परीक्षा में क्यों महत्वपूर्ण? (Why in News?)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इंडोनेशिया यात्रा (जुलाई 2026) के दौरान भारत और इंडोनेशिया ने प्रंबानन मंदिर (Prambanan Temple) के संरक्षण एवं जीर्णोद्धार के लिए संयुक्त परियोजना (Joint Conservation Project) पर सहमति जताई। यह भारत की Act East Policy, सांस्कृतिक कूटनीति (Cultural Diplomacy) तथा ASEAN देशों के साथ विरासत संरक्षण सहयोग का महत्वपूर्ण उदाहरण है।
प्रंबानन मंदिर क्या है? (What is Prambanan Temple?)
प्रंबानन (Prambanan) इंडोनेशिया का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर परिसर है। यह यूनेस्को विश्व धरोहर (UNESCO World Heritage Site) है तथा दक्षिण-पूर्व एशिया में अंगकोर वाट (कंबोडिया) के बाद दूसरा सबसे बड़ा हिंदू मंदिर परिसर माना जाता है।
प्रमुख तथ्य एवं इतिहास (Key Facts & History)
- स्थान: योग्याकार्ता (Yogyakarta), इंडोनेशिया (योग्याकार्ता से लगभग 17 किमी उत्तर-पूर्व)
- निर्माण: 9वीं शताब्दी (मताराम राजवंश के राजा रकाई पिकाटन द्वारा प्रारंभ)
- कुल परिसर एवं मंदिर: लगभग 40 हेक्टेयर क्षेत्र में विस्तृत, जिसमें कुल 508 मंदिर थे (प्रारंभिक परिसर में लगभग 240 मुख्य मंदिर थे)
- मुख्य देवता: भगवान शिव, भगवान विष्णु एवं भगवान ब्रह्मा (त्रिमूर्ति)। इनमें भगवान शिव का मंदिर सबसे ऊंचा (लगभग 47 मीटर) है।
- वाहन मंदिर: त्रिमूर्ति के वाहनों को समर्पित तीन छोटे मंदिर सामने स्थित हैं— नंदी (शिव), गरुड़ (विष्णु) और हंस (ब्रह्मा)।
- वास्तुकला की विशेषताएँ: रामायण एवं भागवत पुराण के प्रसंगों की अत्यंत सुंदर नक्काशी की गई है। इस पर पल्लव और दक्षिण भारतीय मंदिर वास्तुकला शैली का गहरा प्रभाव दिखाई देता है। यहाँ महिषासुर मर्दिनी (दुर्गा) की प्रसिद्ध प्रतिमा भी स्थापित है।
- इतिहास एवं विनाश: 9वीं सदी में बने इस भव्य परिसर को माउंट मेरापी ज्वालामुखी विस्फोट और भीषण भूकंपों से भारी क्षति पहुंची। 19वीं-20वीं शताब्दी में ब्रिटिश और डच पुरातत्वविदों द्वारा इसकी खोज और आंशिक पुनर्स्थापन का काम शुरू हुआ। 1945 में स्वतंत्रता के बाद इंडोनेशियाई सरकार ने इसका बड़े पैमाने पर पुनर्निर्माण कराया और 1991 में इसे UNESCO विश्व धरोहर घोषित किया गया।

भारत-इंडोनेशिया सहयोग एवं ASI की भूमिका (Joint Cooperation & ASI's Role)
हाल ही में दोनों देशों के मध्य सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, ऐतिहासिक संबंधों को सुदृढ़ करने तथा 'Shared Heritage' (साझा विरासत) की अवधारणा को मजबूत करने के लिए यह संरक्षण परियोजना प्रारंभ की गई है। इसमें भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) प्रमुख तकनीकी विशेषज्ञ की भूमिका निभाएगा।
- ASI की अन्य प्रमुख international संरक्षण परियोजनाएँ: भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण इससे पहले भी दक्षिण-पूर्व एशिया में कई ऐतिहासिक स्थलों का जीर्णोद्धार और संरक्षण सफलतापूर्वक कर चुका है:
- अंगकोर वाट (Angkor Wat) - कंबोडिया
- ता प्रोहम मंदिर (Ta Prohm) - कंबोडिया
- वाट फौ मंदिर (Vat Phou) - लाओस
- माई सोन मंदिर (My Son) - वियतनाम
- आनंद मंदिर (Ananda Temple) - म्यांमार

अभ्यास प्रश्न (Practice Questions)
1प्रंबानन मंदिर किस देश में स्थित है?
2प्रंबानन मंदिर किस देवता समूह को समर्पित है?
3प्रंबानन मंदिर को यूनेस्को विश्व धरोहर का दर्जा कब मिला?
4प्रंबानन मंदिर का निर्माण किस राजवंश के शासक ने कराया?
5भारत द्वारा प्रंबानन मंदिर के संरक्षण में कौन-सी संस्था प्रमुख भूमिका निभाएगी?
6प्रंबानन मंदिर के निकट स्थित प्रसिद्ध ज्वालामुखी कौन-सा है?
7प्रंबानन मंदिर परिसर में कुल कितने मंदिर हैं?
8निम्न कथनों पर विचार कीजिए— 1. प्रंबानन इंडोनेशिया का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर परिसर है। 2. भारत और इंडोनेशिया ने इसके संरक्षण हेतु संयुक्त परियोजना शुरू करने का निर्णय लिया है। सही विकल्प चुनिए—
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
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