चर्चा में क्यों?
भारत की अध्यक्षता में 12-13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में 18वां BRICS शिखर सम्मेलन 2026 सफलतापूर्वक आयोजित हुआ।

यह सम्मेलन वर्तमान अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम के साथ-साथ MPPSC करेंट अफेयर्स 2026, MPPSC प्रारंभिक परीक्षा पाठ्यक्रम तथा MPPSC मुख्य परीक्षा पाठ्यक्रम (GS-2 अंतर्राष्ट्रीय संबंध) एवं UPSC परीक्षाओं के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है।
यह शिखर सम्मेलन उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहयोग को मजबूत करने, वैश्विक दक्षिण की प्राथमिकताओं को उजागर करने और 2001 में BRIC अवधारणा की शुरुआत के 25 साल पूरे होने (25-Year Milestone) का एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है।
BRIC / BRICS: अवधारणा, 25 वर्षों का सफर एवं विस्तार
ब्रिक्स (BRICS) प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं का एक अंतर्राष्ट्रीय समूह है जिसका उद्देश्य व्यापार, निवेश, वित्त, सतत विकास, प्रौद्योगिकी और वैश्विक शासन जैसे क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देना है।
BRIC की उत्पत्ति एवं ऐतिहासिक विकासक्रम:
- ब्रिक (BRIC) अवधारणा (2001): ब्रिक्स शब्द का प्रयोग सबसे पहले वर्ष 2001 में गोल्डमैन सैक्स के प्रसिद्ध ब्रिटिश अर्थशास्त्री जिम ओ'नील (Jim O'Neill) द्वारा ब्राजील, रूस, भारत और चीन की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं के लिए किया गया था। वर्ष 2026 में इसके 25 साल पूरे हो चुके हैं।
- संस्थापक सदस्य: ब्राजील, रूस, भारत और चीन (BRIC)।
- पहला आधिकारिक शिखर सम्मेलन: 16 जून 2009 को येकातेरिनबर्ग, रूस में आयोजित हुआ।
18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 का विस्तृत एजेंडा (9 प्रमुख बिंदु)
18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 सदस्य देशों के बीच सहयोग को मजबूत करने के साथ-साथ प्रमुख वैश्विक आर्थिक, तकनीकी और पर्यावरणीय चुनौतियों का समाधान करने पर केंद्रित है। भारत के एजेंडे में वैश्विक दक्षिण की प्राथमिकताओं, नवाचार, डिजिटल सहयोग, जलवायु कार्रवाई और सतत विकास पर विशेष जोर दिया गया है:
- 1. ग्लोबल साउथ (Global South): वैश्विक शासन एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में विकासशील देशों की आवाज और प्राथमिकताओं को मजबूत करना।
- 2. जलवायु कार्रवाई (Climate Action): जलवायु लचीलापन, स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों को बढ़ावा और सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति।
- 3. ग्रीन फाइनेंस (Green Finance): सतत व पर्यावरण-अनुकूल परियोजनाओं के लिए अधिक हरित और जलवायु वित्त को प्रोत्साहित करना।
- 4. डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (DPI): डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI), डिजिटल भुगतान (UPI, India Stack) और समावेशी डिजिटल सेवाओं में ब्रिक्स सहयोग का विस्तार।
18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 का महत्व
भारत की अध्यक्षता में आयोजित 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 महत्वपूर्ण है क्योंकि यह उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहयोग को मजबूत करने और वैश्विक दक्षिण की प्राथमिकताओं को उजागर करने का अवसर प्रदान करता है:

- ग्लोबल साउथ का सशक्तिकरण: वैश्विक निर्णय लेने में विकासशील और उभरती अर्थव्यवस्थाओं की सामूहिक आवाज को मजबूत करता है।
