MPPSC & UPSC विशेष: भारत का नया AI सुपरकंप्यूटर 'परम प्रज्ञा' — परम 8000 से परम प्रज्ञा तक भारत की सुपरकंप्यूटिंग व AI क्रांति की गौरवगाथा (hi) | Aakar IAS
भारत ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग (HPC) के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचते हुए 'परम प्रज्ञा' (PARAM Pragya) नामक अत्याधुनिक AI-पावर्ड सुपरकंप्यूटिंग सुविधा का उद्घाटन किया है।
उद्घाटन: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 अगस्त 2026 को आईआईटी दिल्ली (IIT Delhi) के 57वें दीक्षांत समारोह के अवसर पर सोनीपत परिसर (Sonipat Campus) में इस सुपरकंप्यूटर का औपचारिक लोकार्पण किया।
राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन (NSM): इस सुपरकंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) तथा इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के संयुक्त तत्वावधान में C-DAC (सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग) द्वारा विकसित किया गया है।
लागत व निवेश: परियोजना की कुल लागत ₹135 करोड़ है, जिसमें से ₹110 करोड़ राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन (NSM) द्वारा तथा ₹25 करोड़ आईआईटी दिल्ली द्वारा वहन किए गए हैं।
परम प्रज्ञा: तकनीकी संरचना एवं विशेषताएँ (Specifications & Architecture)
'परम प्रज्ञा' को विशेष रूप से गहन एआई अनुसंधान (Deep AI Research), लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM) ट्रेनिंग और जटिल वैज्ञानिक सिमुलेशन चलाने के उद्देश्य से डिजाइन किया गया है:
1. 250 AI पेटाफ्लॉप्स कंप्यूटिंग क्षमता
पेटाफ्लॉप (Petaflop) की परिभाषा: 1 पेटाफ्लॉप का अर्थ है प्रति सेकंड 10^15 (1 quadrillion) फ्लोटिंग-पॉइंट ऑपरेशन्स (FLOPs) निष्पादित करने की क्षमता।
AI क्षमता: परम प्रज्ञा एआई-विशिष्ट मिश्रित-सटीकता (Mixed Precision AI Computation) में 250 AI पेटाफ्लॉप्स की अभूतपूर्व गति प्रदान करता है, जो इसे भारत के सबसे शक्तिशाली एआई सुपरकंप्यूटरों की श्रेणी में खड़ा करता है।
2. 400 NVIDIA A100 GPUs का शक्तिशाली क्लस्टर
हार्डवेयर सर्वर विन्यास: इसमें 400 उच्च क्षमता वाले NVIDIA A100 80GB Tensor Core GPUs लगे हैं, जो हाई-स्पीड NVLink इंटरकनेक्ट के माध्यम से जुड़े हैं।
परम 8000 से परम प्रज्ञा तक: भारत की स्वदेशी सुपरकंप्यूटिंग यात्रा
भारत की सुपरकंप्यूटिंग यात्रा वैज्ञानिकों के दृढ़ संकल्प, राजनीतिक इच्छाशक्ति और प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भरता (Self-reliance) की स्वर्णिम गाथा है:
1. अमेरिका द्वारा 'क्र्रे (Cray)' सुपरकंप्यूटर देने से इंकार (1980s)
पृष्ठभूमि: 1980 के दशक के उत्तरार्ध में भारत सरकार (मौसम पूर्वानुमान हेतु) अमेरिका से Cray X-MP सुपरकंप्यूटर खरीदना चाहती थी।
तकनीकी प्रतिबंध (Denied Access): अमेरिका ने यह आशंका जताते हुए कि भारत इसका उपयोग परमाणु हथियार डिजाइन करने में कर सकता है, भारत को सुपरकंप्यूटर बेचने से मना कर दिया।
2. C-DAC का गठन एवं डॉ. विजय भटकर की भूमिका (1988)
C-DAC की स्थापना: 1988 में भारत सरकार ने पुणे में का गठन किया।
राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन (NSM) एवं C-DAC की भूमिका
राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन (NSM) क्या है?
