Key Highlights
1. भारत में रामसर स्थल 2026: हालिया घटनाक्रम एवं परिचय

भारत में आर्द्रभूमि (Wetlands) संरक्षण की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए देश में रामसर स्थलों की कुल संख्या बढ़कर 101 हो गई है। केंद्र सरकार के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, 3 अगस्त 2026 को अरुणाचल प्रदेश के लोहित जिले में स्थित प्रसिद्ध ग्लाव झील (Glaw Lake) को अंतर्राष्ट्रीय महत्व का रामसर स्थल (101st Ramsar Site of India) घोषित किया गया है। यह अरुणाचल प्रदेश का पहला रामसर स्थल भी है।
वर्तमान में भारत के 28 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में 101 रामसर स्थल विस्तृत हैं, जो देश के समृद्ध जलवैज्ञानिक, पारिस्थितिकीय और जैव विविधता संतुलन को प्रदर्शित करते हैं। इनमें से सबसे बड़ा रामसर स्थल पश्चिम बंगाल स्थित सुंदरबन आर्द्रभूमि (4,230 वर्ग किमी) है, जबकि सबसे छोटे स्थलों में हिमाचल प्रदेश की रेणुका झील (0.2 वर्ग किमी) तथा तमिलनाडु का वेम्बन्नूर आर्द्रभूमि परिसर (0.2 वर्ग किमी) शामिल हैं। भारत के प्रथम रामसर स्थल के रूप में वर्ष 1981 में ओडिशा की चिल्का झील और राजस्थान के केवलादेव घाना राष्ट्रीय उद्यान को शामिल किया गया था।
मध्य प्रदेश में वर्तमान में कुल 5 रामसर स्थल (Ramsar Sites) हैं
मध्य प्रदेश में वर्तमान में कुल 5 रामसर स्थल (Ramsar Sites in Madhya Pradesh) स्थित हैं, जो राज्य के समृद्ध पारिस्थितिकीय संतुलन, पक्षी संरक्षण और आर्द्रभूमि प्रबंधन का प्रतिनिधित्व करते हैं:
- भोज आर्द्रभूमि (Bhoj Wetland): यह भोपाल जिले में स्थित है और इसे 2002 में सबसे पहले रामसर स्थल घोषित किया गया था।
- सांख्य सागर (Sankhya Sagar): यह शिवपुरी जिले के माधव राष्ट्रीय उद्यान में स्थित है, जिसे 2022 में रामसर सूची में शामिल किया गया।
- सिरपुर तालाब (Sirpur Lake): यह इंदौर जिले में स्थित है और इसे भी 2022 में रामसर स्थल का दर्जा मिला।
- यशवंत सागर (Yashwant Sagar): यह भी इंदौर जिले में स्थित प्रमुख आर्द्रभूमि है, जिसे वर्ष 2022 में मान्यता दी गई थी।
- तवा जलाशय (Tawa Reservoir): नर्मदापुरम (होशंगाबाद) जिले में सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के पास स्थित यह जलाशय प्रदेश का नवीनतम रामसर स्थल है, जिसे अगस्त 2024 में घोषित किया गया।
विश्व आर्द्रभूमि दिवस 2026 थीम (World Wetlands Day 2026 Theme & Facts)
- विश्व आर्द्रभूमि दिवस (World Wetlands Day): प्रतिवर्ष 2 फरवरी को 1971 के रामसर सम्मेलन के हस्ताक्षर दिवस की स्मृति में मनाया जाता है।
- विश्व आर्द्रभूमि दिवस 2026 की थीम (Theme 2026): "Wetlands and Human Wellbeing" (आर्द्रभूमि और मानव कल्याण)। यह थीम आर्द्रभूमियों के पारिस्थितिक तंत्र और मानव स्वास्थ्य, आजीविका व जलवायु सुरक्षा के बीच अटूट संबंध पर जोर देती है।
2. रामसर स्थल क्या है एवं रामसर सम्मेलन (Ramsar Convention 1971) के मानदंड
रामसर स्थल एक अंतर्राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त आर्द्रभूमि क्षेत्र है, जिसे 2 फरवरी 1971 को ईरान के रामसर शहर में हस्ताक्षरित रामसर सम्मेलन (Ramsar Convention on Wetlands) के अंतर्गत वैश्विक जैव विविधता और पारिस्थितिक तंत्र के संरक्षण के लिए नामांकित किया जाता है। भारत 1 फरवरी 1982 को इस सम्मेलन का हस्ताक्षरकर्ता बना।