- वैश्विक शासन सुधार: बहुपक्षीय संस्थानों को अधिक प्रतिनिधि और समावेशी बनाने के प्रयासों का समर्थन करता है।
- जलवायु कार्रवाई: जलवायु परिवर्तन, सतत विकास और हरित विकास पर बहुपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देता है।
- डिजिटल सहयोग: डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (DPI), प्रौद्योगिकी और डिजिटल समावेशन में सहयोग को प्रोत्साहित करता है।
ब्रिक्स समूह और भारत के रणनीतिक हित (11 प्रमुख स्तंभ)
BRICS मंच भारत के लिए न केवल आर्थिक बल्कि बहुआयामी भू-राजनीतिक एवं रणनीतिक हित साधने का एक प्रमुख साधन है:
- 1. रणनीतिक स्वायत्तता और बहु-संरेखण (Strategic Autonomy & Multi-alignment): ब्रिक्स भारत को किसी एक गुट पर निर्भर रहे बिना स्वतंत्र विदेश नीति बनाए रखते हुए प्रमुख वैश्विक शक्तियों (रूस, चीन, ब्राजील, मध्य-पूर्व) के साथ जुड़ने में मदद करता है।
- 2. वैश्विक दक्षिण का नेतृत्व (Global South Leadership): यह खाद्य सुरक्षा, जलवायु वित्त, स्वास्थ्य सेवा, कर्ज राहत और विकास से संबंधित विकासशील देशों की चिंताओं को उठाने में भारत की विश्वगुरु/अग्रणी भूमिका को मजबूत करता है।
- 3. वैश्विक शासन सुधार (Global Governance Reforms): ब्रिक्स संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC), अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF), विश्व बैंक और विश्व व्यापार संगठन (WTO) में स्थायी सदस्यता व अधिक प्रतिनिधित्व की भारत की मांग का पुरजोर समर्थन करता है।
- 4. अधिक राजनयिक प्रभाव (Diplomatic Influence): यह समूह भारत को वैश्विक आर्थिक, वित्तीय और भू-राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा और अंतरराष्ट्रीय नियमों को आकार देने के लिए एक बड़ा मंच प्रदान करता है।
18वां BRICS शिखर सम्मेलन 2026: एक नज़र में प्रमुख तथ्य
- आयोजन तिथि: 12–13 सितंबर 2026
- मेजबान देश: भारत (1 जनवरी 2026 से अध्यक्षता संभाली)
- आयोजन स्थान: भारत मंडपम, नई दिल्ली
- भारत की अध्यक्षता: चौथी बार (पूर्व अध्यक्षता: 2012, 2016, 2021)
- अध्यक्ष: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
BRICS के 11 सदस्य देश एवं 10 पार्टनर कंट्रीज़
1. 11 पूर्ण सदस्य देश (Full Members)
- मूल 5 सदस्य: ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका
- 2024 विस्तार (5 सदस्य): मिस्र (Egypt), इथियोपिया (Ethiopia), ईरान (Iran), सऊदी अरब (Saudi Arabia), संयुक्त अरब अमीरात (UAE)
- 2025 विस्तार (1 सदस्य): इंडोनेशिया (Indonesia)
2. 10 पार्टनर देश (Partner Countries)
बेलारूस, बोलीविया, क्यूबा, कज़ाख़स्तान, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा, उज़्बेकिस्तान और वियतनाम।
18वें शिखर सम्मेलन में भाग लेने वाले प्रमुख वैश्विक नेता
- रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin)
- चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping)
- दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा (Cyril Ramaphosa)
- ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान (Masoud Pezeshkian)
- इंडोनेशियाई राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो (Prabowo Subianto)
- मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी (Abdel Fattah el-Sisi)
NDB (New Development Bank / ब्रिक्स बैंक) का ढांचा
- पूरा नाम: New Development Bank (पूर्व नाम: BRICS Bank)
- स्थापना: 2014 के फोर्टालेज़ा (Fortaleza), ब्राज़ील शिखर सम्मेलन के दौरान समझौता। 2015 से परिचालन शुरू।
