
73वां व 74वां संविधान संशोधन अधिनियम (पंचायती राज व नगरीय निकाय): कब लागू हुआ, 11वीं व 12वीं अनुसूची, 29 विषय, मुख्य प्रावधान व अंतर | MPPSC & UPSC Notes
73वें (पंचायती राज) और 74वें (नगरीय निकाय) संविधान संशोधन अधिनियम 1992 का संपूर्ण विश्लेषण। भारत में कब लागू हुआ (24 अप्रैल 1993 व 1 जून 1993), भाग 9 व 9A, 11वीं (29 विषय) व 12वीं अनुसूची (18 विषय), अनुच्छेद 243A से 243ZG तक विस्तृत व्याख्या, 33%-50% महिला आरक्षण (अनुच्छेद 243D), राज्य चुनाव व वित्त आयोग, PESA अधिनियम 1996 एवं MPPSC/UPSC नोट्स।

73वां व 74वां संविधान संशोधन अधिनियम: मुख्य बिंदु (Quick Overview)
भारत में 73वें एवं 74वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 (73rd and 74th Constitutional Amendment Acts) द्वारा लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण (Democratic Decentralization) को संवैधानिक संरक्षण प्रदान किया गया। इसके माध्यम से भारत में ग्रामीण पंचायती राज संस्थाओं और शहरी नगरीय निकायों को त्रिस्तरीय स्वशासन प्रणाली का रूप दिया गया।
- 73वां संविधान संशोधन (ग्रामीण स्वशासन): 24 अप्रैल 1993 से लागू हुआ (इसलिए 24 अप्रैल को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस मनाया जाता है)। इसके द्वारा संविधान में भाग IX तथा 11वीं अनुसूची जोड़ी गई, जिसमें 29 कार्य क्षेत्र (Subjects) शामिल हैं।
- 74वां संविधान संशोधन (शहरी स्वशासन): 1 जून 1993 से लागू हुआ। इसके द्वारा संविधान में भाग IXA तथा 12वीं अनुसूची जोड़ी गई, जिसमें 18 कार्य क्षेत्र शामिल हैं।
- संवैधानिक प्रावधान: अनुच्छेद 243 से 243O (पंचायतों हेतु) तथा अनुच्छेद 243P से 243ZG (नगर पालिकाओं हेतु)।
- आरक्षण: महिलाओं के लिए न्यूनतम 33% (1/3) आरक्षण अनिवार्य (मध्य प्रदेश में 50% आरक्षण लागू)।
- परीक्षा उपयोगिता: यह विषय MPPSC मुख्य परीक्षा पाठ्यक्रम (द्वितीय प्रश्नपत्र: भारतीय राजव्यवस्था व स्थानीय शासन) तथा UPSC GS-2 के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
| विशेषता / विषय (Feature) | 73वां संविधान संशोधन (पंचायती राज) | 74वां संविधान संशोधन (नगरीय निकाय) |
|---|---|---|
| संवैधानिक भाग (Part) | भाग IX (Part IX - अनुच्छेद 243 से 243O) | भाग IXA (Part IXA - अनुच्छेद 243P से 243ZG) |
| संविधान अनुसूची (Schedule) | 11वीं अनुसूची (11th Schedule) | 12वीं अनुसूची (12th Schedule) |
| कार्यों की संख्या (Subjects) | 29 कार्य क्षेत्र (29 Subjects) | 18 कार्य क्षेत्र (18 Subjects) |
| लागू होने की तिथि (Enforcement) | 24 अप्रैल 1993 (राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस) | 1 जून 1993 |
| संस्थागत स्तर (Tiers) | ग्राम पंचायत, जनपद/ब्लॉक पंचायत, जिला पंचायत | नगर पंचायत, नगर पालिका परिषद, नगर निगम |
| महिला आरक्षण (Reservation) | अनुच्छेद 243D (न्यूनतम 33%, MP में 50%) | अनुच्छेद 243T (न्यूनतम 33%, MP में 50%) |
| संबद्ध स्वतंत्र आयोग | राज्य निर्वाचन आयोग (243K), राज्य वित्त आयोग (243I) | राज्य निर्वाचन आयोग (243ZA), राज्य वित्त आयोग (243Y) |
