भारत के 5 सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार एवं सम्मान | MPPSC & UPSC Study Notes | Aakar IAS
Key Highlights
1. भारत के 5 सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार — परिचय एवं महत्व
भारत एक ऐसा देश है जो बेहतरीन काम करने वालों की सराहना करता है। यह उन लोगों को सम्मान देता है जिन्होंने देश के समाज और संस्कृति में बहुत बड़ा योगदान दिया है। ऐसे असाधारण योगदानों को सम्मानित करने के लिए, भारत सरकार हर साल कई नागरिक पुरस्कार देती है। ये पुरस्कार कला, साहित्य, विज्ञान, समाज सेवा, लोक सेवा और मानव उन्नति जैसे कई क्षेत्रों में बेहतरीन काम के लिए दिए जाते हैं। सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार की संपूर्ण जानकारी हेतु यहाँ क्लिक करें।
ये पुरस्कार सिर्फ सम्मान के मेडल नहीं हैं, बल्कि ये राष्ट्रीय प्रशंसा, सम्मान और गौरव का प्रतीक हैं। साथ ही, ये नागरिकों को दूसरों की सेवा करने के लिए प्रोत्साहित भी करते हैं। इन कई सम्मानों में से पांच पुरस्कार भारत के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार माने जाते हैं:
: दूसरा सबसे बड़ा नागरिक पुरस्कार (असाधारण और विशिष्ट सेवा)।
रैंक 2 — पद्म विभूषण (1954)
रैंक 3 — पद्म भूषण (1954): तीसरा सबसे बड़ा नागरिक पुरस्कार (उच्च स्तर की विशिष्ट सेवा)।
रैंक 4 — पद्म श्री (1954): चौथा सबसे बड़ा नागरिक पुरस्कार (किसी भी क्षेत्र में विशिष्ट सेवा)।
रैंक 5 — गांधी शांति पुरस्कार (1995): महात्मा गांधी की 125वीं जयंती पर स्थापित अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय स्तर का सर्वोच्च शांति सम्मान।
2. भारत रत्न (Bharat Ratna) — देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान
भारत रत्न, जिसे 1954 में शुरू किया गया था, भारत का सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार है। यह कला, साहित्य, विज्ञान, लोक सेवा और समाज सेवा जैसे किसी भी क्षेत्र में असाधारण और सर्वोच्च स्तर की सेवा के लिए दिया जाता है।
वैश्विक व राष्ट्रीय प्रभाव: भारत रत्न उन कामों को भी मान्यता देता है जिनका राष्ट्रीय या विश्व स्तर पर स्थायी और बहुत बड़ा प्रभाव पड़ा हो।
पुरस्कार का स्वरूप: पुरस्कार पाने वालों को भारत के राष्ट्रपति के हस्ताक्षर वाला एक प्रमाण पत्र और पीपल के पत्ते के आकार का एक तांबे/प्लेटिनम मेडल मिलता है जिसके अग्र भाग पर चमकता सूर्य व 'भारत रत्न' तथा पिछले भाग पर राष्ट्रीय प्रतीक अंकित होता है।
प्रथम विजेता (1954): सी. राजगोपालाचारी, डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन और डॉ. सी.वी. रमन।
वर्ष 2024 के विजेता: कर्पूरी ठाकुर (मरणोपरांत), लालकृष्ण आडवाणी, पी.वी. नरसिम्हा राव (मरणोपरांत), चौधरी चरण सिंह (मरणोपरांत) एवं डॉ. एम.एस. स्वामीनाथन (मरणोपरांत)।
3. पद्म विभूषण (Padma Vibhushan) — दूसरा सबसे बड़ा नागरिक पुरस्कार
पद्म विभूषण भारत का दूसरा सबसे बड़ा नागरिक पुरस्कार है। इसकी स्थापना 1954 में हुई थी। यह "असाधारण और विशिष्ट सेवा" के लिए दिया जाता है।
क्षेत्र दायरा: यह कला, शिक्षा, साहित्य, समाज सेवा, विज्ञान, उद्योग, राजनीति और लोक सेवा जैसे कई क्षेत्रों में असाधारण सेवा को सम्मानित करने के लिए दिया जाता है।
चयन व समारोह: पुरस्कार पाने वालों का चुनाव भारत सरकार द्वारा गठित पद्म समिति करती है। उन्हें यह पुरस्कार राष्ट्रपति द्वारा गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान राष्ट्रपति भवन में एक भव्य कार्यक्रम में दिया जाता है।
प्रथम विजेता (1954): सत्येंद्र नाथ बोस, नंदलाल बोस, डॉ. जाकिर हुसैन, बालसाहब गंगाधर खेर, जिग्मे दोरजी वांगचुक तथा वी.के. कृष्ण मेनन।
4. पद्म भूषण (Padma Bhushan) — तीसरा सबसे बड़ा नागरिक पुरस्कार
