परीक्षा में क्यों महत्वपूर्ण? (Why in News?)
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सिविल न्यूक्लियर सहयोग (Civil Nuclear Cooperation) से भारत के लिए ऑस्ट्रेलिया से व्यावसायिक (Commercial) यूरेनियम आयात का मार्ग और मजबूत हुआ है। यह समझौता भारत के 2047 तक 100 GW परमाणु ऊर्जा क्षमता के लक्ष्य, ऊर्जा सुरक्षा, स्वच्छ ऊर्जा (Clean Energy) तथा भारत-ऑस्ट्रेलिया रणनीतिक संबंधों की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
यूरेनियम (Uranium) क्या है?
यूरेनियम एक रेडियोधर्मी (Radioactive) भारी धातु है जिसका रासायनिक प्रतीक U और परमाणु क्रमांक 92 है। इसकी खोज मार्टिन क्लापरोथ द्वारा वर्ष 1789 में की गई थी, और इसका नामकरण यूरेनस (Uranus) ग्रह के नाम पर किया गया। इसका प्रमुख उपयोग परमाणु रिएक्टरों में बिजली उत्पादन के लिए परमाणु ईंधन के रूप में, चिकित्सा, रक्षा और विकिरण सुरक्षा उपकरणों में होता है।


भारत को इसकी आवश्यकता क्यों है? (Why does India need Uranium?)
भारत ने वर्ष 2047 (आजादी के अमृत काल) तक 100 GW परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
- वर्तमान स्थिति: भारत में वर्तमान में 24 परमाणु रिएक्टर चालू हैं, जिनकी कुल स्थापित क्षमता लगभग 8.78 GW है।
- आगामी लक्ष्य: सरकार का लक्ष्य वर्ष 2031-32 तक क्षमता बढ़ाकर 22 GW और वर्ष 2047 तक 100 GW करना है।
घरेलू यूरेनियम संसाधनों के सीमित होने के कारण इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए विदेशी आयात अत्यंत महत्वपूर्ण है।

यूरेनियम संसाधन: ऑस्ट्रेलिया और वैश्विक स्थिति (Uranium Reserves: Australia & Global Status)
ऑस्ट्रेलिया के पास दुनिया का सबसे बड़ा ज्ञात यूरेनियम भंडार है, जो वैश्विक भंडार का लगभग 28% है। प्रमुख यूरेनियम भंडार वाले देशों की तालिका निम्न प्रकार है:
| देश (Country) | वैश्विक हिस्सेदारी (Global Share) |
|---|---|
| ऑस्ट्रेलिया (Australia) | 28% |
| कजाकस्तान (Kazakhstan) | 14% |
| कनाडा (Canada) | 10% |
| रूस व नामीबिया (Russia & Namibia) | प्रमुख भंडार व उत्पादक |
भारत वर्तमान में मुख्य रूप से कजाकस्तान, कनाडा, रूस और ऑस्ट्रेलिया से यूरेनियम आयात करता है। ऑस्ट्रेलिया से समझौता भारत की आयात विविधता और सुरक्षा को और मजबूत करेगा।
भारत के यूरेनियम आयात के प्रमुख स्रोत
भारत वर्तमान में इन प्रमुख देशों से यूरेनियम आयात करता है:
| देश (Country) | अनुमानित हिस्सेदारी (Estimated Share) | परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण तथ्य (Key Facts) |
|---|---|---|
| कजाकस्तान | 40–50% | भारत का सबसे बड़ा विदेशी यूरेनियम आपूर्तिकर्ता। |
| कनाडा | 20–30% | 2015 के समझौते के बाद आपूर्ति में वृद्धि। |
| रूस | 10–15% | परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में भारत का दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदार। |
| उज्बेकिस्तान | लगभग 10% | हाल के वर्षों में भारत को यूरेनियम निर्यात बढ़ाया। |
परमाणु ऊर्जा संचालन एवं नीतियां (Nuclear Power Operations in India)
भारत में परमाणु ऊर्जा उत्पादन का मुख्य संचालन भारतीय परमाणु ऊर्जा निगम लिमिटेड (NPCIL) द्वारा किया जाता है।
- NPCIL (Nuclear Power Corporation of India Limited): यह भारत सरकार के परमाणु ऊर्जा विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण के अधीन कार्यरत सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है। इसका मुख्य कार्य परमाणु बिजली संयंत्रों का डिजाइन, निर्माण, संचालन और रखरखाव करना है।
- Nuclear Energy Mission: सरकार के इस विशेष मिशन का उद्देश्य परमाणु ऊर्जा क्षमता का सुरक्षित और तीव्र विस्तार करना है ताकि जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम हो सके और देश के नेट ज़ीरो (Net Zero) उत्सर्जन लक्ष्यों को समय पर प्राप्त किया जा सके।
अभ्यास प्रश्न (Practice Questions)
1विश्व का सबसे बड़ा ज्ञात यूरेनियम भंडार किस देश में है?
2भारत ने वर्ष 2047 तक परमाणु ऊर्जा क्षमता का कितना लक्ष्य निर्धारित किया है?
3भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के जनक किसे माना जाता है?
4अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) का मुख्यालय कहाँ स्थित है?
5भारतीय परमाणु ऊर्जा निगम लिमिटेड (NPCIL) का मुख्य कार्य क्या है?
6भारत के तीन-चरणीय परमाणु कार्यक्रम के तीसरे चरण में किस ईंधन पर विशेष बल दिया गया है?
7भारत ने वर्ष 2047 तक परमाणु ऊर्जा से कितनी स्वच्छ बिजली उत्पादन क्षमता का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है?
8विश्व की सबसे बड़ी यूरेनियम खानों में से एक 'ओलंपिक डैम' (Olympic Dam Mine) किस देश में स्थित है?
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
लेख के स्रोत
3 स्रोत
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