73वां संविधान संशोधन अधिनियम क्या है और कब लागू हुआ? (73rd Amendment Act 1992 Overview)
73वां संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 (73rd Constitutional Amendment Act) ग्रामीण भारत में त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था को संवैधानिक मान्यता देने वाला ऐतिहासिक कानून है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि एवं प्रमुख सिफारिशी समितियाँ
भारत में पंचायती राज की नींव लॉर्ड रिपन के 1882 के स्थानीय स्वशासन प्रस्ताव और स्वतंत्रता के बाद भारतीय संविधान के अनुच्छेद 40 (राज्य के नीति निदेशक तत्व) पर आधारित है। इसे संवैधानिक स्वरूप देने में निम्नलिखित समितियों का अमूल्य योगदान रहा:
- बलवंत राय मेहता समिति (1957): भारत में त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था (ग्राम स्तर, मध्यवर्ती/जनपद स्तर, जिला स्तर) की सिफारिश की। 2 अक्टूबर 1959 को राजस्थान के नागौर जिले में भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा पंचायती राज का औपचारिक उद्घाटन किया गया।
- अशोक मेहता समिति (1977): त्रिस्तरीय व्यवस्था के स्थान पर द्विस्तरीय प्रणाली (मंडल पंचायत एवं जिला परिषद) का सुझाव दिया।
- जी.वी.के. राव समिति (1985): पंचायतों को बिना वित्तीय अधिकार के 'बिना जड़ की घास' (Grass without roots) कहा।
- एल.एम. सिंघवी समिति (1986): पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक दर्जा देने (Constitutional Status) की सबसे सशक्त सिफारिश करने वाली समिति थी।
- पी.के. थुंगन समिति (1988): संवैधानिक दर्जा और 5 वर्ष का निश्चित कार्यकाल तय करने का सुझाव दिया।
संसद में पारित होने व लागू होने का समय-क्रम (Timeline)
- लोकसभा पारित: 22 दिसंबर 1992
- राज्यसभा पारित: 23 दिसंबर 1992
- राष्ट्रपति की स्वीकृति: 20 अप्रैल 1993 (राष्ट्रपति डॉ. शंकर दयाल शर्मा द्वारा स्वीकृत)
- प्रवर्तन (लागू होने की तिथि): 24 अप्रैल 1993 (इसी कारण प्रतिवर्ष 24 अप्रैल को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के रूप में मनाया जाता है)।

अनुच्छेद 243A से 243O के प्रमुख प्रावधान (Article 243A to 243O Breakdown & Article 243D Women Reservation)
73वें संविधान संशोधन द्वारा संविधान के भाग IX में अनुच्छेद 243 से 243O तक कुल 16 अनुच्छेद शामिल किए गए। प्रतियोगी परीक्षाओं (MPPSC/UPSC) हेतु प्रत्येक अनुच्छेद का विवरण नीचे दिया गया है:
1. अनुच्छेद 243A: ग्राम सभा (Gram Sabha)
- ग्राम सभा पंचायती राज व्यवस्था का मूल आधार और प्राथमिक स्थायी निकाय है। इसमें गाँव की मतदाता सूची में पंजीकृत सभी वयस्क नागरिक शामिल होते हैं।
2. अनुच्छेद 243B: पंचायतों का गठन (Constitution of Panchayats)
- 20 लाख से अधिक आबादी वाले राज्यों में त्रिस्तरीय ढाँचा (ग्राम, जनपद/मध्यवर्ती और जिला स्तर) अनिवार्य है। 20 लाख से कम जनसंख्या वाले राज्यों में मध्यवर्ती स्तर बनाना अनिवार्य नहीं है।
3. अनुच्छेद 243C: पंचायतों की संरचना (Composition of Panchayats)