पद्म भूषण भारत का तीसरा सबसे बड़ा नागरिक पुरस्कार है। इसे भी 1954 में स्थापित किया गया था। यह पुरस्कार "उच्च स्तर की विशिष्ट सेवा" के लिए दिया जाता है।
विविध क्षेत्र: इसमें चिकित्सा, कला, साहित्य, शिक्षा, लोक सेवा, विज्ञान और खेल जैसे कई क्षेत्र शामिल हैं।
राष्ट्रीय प्रेरणा: पद्म भूषण पुरस्कार किसी व्यक्ति के योगदान के महत्व और उनकी राष्ट्रीय स्तर की उपलब्धियों पर जोर देता है, जो दूसरों को प्रेरणा देती हैं। पुरस्कार पाने वालों को राष्ट्रपति से एक प्रमाण पत्र और पदक मिलता है।
प्रथम विजेता (1954): डॉ. होमी जहांगीर भाभा, डॉ. शांति स्वरूप भटनागर, एम.आई. गणपति, ज्ञान चंद्र घोष।
5. पद्म श्री (Padma Shri) — चौथा सबसे बड़ा नागरिक पुरस्कार
पद्म श्री भारत का चौथा सबसे बड़ा नागरिक पुरस्कार है, जिसे 1954 में स्थापित किया गया था। यह किसी भी क्षेत्र में "विशिष्ट सेवा" के लिए दिया जाता है।
जमीनी स्तर व सार्वजनिक हस्तियों का समावेश: इसकी खास बात यह है कि इसमें प्रसिद्ध सार्वजनिक हस्तियों और जमीनी स्तर (Grassroots) पर काम करने वाले लोगों, दोनों के योगदान को एक ही कैटेगरी में सम्मान मिलता है।
व्यापक जन भागीदारी: पुरस्कार पाने वालों में सामाजिक कार्यकर्ता, कलाकार, खिलाड़ी, किसान और शिक्षक जैसे कई लोग शामिल होते हैं। सभी पुरस्कारों में से, पद्म श्री सबसे ज्यादा लोगों को दिया जाता है।
मध्य प्रदेश की हस्तियां (MPPSC Special): झाबुआ की भूरी बाई (पिथोरा कला - 2021), उमरिया की जोधइया बाई बैगा (बैगा कला - 2023), जबलपुर के डॉ. मुनीश्वर चंदर डावर (₹2 डॉक्टर - 2023)। मध्य प्रदेश के राज्य सम्मानों हेतु यहाँ क्लिक करें।
6. गांधी शांति पुरस्कार (Gandhi Peace Prize) — 5वां सर्वोच्च नागरिक सम्मान
गांधी शांति पुरस्कार पहली बार 1995 में महात्मा गांधी की 125वीं जयंती के सम्मान में भारत सरकार द्वारा स्थापित किया गया था।
उद्देश्य एवं क्षेत्र: यह पुरस्कार हर साल उन लोगों और संगठनों को दिया जाता है जिन्होंने गांधीजी के अहिंसा, शांति और मानवीय सेवा के दर्शन के अनुसार सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक बदलाव में योगदान दिया है।
अंतरराष्ट्रीय विशिष्टता: गांधी शांति पुरस्कार अक्सर भारतीय लोगों के अलावा अंतरराष्ट्रीय हस्तियों और संस्थाओं को भी दिया जाता है। यही बात इसे पारंपरिक पद्म पुरस्कारों से अलग बनाती है।
पुरस्कार राशि व स्वरूप: ₹1 करोड़ की नकद राशि, एक प्रशस्ति पत्र, एक पट्टिका और एक उत्कृष्ट हस्तशिल्प/हथकरघा वस्तु।
प्रमुख प्राप्तकर्ता: जूलियस न्येरेरे (प्रथम विजेता 1995), नेल्सन मंडेला, ग्रामीण बैंक बांग्लादेश, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO), और गीता प्रेस गोरखपुर (2021)।
अभ्यास प्रश्न (Practice Questions)
1भारत का पांचवां सबसे बड़ा नागरिक/शांति सम्मान कौन सा है जिसकी स्थापना 1995 में हुई थी?
2गांधी शांति पुरस्कार की नकद पुरस्कार राशि कितनी है?
3भारत के 4 प्रमुख पद्म पुरस्कार एवं भारत रत्न किस वर्ष शुरू किए गए थे?
4भारत का दूसरा सबसे बड़ा नागरिक पुरस्कार कौन सा है?
5पद्म श्री पुरस्कार किस प्रकार की सेवा के लिए प्रदान किया जाता है?
6गांधी शांति पुरस्कार के प्रथम प्राप्तकर्ता (1995) कौन थे?
7जबलपुर के डॉ. मुनीश्वर चंदर डावर को 2023 में किस नागरिक सम्मान से सम्मानित किया गया था?
8भारतीय संविधान का कौन सा अनुच्छेद नागरिक सम्मानों को उपाधि के रूप में प्रयोग करने पर रोक लगाता है?
भारत के 5 सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार एवं सम्मान | MPPSC & UPSC Study Notes
भारत के 5 सर्वोच्च नागरिक सम्मानों (भारत रत्न, पद्म विभूषण, पद्म भूषण, पद्म श्री एवं गांधी शांति पुरस्कार) का ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, नियम, पुरस्कार स्वरूप, प्रथम विजेता तथा MPPSC व UPSC परीक्षा हेतु विश्लेषणात्मक संकलन।
Deepraj Sikarwar (Editorial Team)31 जुलाई 202614 min read