किसी आर्द्रभूमि को रामसर स्थल का दर्जा प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित 9 अंतरराष्ट्रीय मानदंडों में से कम से कम एक को पूरा करना अनिवार्य होता है:
- मानदंड 1 (अद्वितीय/दुर्लभ आर्द्रभूमि): यदि वह आर्द्रभूमि संबंधित जैव-भौगोलिक क्षेत्र में एक अद्वितीय या प्रतिनिधि प्राकृतिक/निकट-प्राकृतिक उदाहरण प्रस्तुत करती हो।
- मानदंड 2 (लुप्तप्राय प्रजातियां): यदि यह संकटग्रस्त, लुप्तप्राय या अति-संवेदनशील प्रजातियों या पारिस्थितिक समुदायों का समर्थन करती हो।
- मानदंड 3 (जैव विविधता पोषिता): यदि यह किसी विशिष्ट जैव-भौगोलिक क्षेत्र की पादप व पशु विविधता को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हो।
- मानदंड 4 (जीवन चक्र में सहायता): यदि यह जीवों को उनके जीवन चक्र के नाजुक चरणों में शरण या प्रतिकूल परिस्थितियों में सुरक्षा प्रदान करती हो।
- मानदंड 5 (20,000+ जलपक्षी): यदि यह नियमित रूप से 20,000 या उससे अधिक जलपक्षियों (Waterbirds) का आवास स्थल हो।
- मानदंड 6 (1% जलपक्षी आबादी): यदि यह जलपक्षी की किसी एक प्रजाति या उप-प्रजाति की वैश्विक आबादी का कम से कम 1% नियमित रूप से समर्थन करती हो।
- मानदंड 7 (मछली विविधता व जीवन चक्र): यदि यह देशी मछली प्रजातियों, जीवन-चक्र चरणों और पारिस्थितिक अंतःक्रियाओं का एक महत्वपूर्ण अनुपात समर्थित करती हो।
- मानदंड 8 (मत्स्य प्रजनन व नर्सरी): यदि यह मछलियों के लिए भोजन, नर्सरी क्षेत्र या प्रवासन मार्ग का कार्य करती हो।
- मानदंड 9 (अन्य गैर-पक्षी प्रजातियों की 1% आबादी): यदि यह गैर-एवियन जल-निर्भर पशु प्रजातियों की 1% आबादी का नियमित समर्थन करती हो।
3. भारत का 101वाँ रामसर स्थल: ग्लाव झील (Glaw Lake, Arunachal Pradesh)

केंद्र सरकार द्वारा 3 अगस्त 2026 को अधिसूचित ग्लाव झील (Glaw Lake) अरुणाचल प्रदेश के लोहित जिले के वाकरो (Wakro) उप-विभाग में कमलांग वन्यजीव अभयारण्य (Kamlang Wildlife Sanctuary) के भीतर स्थित एक अत्यंत प्राचीन और प्राकृतिक रूप से समृद्ध उच्च-ऊंचाई वाली मीठे पानी की झील है।
- स्थान एवं भूगोल: यह झील समुद्र तल से लगभग 1,200 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है और घने उप-उष्णकटिबंधीय वर्षावनों तथा मिशमी पहाड़ियों से घिरी हुई है।
- पारिस्थितिकीय महत्व: यह झील कमलांग नदी का मुख्य जलग्रहण स्रोत है, जो आगे चलकर लोहित नदी में मिलती है। यह संकटग्रस्त हॉर्नबिल, मिशमी ताकिन (Mishmi Takin), कस्तूरी मृग और दुर्लभ जैव विविधता का निवास स्थान है।
- सांस्कृतिक महत्व: स्थानीय मिशमी जनजाति (Mishmi Tribe) के लिए यह झील अत्यंत पवित्र मानी जाती है और पारंपरिक लोक मान्यताओं से जुड़ी हुई है।
4. वर्ष 2025 एवं 2026 में हाल ही में जोड़े गए नए रामसर स्थल (16 स्थल)
वर्ष 2025 और 2026 के दौरान भारत ने अपनी सूची में 16 नए रामसर स्थलों को जोड़ा है, जिससे कुल संख्या 101 तक पहुँच गई है। इन हालिया परिवर्द्धनों की सूची निम्नलिखित है:
| क्र. | रामसर स्थल का नाम | राज्य / केंद्र शासित प्रदेश | नामित वर्ष | प्रमुख विवरण व पारिस्थितिक महत्व |