- पंचायतों के सभी प्रत्यक्ष चुनाव प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों से सीधे चुने जाएंगे। ग्राम पंचायत के अध्यक्ष (सरपंच) के चुनाव का तरीका राज्य विधानमंडल तय करता है।
4. अनुच्छेद 243D: सीटों का आरक्षण एवं महिला आरक्षण (Reservation of Seats & Article 243D(3))
- अनुसूचित जाति (SC) व अनुसूचित जनजाति (ST): जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण।
- अनुच्छेद 243D(3) (महिला आरक्षण): प्रत्येक पंचायत में प्रत्यक्ष निर्वाचन द्वारा भरी जाने वाली कुल सीटों का कम से कम एक-तिहाई (33%) महिलाओं के लिए आरक्षित होगा।
- मध्य प्रदेश में महिला आरक्षण: मध्य प्रदेश पंचायती राज अधिनियम के तहत महिलाओं को पंचायतों के सभी स्तरों पर 50% आरक्षण प्रदान किया गया है।
5. अनुच्छेद 243E: पंचायतों का कार्यकाल (Duration of Panchayats)
- पंचायतों का कार्यकाल पहली बैठक से 5 वर्ष निर्धारित है। यदि पंचायत समय से पूर्व विघटित होती है, तो विघटन की तिथि से 6 माह के भीतर चुनाव कराना अनिवार्य है।
6. अनुच्छेद 243G: 11वीं अनुसूची एवं 29 विषय (11th Schedule & 29 Functional Subjects)
- पंचायतों को आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय हेतु कार्य करने की शक्तियाँ दी गई हैं। 11वीं अनुसूची में कुल 29 विषय शामिल हैं, जैसे: कृषि, भूमि सुधार, लघु सिंचाई, पशुपालन, मत्स्य पालन, पेयजल, ग्रामीण सड़कें, गरीबी उन्मूलन, प्राथमिक शिक्षा, स्वास्थ्य व स्वच्छता।
7. अनुच्छेद 243I: राज्य वित्त आयोग (State Finance Commission)
- राज्य की पंचायतों की वित्तीय स्थिति की समीक्षा करने और करों/राजस्व के बँटवारे की सिफारिश हेतु प्रति 5 वर्ष में राज्य के राज्यपाल द्वारा राज्य वित्त आयोग का गठन किया जाता है।
8. अनुच्छेद 243J: पंचायतों के लेखाओं की संपरीक्षा (Audit of Accounts of Panchayats)
- पंचायतों द्वारा व्यय किए गए धन के लेखा-जोखा एवं ऑडिट की व्यवस्था राज्य विधानमंडल द्वारा बनाए गए कानूनों के तहत की जाती है।
9. अनुच्छेद 243K: राज्य निर्वाचन आयोग (State Election Commission)
- पंचायतों के सभी चुनावों के लिए मतदाता सूची तैयार करने, अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण हेतु एक स्वतंत्र राज्य निर्वाचन आयोग का प्रावधान है, जिसके प्रमुख राज्य निर्वाचन आयुक्त की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है।
- सम्बंधित अध्ययन सामग्री: संविधान सभा का गठन व इतिहास, उभयलिंगी व्यक्ति संशोधन अधिनियम 2026 तथा एमपी समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक।
74वां संविधान संशोधन अधिनियम, 12वीं अनुसूची (18 विषय) एवं अनुच्छेद 243P से 243ZG (74th Amendment & Article 243-Y)
74वां संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 शहरी स्थानीय निकायों (Municipalities) को संवैधानिक दर्जा प्रदान करता है। यह 1 जून 1993 से लागू हुआ।
1. नगर पालिकाओं के तीन प्रकार (Article 243Q)
- नगर पंचायत: ग्रामीण क्षेत्र से शहरी क्षेत्र में परिवर्तित हो रहे संक्रमणशील क्षेत्रों के लिए।
