part IX - अनुच्छेद 243 से 243O) | भाग IXA (Part IXA - अनुच्छेद 243P से 243ZG) |
| संविधान अनुसूची (Schedule) | 11वीं अनुसूची (11th Schedule) | 12वीं अनुसूची (12th Schedule) |
| कार्यों की संख्या (Subjects) | 29 कार्य क्षेत्र (29 Subjects) | 18 कार्य क्षेत्र (18 Subjects) |
| लागू होने की तिथि (Enforcement) | 24 अप्रैल 1993 (राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस) | 1 जून 1993 |
| संस्थागत स्तर (Tiers) | ग्राम पंचायत, जनपद/ब्लॉक पंचायत, जिला पंचायत | नगर पंचायत, नगर पालिका परिषद, नगर निगम |
| महिला आरक्षण (Reservation) | अनुच्छेद 243D (न्यूनतम 33%, MP में 50%) | अनुच्छेद 243T (न्यूनतम 33%, MP में 50%) |
| संबद्ध स्वतंत्र आयोग | राज्य निर्वाचन आयोग (243K), राज्य वित्त आयोग (243I) | राज्य निर्वाचन आयोग (243ZA), राज्य वित्त आयोग (243Y) |


| 11वीं अनुसूची (11th Schedule) |
| 12वीं अनुसूची (12th Schedule) |
| विषयों की संख्या (Subjects) | 29 कार्य क्षेत्र | 18 कार्य क्षेत्र |
| लागू होने की तिथि | 24 अप्रैल 1993 (राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस) | 1 जून 1993 |
| प्राथमिक संस्था | ग्राम सभा (Gram Sabha) | वार्ड समितियाँ (Ward Committees) |
| विशेष समिति | ग्राम विकास समितियाँ | जिला आयोजना समिति (243ZD) व महानगर समिति (243ZE) |
उत्तर: अनुच्छेद 243-Y नगर पालिकाओं के लिए राज्य वित्त आयोग की व्यवस्था करता है। अनुच्छेद 243J पंचायतों के खातों के लेखा-जोखा व ऑडिट से संबंधित है।
उत्तर: 11वीं अनुसूची में ग्रामीण विकास हेतु 29 विषय तथा 12वीं अनुसूची में शहरी निकायों हेतु 18 विषय शामिल हैं।
| परीक्षा उपयोगी बिंदु | तथ्य / प्रावधान |
|---|---|
| 73वां संशोधन (ग्रामीण) | भाग IX, अनुसूची 11 (29 विषय), लागू: 24 अप्रैल 1993 |
| 74वां संशोधन (शहरी) | भाग IXA, अनुसूची 12 (18 विषय), लागू: 1 जून 1993 |
| प्रथम उद्घाटन राज्य | राजस्थान (नागौर जिला - 2 अक्टूबर 1959) |
| संवैधानिक सिफारिश समिति | एल.एम. सिंघवी समिति (1986) |
| महिला आरक्षण | अनुच्छेद 243D (न्यूनतम 33%, मध्य प्रदेश में 50%) |
| चुनाव व वित्त आयोग | अनुच्छेद 243K (निर्वाचन आयोग) एवं अनुच्छेद 243I (वित्त आयोग) |
| PESA अधिनियम | 24 दिसंबर 1996 (भूरिया समिति) |