|---|---|---|---|---|
| 1 | सक्कराकोट्टई पक्षी अभयारण्य | तमिलनाडु | 2025 | प्रवासी जलपक्षियों एवं जलीय वनस्पतियों हेतु महत्वपूर्ण टैंक पारिस्थितिकी तंत्र। |
| 2 | थेरथांगल पक्षी अभयारण्य | तमिलनाडु | 2025 | स्थानीय समुदाय द्वारा संरक्षित सिंचाई टैंक व पक्षी प्रजनन केंद्र। |
| 3 | खेचेओपालरी आर्द्रभूमि | सिक्किम | 2025 | डेमाजोंग घाटी में हिंदू व बौद्ध समुदाय हेतु पवित्र उच्च-ऊंचाई वाली पवित्र झील। |
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5. भारत में रामसर स्थलों की राज्यवार संपूर्ण सूची 2026 (101 स्थल)
नीचे भारत के सभी 28 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में स्थित सभी 101 रामसर स्थलों की प्रामाणिक राज्यवार सूची दी गई है:
| क्रमांक | रामसर साइट | राज्य/केंद्र शासित प्रदेश | नामित वर्ष | क्षेत्रफल (किमी²) |
|---|---|---|---|---|
| 1 | चिल्का झील | ओडिशा | 1981 | 1,165 |
| 2 | केओलादेव राष्ट्रीय उद्यान | राजस्थान | 1981 | 28.73 |
| 3 | लोकटक झील | मणिपुर | 1990 | 266 |
| 4 | हरिके आर्द्रभूमि | पंजाब | 1990 | 41 |
| क्रमांक | रामसर स्थल का नाम | जिला | नामित वर्ष | क्षेत्रफल | प्रमुख पारिस्थितिक विशेषता |
|---|---|---|---|---|---|
| 1 | भोज आर्द्रभूमि (Bhoj Wetland) | भोपाल (Bhopal) | 2002 | 32 वर्ग किमी | अपर लेक (बड़ा तालाब) व लोअर लेक (छोटा तालाब); सारस क्रेन आश्रय। |
| 2 | साख्य सागर (Sakhya Sagar) | शिवपुरी (माधव राष्ट्रीय उद्यान) | 2022 | 2.48 वर्ग किमी | मणियार नदी पर निर्मित; मगरमच्छ व चिकने कोट वाले ऊदबिलाव का निवास। |
| 3 | सिरपुर आर्द्रभूमि (Sirpur Wetland) | इंदौर (Indore) | 2022 |
- 2. साख्य सागर (Sakhya Sagar, Shivpuri - 2022): शिवपुरी जिले में माधव राष्ट्रीय उद्यान के निकट स्थित यह जलाशय मणियार नदी पर बना हुआ है। यह दलदली मगरमच्छों (Mugger Crocodiles) और चिकने कोट वाले ऊदबिलावों (Smooth-Coated Otters) का प्रमुख आश्रय स्थल है।
- 3. सिरपुर आर्द्रभूमि (Sirpur Wetland, Indore - 2022): इंदौर में स्थित यह 130 वर्ष पुराना मानव निर्मित आर्द्रभूमि क्षेत्र इंदौर के होल्कर राजवंश द्वारा विकसित किया गया था। यह 130 से अधिक पक्षी प्रजातियों (जैसे मिस्र का गिद्ध, कॉमन पोचार्ड) का शीतकालीन आवास है।
- 4. यशवंत सागर (Yashwant Sagar, Indore - 2022): इंदौर जिले के देपालपुर क्षेत्र में गंभीर नदी पर बना यह जलाशय मध्य भारत में 'सारस क्रेन' (Sarus Crane) का सबसे बड़ा प्रजनन क्षेत्र माना जाता है और इसे बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी (BNHS) द्वारा महत्वपूर्ण पक्षी क्षेत्र (IBA) घोषित किया गया है।
7. भारत के प्रमुख रामसर स्थल: सर्वाधिक, सबसे छोटे एवं प्रथम स्थल

परीक्षा की दृष्टि से भारत के रामसर स्थलों के महत्वपूर्ण तुलनात्मक तथ्य निम्नलिखित हैं:
- सर्वाधिक रामसर स्थलों वाला राज्य: तमिलनाडु (18 स्थल) के साथ भारत में प्रथम स्थान पर है, जबकि उत्तर प्रदेश (13 स्थल) द्वितीय स्थान पर है।