- नगर पालिका परिषद: छोटे शहरी क्षेत्रों के लिए।
- नगर निगम: बड़े महानगरों और बड़े नगरों के लिए।
2. 12वीं अनुसूची एवं 18 विषय (12th Schedule & 18 Subjects - Article 243W)
12वीं अनुसूची में नगर पालिकाओं के कार्यों के लिए 18 विषय तय किए गए हैं, जिनमें नगर योजना, भूमि उपयोग नियमन, सड़कें व पुल, जल आपूर्ति, लोक स्वास्थ्य, अग्निशमन सेवाएँ, झुग्गी सुधार व पर्यावरण संरक्षण शामिल हैं।
3. अनुच्छेद 243-Y: राज्य वित्त आयोग (Article 243-Y)
- अनुच्छेद 243-Y के तहत अनुच्छेद 243I में गठित राज्य वित्त आयोग ही नगर पालिकाओं की वित्तीय स्थिति की समीक्षा करेगा और राज्य के संचित कोष से अनुदान की सिफारिश करेगा।
4. जिला आयोजना समिति एवं महानगर आयोजना समिति (Articles 243ZD & 243ZE)
- अनुच्छेद 243ZD (जिला आयोजना समिति
- DPC): जिला स्तर पर पंचायतों और नगर पालिकाओं द्वारा बनाई गई विकास योजनाओं को समेकित (Consolidate) करने हेतु गठित की जाती है।
- अनुच्छेद 243ZE (महानगर आयोजना समिति
- MPC): महानगर क्षेत्रों (Metropolitan Areas) में संपूर्ण विकास का प्रारूप तैयार करती है।

73वें एवं 74वें संविधान संशोधन में क्या अंतर है? (Difference between 73rd and 74th Amendments)
संविधान के 73वें और 74वें संशोधन दोनों का उद्देश्य स्थानीय स्वशासन को मजबूत करना है, परंतु इनके कार्यक्षेत्र और संरचना में मुख्य अंतर निम्नलिखित हैं:
| तुलना का आधार | 73वां संविधान संशोधन (पंचायती राज) | 74वां संविधान संशोधन (नगरीय निकाय) |
|---|---|---|
| कार्यक्षेत्र (Scope) | ग्रामीण क्षेत्र (Rural Areas) | शहरी / नगरीय क्षेत्र (Urban Areas) |
| संवैधानिक भाग (Part) | भाग IX (Part IX) | भाग IXA (Part IXA) |
| अनुसूची (Schedule) | 11वीं अनुसूची (11th Schedule) | 12वीं अनुसूची (12th Schedule) |
| विषयों की संख्या (Subjects) | 29 कार्य क्षेत्र | 18 कार्य क्षेत्र |
| लागू होने की तिथि | 24 अप्रैल 1993 (राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस) | 1 जून 1993 |
| प्राथमिक संस्था | ग्राम सभा (Gram Sabha) | वार्ड समितियाँ (Ward Committees) |
| विशेष समिति | ग्राम विकास समितियाँ | जिला आयोजना समिति (243ZD) व महानगर समिति (243ZE) |
जनजातीय क्षेत्रों में कार्यान्वयन: PESA अधिनियम 1996 एवं वर्तमान जनजाति राजनीति (73rd Amendment & Tribal Governance)
73वें संविधान संशोधन के प्रावधान मूल रूप से संविधान की 5वीं अनुसूची के अनुसूचित जनजातीय क्षेत्रों (Scheduled Areas) में स्वतः लागू नहीं हुए थे।
- PESA अधिनियम 1996 (PESA Act 1996): दिलीप सिंह भूरिया समिति की सिफारिशों के आधार पर 24 दिसंबर 1996 को पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) अधिनियम, 1996 पारित किया गया।
- मुख्य अधिकार: PESA अधिनियम ने जनजातीय समुदायों की परंपराओं, सांस्कृतिक पहचान, लघु वनोपज (MFP) पर स्वामित्व, जल-जंगल-जमीन तथा ग्राम सभा को सर्वाधिकार प्रदान किए।
- वर्तमान जनजाति राजनीति: मध्य प्रदेश (जहाँ 15 नवंबर 2022 को PESA नियम लागू किए गए) तथा अन्य राज्यों में जनजातीय राजनीति संगठन एवं स्वशासन को सुदृढ़ करने में इस अधिनियम की भूमिका सर्वोपरि है।