- मुख्यालय: शंघाई, चीन (Shanghai, China)
- प्रारंभिक अधिकृत पूंजी: $100 बिलियन डॉलर (संस्थापक 5 देशों की समान शेयरधारिता व मताधिकार)।
- उद्देश्य: उभरती अर्थव्यवस्थाओं में बुनियादी ढांचे (Infrastructure) और सतत विकास परियोजनाओं को समर्थन देना।
सांस्कृतिक कूटनीति: PM मोदी ने पुतिन को भेंट किया 'तिरुक्कुरल'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को महान प्राचीन तमिल ग्रंथ 'तिरुक्कुरल' (Thirukkural) का सुंदर अनुवाद भेंट किया।

'तिरुक्कुरल' से जुड़े प्रमुख परीक्षा उपयोगी तथ्य:
- रचयिता: महान तमिल संत, कवि एवं दार्शनिक तिरुवल्लुवर (Thiruvalluvar)।
- संरचना: कुल 1,330 कुराल (दोहे) हैं, जो 133 अध्यायों में विभाजित हैं।
- तीन भाग (मुप्पाल / Muppaal): 1. : धर्म व नैतिकता, 2. : अर्थ, सुशासन व राजनीति, 3. : प्रेम व मानवीय भावनाएं।
परीक्षा दृष्टिकोण: MPPSC एवं UPSC के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
- MPPSC प्रारंभिक परीक्षा: BRICS के 11 सदस्य देश, 2001 में जिम ओ'नील द्वारा प्रतिपादित 25 साल की यात्रा, 2026 की थीम ('Humanity First'), NDB शंघाई मुख्यालय और तिरुक्कुरल के 3 मुप्पााल भागों पर 1-अंकीय फैक्चुअल प्रश्न।
- MPPSC मुख्य परीक्षा (GS-2 अंतर्राष्ट्रीय संबंध): 'ब्रिक्स समूह और भारत के 11 रणनीतिक हित', 'वैश्विक दक्षिण (Global South) का नेतृत्व', 'डी-डॉलराइज़ेशन व स्थानीय मुद्रा व्यापार' तथा 'UNSC/IMF सुधारों' पर 11-अंकीय दीर्घ उत्तरीय प्रश्न।
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एक नजर में टाइमलाइन (BRICS Milestones 2001–2026)
- 2001: अर्थशास्त्री जिम ओ'नील द्वारा 'BRIC' शब्द प्रतिपादित।
- 2006: BRIC की पहली औपचारिक विदेश मंत्री स्तरीय बैठक।
- 2009: पहला BRIC शिखर सम्मेलन (येकातेरिनबर्ग, रूस)।
- 2010: दक्षिण अफ्रीका शामिल, नाम बदलकर BRICS हुआ।
- 2024: बड़ा विस्तार (मिस्र, इथियोपिया, ईरान, UAE, सऊदी अरब शामिल)।
- 2025: इंडोनेशिया 11वें पूर्ण सदस्य के रूप में जुड़ा।
अभ्यास प्रश्न (Practice Questions)
118वें BRICS शिखर सम्मेलन 2026 से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसका आयोजन 12-13 सितंबर 2026 को भारत मंडपम, नई दिल्ली में हुआ। 2. वर्ष 2026 में ब्रिक (BRIC) अवधारणा के 25 वर्ष पूरे हुए हैं। 3. 2026 की आधिकारिक थीम 'Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability' है। उपरोक्त में से कौन से कथन सही हैं?
2भारत के 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 के एजेंडे में निम्नलिखित में से कौन सा बिंदु शामिल नहीं है?
3वर्ष 2026 तक BRICS समूह के पूर्ण सदस्य देशों की कुल संख्या कितनी हो चुकी है?
4न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB / BRICS Bank) के संबंध में कौन सा कथन सत्य है?
5PM मोदी द्वारा 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में व्लादिमीर पुतिन को भेंट की गई पुस्तक 'तिरुक्कुरल' के संबंध में कौन सा कथन गलत है?
6ब्रिक्स समूह में भारत के रणनीतिक हितों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
718वें BRICS शिखर सम्मेलन 2026 में स्वीकृत 'New Delhi Declaration' की मुख्य प्राथमिकता क्या है?
8निम्नलिखित में से किस वर्ष भारत ने BRICS शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता नहीं की?
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
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