- भारत का सबसे बड़ा रामसर स्थल: पश्चिम बंगाल का सुंदरबन आर्द्रभूमि (4,230 वर्ग किमी) है। इसके बाद तमिलनाडु का काझुवेली पक्षी अभयारण्य (1,513 वर्ग किमी) और केरल का वेम्बनाड-कोल (1,512.5 वर्ग किमी) आते हैं।
- भारत के सबसे छोटे रामसर स्थल: हिमाचल प्रदेश की रेणुका झील (0.2 वर्ग किमी) और तमिलनाडु का वेम्बन्नूर आर्द्रभूमि परिसर (0.2 वर्ग किमी) भारत के सबसे छोटे नामांकित स्थल हैं।
- भारत के प्रथम रामसर स्थल: वर्ष 1981 में ओडिशा की चिल्का झील और राजस्थान के केवलादेव घाना राष्ट्रीय उद्यान को एक साथ भारत के प्रथम रामसर स्थल के रूप में नामित किया गया था।
8. भारत में मोंट्रेक्स रिकॉर्ड (Montreux Record in India)

मोंट्रेक्स रिकॉर्ड रामसर सूची के तहत अंतरराष्ट्रीय महत्व के उन आर्द्रभूमि स्थलों का एक रजिस्टर (Register) है जहाँ तकनीकी विकास, प्रदूषण या मानवीय हस्तक्षेप के कारण पारिस्थितिक चरित्र (Ecological Character) में परिवर्तन आ चुका है, आ रहा है या आने की संभावना है।
वर्तमान में भारत के केवल 2 रामसर स्थल मोंट्रेक्स रिकॉर्ड में दर्ज हैं:
- केवलादेव घाना राष्ट्रीय उद्यान (राजस्थान): वर्ष 1990 में शामिल। कारण: जल की कमी तथा आक्रामक वनस्पति (पसपालम डिस्टिचम घास) का अत्यधिक फैलाव।
- लोकटक झील (मणिपुर): वर्ष 1993 में शामिल। कारण: इथाई बैराज निर्माण के कारण फुमडी (Phumdis) का क्षरण, गाद जमना और प्रदूषण।
- विशेष नोट (चिल्का झील का हटना): ओडिशा की चिल्का झील को वर्ष 1993 में मोंट्रेक्स रिकॉर्ड में डाला गया था, लेकिन चिल्का विकास प्राधिकरण (CDA) के सफल गाद सफाई व संरक्षण प्रयासों के कारण वर्ष 2002 में इसे मोंट्रेक्स रिकॉर्ड से हटा दिया गया। इसके लिए भारत को 'रामसर संरक्षण पुरस्कार' भी मिला था।
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9. MPPSC एवं UPSC परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण दृष्टिकोण व पाठ्यक्रम जुड़ाव
- MPPSC मुख्य परीक्षा (GS Paper-3, Unit-10/Environment): आर्द्रभूमि के पारिस्थितिकीय सेवाएँ (भूजल पुनर्भरण, बाढ़ नियंत्रण, कार्बन अवशोषण), रामसर सम्मेलन 1971 के मानदंड, तथा आर्द्रभूमि संरक्षण अधिनियम 2017 पर 5 व 11 अंकों के विश्लेषणात्मक प्रश्न पूछे जाते हैं।
- UPSC Prelims & Mains (GS-3 Environment): मोंट्रेक्स रिकॉर्ड मानदंड, प्रवासी पक्षी फ्लाईवे (Central Asian Flyway), रामसर स्थलों का मानचित्र आधारित मिलान, और आर्द्रभूमियों का आर्थिक व पर्यावरणीय महत्व।
अभ्यास प्रश्न (Practice Questions)
13 अगस्त 2026 को घोषित भारत का 101वाँ रामसर स्थल 'ग्लाव झील' (Glaw Lake) किस राज्य/केंद्र शासित प्रदेश में स्थित है?
2भारत में अगस्त 2026 तक रामसर स्थलों की कुल संख्या बढ़कर कितनी हो गई है?
3भारत में सर्वाधिक रामसर स्थलों वाला राज्य कौन सा है?
4क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत का सबसे बड़ा रामसर स्थल कौन सा है?
5वर्तमान में भारत के कौन से दो रामसर स्थल 'मोंट्रेक्स रिकॉर्ड' (Montreux Record) में शामिल हैं?
6निम्नलिखित में से मध्य प्रदेश का कौन सा स्थल रामसर सूची में शामिल नहीं है?
7वर्ष 1981 में नामित भारत के प्रथम रामसर स्थल कौन से थे?
8रामसर सम्मेलन (Ramsar Convention) किस वर्ष अपनाया गया था तथा भारत किस वर्ष इसका हस्ताक्षरकर्ता बना?