30वीं वर्षगाँठ, 3Fs चुनौतियाँ एवं MPPSC मुख्य परीक्षा मॉडल प्रश्नोत्तर (Mains Model Q&A)
पंचायती राज और नगरीय निकायों की स्थापना के 30 से अधिक वर्ष पूरे होने के बाद भी स्थानीय निकायों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है:
मुख्य चुनौतियाँ (3Fs - Funds, Functions, Functionaries)
- 1. Funds (वित्त की कमी): राज्य वित्त आयोग की सिफारिशों को समय पर लागू न करना, पंचायतों द्वारा कर जुटाने की सीमित क्षमता और अनुदान पर अत्यधिक निर्भरता।
- 2. Functions (कार्यों का अधूरा हस्तांतरण): राज्यों द्वारा 29 व 18 विषयों का पूर्ण हस्तांतरण न करना तथा नौकरशाही का अत्यधिक हस्तक्षेप।
- 3. Functionaries (कर्मचारियों का अभाव): तकनीकी व प्रशासनिक कर्मचारियों की कमी तथा राजनीति में 'सरपंच पति' (Sarpanch Pati) संस्कृति का प्रभाव।
MPPSC मुख्य परीक्षा मॉडल उत्तर प्रारूप (11 अंक / 200 शब्द)
प्रश्न: 'भारत में लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण की दिशा में 73वें एवं 74वें संविधान संशोधन अधिनियमों के योगदान का मूल्यांकन कीजिए। इन संस्थाओं की मुख्य चुनौतियों की विवेचना कीजिए।'
- उत्तर की रूपरेखा: भूमिका (1992 के संशोधनों का संदर्भ) ➔ त्रिस्तरीय ढाँचा व आरक्षण द्वारा सामाजिक समावेश ➔ 3Fs (वित्त, कार्य, कर्मचारी) चुनौतियाँ ➔ द्वितीय प्रशासनिक सुधार आयोग (2nd ARC) सिफारिशों के साथ सकारात्मक निष्कर्ष।
अक्सर पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण प्रश्न (Frequently Asked Questions)
73वें और 74वें संविधान संशोधन से संबंधित सबसे ज्यादा पूछे जाने वाले प्रश्नों के उत्तर नीचे दिए गए हैं:
Q1. 73वां संविधान संशोधन किससे संबंधित है और कब लागू हुआ?
उत्तर: 73वां संविधान संशोधन ग्रामीण पंचायती राज व्यवस्था से संबंधित है। यह 1992 में पारित हुआ और 24 अप्रैल 1993 से लागू हुआ (राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस)।
Q2. 74वां संविधान संशोधन कब लागू हुआ और किस अनुसूची से संबंधित है?
उत्तर: 74वां संविधान संशोधन (शहरी नगरीय निकाय) 1 जून 1993 से लागू हुआ। यह संविधान की 12वीं अनुसूची से संबंधित है, जिसमें 18 विषय शामिल हैं।
Q3. अनुच्छेद 243A से 243O में क्या प्रावधान हैं?
उत्तर: ये अनुच्छेद पंचायती राज से संबंधित हैं: 243A (ग्राम सभा), 243B (त्रिस्तरीय गठन), 243D (महिला व SC/ST आरक्षण), 243G (11वीं अनुसूची के 29 विषय), 243I (राज्य वित्त आयोग) और 243K (राज्य निर्वाचन आयोग)।
Q4. अनुच्छेद 243D(3) क्या कहता है?
उत्तर: अनुच्छेद 243D(3) के अनुसार प्रत्येक पंचायत में सीटों का कम से कम एक-तिहाई (33%) महिलाओं के लिए आरक्षित होना अनिवार्य है (मध्य प्रदेश में 50% लागू)।
Q5. अनुच्छेद 243-Y और अनुच्छेद 243J किस बारे में हैं?
उत्तर: अनुच्छेद 243-Y नगर पालिकाओं के लिए राज्य वित्त आयोग की व्यवस्था करता है। अनुच्छेद 243J पंचायतों के खातों के लेखा-जोखा व ऑडिट से संबंधित है।
Q6. 11वीं और 12वीं अनुसूची में कितने-कितने विषय हैं?
उत्तर: 11वीं अनुसूची में ग्रामीण विकास हेतु 29 विषय तथा 12वीं अनुसूची में शहरी निकायों हेतु 18 विषय शामिल हैं।
EXAM POINT OF VIEW : परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण तथ्य
MPPSC (प्रारंभिक व मुख्य परीक्षा) तथा UPSC अभ्यर्थियों के लिए इस अधिनियम के सबसे महत्वपूर्ण स्मरणीय तथ्य नीचे दिए गए हैं:
- 73वां संशोधन (भाग 9): अनुच्छेद 243 से 243O | 11वीं अनुसूची | 29 विषय | 24 अप्रैल 1993 से लागू
- 74वां संशोधन (भाग 9A): अनुच्छेद 243P से 243ZG | 12वीं अनुसूची | 18 विषय | 1 जून 1993 से लागू
- राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस: प्रतिवर्ष 24 अप्रैल को मनाया जाता है
- प्रथम पंचायती राज राज्य: राजस्थान (नागौर जिला
- 2 अक्टूबर 1959)
- संवैधानिक सिफारिश समिति: एल.एम. सिंघवी समिति (1986)
- महिला आरक्षण: अनुच्छेद 243D (न्यूनतम 33%, MP में 50%)
- राज्य निर्वाचन आयोग: अनुच्छेद 243K | राज्य वित्त आयोग: अनुच्छेद 243I
- जिला आयोजना समिति (DPC): अनुच्छेद 243ZD | महानगर आयोजना समिति (MPC): अनुच्छेद 243ZE
- PESA अधिनियम 1996: 24 दिसंबर 1996 (दिलीप सिंह भूरिया समिति)
- सम्बंधित अध्ययन सामग्री: संविधान सभा का गठन व इतिहास, आपदा प्रबंधन संशोधन अधिनियम 2025 तथा उभयलिंगी व्यक्ति अधिनियम 2026।
| परीक्षा उपयोगी बिंदु | तथ्य / प्रावधान |
|---|---|
| 73वां संशोधन (ग्रामीण) | भाग IX, अनुसूची 11 (29 विषय), लागू: 24 अप्रैल 1993 |
| 74वां संशोधन (शहरी) | भाग IXA, अनुसूची 12 (18 विषय), लागू: 1 जून 1993 |
| प्रथम उद्घाटन राज्य | राजस्थान (नागौर जिला - 2 अक्टूबर 1959) |
| संवैधानिक सिफारिश समिति | एल.एम. सिंघवी समिति (1986) |
| महिला आरक्षण | अनुच्छेद 243D (न्यूनतम 33%, मध्य प्रदेश में 50%) |
| चुनाव व वित्त आयोग | अनुच्छेद 243K (निर्वाचन आयोग) एवं अनुच्छेद 243I (वित्त आयोग) |
| PESA अधिनियम | 24 दिसंबर 1996 (भूरिया समिति) |
अभ्यास प्रश्न (Practice Questions)
173वां संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 किस तिथि से प्रभाव में आया?
273वें संविधान संशोधन द्वारा संविधान में कौन सी अनुसूची जोड़ी गई और इसमें कुल कितने विषय हैं?
374वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा जोड़ी गई 12वीं अनुसूची में नगर पालिकाओं के लिए कितने विषयों का उल्लेख है?
4संविधान के अनुच्छेद 243D(3) के अनुसार पंचायतों में महिलाओं के लिए न्यूनतम कितना आरक्षण अनिवार्य है?
5निम्नलिखित में से किस समिति ने पंचायती राज संस्थाओं को 'संवैधानिक दर्जा' देने की सिफारिश की थी?
6संविधान के किस अनुच्छेद के तहत नगर पालिकाओं के लिए 'राज्य वित्त आयोग' (State Finance Commission) का प्रावधान है?
7जिला स्तर पर ग्रामीण और शहरी विकास योजनाओं के समेकन हेतु 'जिला आयोजना समिति' (DPC) का गठन किस अनुच्छेद के तहत होता है?
8PESA अधिनियम, 1996 किस समिति की सिफारिशों के आधार पर पारित किया गया था?
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
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