लॉन्च तिथि: वर्ष 2015 में 7 वर्षों की अवधि के लिए (₹4,500 करोड़ के परिव्यय के साथ) लॉन्च किया गया।
नोडल मंत्रालय: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) तथा इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY)।
कार्यान्वयन एजेंसियाँ: सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (C-DAC, पुणे) तथा भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc, बेंगलुरु)।
मुख्य उद्देश्य: देश भर के अकादमिक और शोध संस्थानों को एक राष्ट्रीय हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग (HPC) ग्रिड से जोड़ना तथा सुपरकंप्यूटरों का स्वदेशी विनिर्माण करना।
NSM के 3 विकास चरण (Phases of NSM)
'परम प्रज्ञा' के प्रमुख अनुप्रयोग एवं सामरिक महत्व
परम प्रज्ञा केवल एक गणनात्मक मशीन नहीं है, बल्कि यह भारत के सामाजिक-आर्थिक और वैज्ञानिक विकास का आधार स्तंभ है:
1. भाषिणी (Bhashini) एवं भारतीय भाषा AI मॉडल (Indic Multilingual AI)
भारतीय भाषाओं में AI: भारत की विविध भाषाओं में प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण (NLP) और वॉयस AI विकसित करने के लिए बड़े AI मॉडलों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
2. सटीक स्वास्थ्य सेवा एवं औषधि खोज (Precision Healthcare & Drug Discovery)
ड्रग डिजाइनिंग: जीनोमिक्स डाटा का विश्लेषण, कैंसर और संक्रामक रोगों के लिए नई दवाओं का त्वरित वर्चुअल सिम्यूलेशन।
3. मानसून व जलवायु पूर्वानुमान (Monsoon & Weather Prediction)
कृषि सहायता: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के लिए मानसून के सटीक मॉडल और चक्रवात की सटीक पूर्व चेतावनी प्रणाली।
MPPSC & UPSC विशेष: भारत का नया AI सुपरकंप्यूटर 'परम प्रज्ञा' — परम 8000 से परम प्रज्ञा तक भारत की सुपरकंप्यूटिंग व AI क्रांति की गौरवगाथा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आईआईटी दिल्ली (सोनीपत परिसर) में 250 AI पेटाफ्लॉप्स क्षमता वाले 'परम प्रज्ञा' AI सुपरकंप्यूटर का उद्घाटन किया। C-DAC और राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन (NSM) द्वारा विकसित यह प्रणाली भारत को AI एवं उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग (HPC) क्षेत्र में स्वावलंबी बनाने की दिशा में ऐतिहासिक मील का पत्थर है।
Deepraj Sikarwar (Editorial Team)11 अगस्त 20267 min read
MPPSC व UPSC महत्व: MPPSC मुख्य परीक्षा (पेपर-3 इकाई-7 व 10) एवं UPSC प्रारम्भिक परीक्षा हेतु भारत की सुपरकंप्यूटिंग क्रांति, C-DAC, NSM तथा AI इंफ्रास्ट्रक्चर से संबंधित प्रश्न अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
परम प्रज्ञा सुपरकंप्यूटर: एक नजर में (Quick Facts)
मानदंड (Parameter)
महत्वपूर्ण विवरण (Details)
सुपरकंप्यूटर का नाम
परम प्रज्ञा (PARAM Pragya)
उद्घाटन तिथि व कर्ता
8 अगस्त 2026, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
स्थापना स्थल
आईआईटी दिल्ली (IIT Delhi) - सोनीपत कैंपस, हरियाणा
प्रसंस्करण क्षमता (Compute Capacity)
~250 AI पेटाफ्लॉप्स (AI Petaflops) / 8 PF नॉर्मल
ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट (GPU)
400 NVIDIA A100 (80GB) GPUs
स्टोरेज क्षमता
10 पैटाबाइट (PB) पैरेलल फाइल सिस्टम
नोडल मिशन
राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन (NSM)
कार्यान्वयन संस्था
C-DAC (पुणे) एवं IIT दिल्ली
कुल परियोजना लागत
₹135 करोड़ (₹110 Cr NSM + ₹25 Cr IIT Delhi)
सार्वजनिक पहुँच आवंटन
40% क्षमता बाहरी शोधकर्ताओं व स्टार्टअप्स हेतु आरक्षित
पैरेलल प्रोसेसिंग: यह सेटअप अरबों पैरामीटर वाले जटिल एआई मॉडलों को कुछ ही घंटों में प्रशिक्षित (Train) करने में सक्षम है।
3. 10 पैटाबाइट पैरेलल फाइल सिस्टम
डाटा स्टोरेज: इसमें 10 PB (Petabytes) का हाई-स्पीड पैरेलल फाइल स्टोरेज सिस्टम दिया गया है, जो पेटराबाइट्स डाटा को नैनोसेकंड्स में रीड/राइट कर सकता है।
4. हरित डाटा सेंटर एवं ऊर्जा दक्षता
ऊर्जा खपत: यह पूरा सुपरकंप्यूटिंग क्लस्टर लगभग 800 किलोवाट (kW) ऊर्जा पर संचालित होता है और इसमें लिक्विड कूलिंग तकनीक का प्रयोग किया गया है जो ऊर्जा बर्बादी को न्यूनतम करती है।
5. 40% खुला सार्वजनिक आवंटन (Democratization of Computing)
ओपन एक्सेस नीति: राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन के तहत 'परम प्रज्ञा' की 40% प्रोसेसिंग क्षमता आईआईटी दिल्ली के बाहर के भारतीय शोधकर्ताओं, अन्य अकादमिक संस्थानों, सरकारी प्रयोगशालाओं और दीप-टेक स्टार्टअप्स के लिए उपलब्ध कराई जाएगी।
चित्र 2: 400 NVIDIA A100 80GB GPUs तथा हाई-स्पीड ऑप्टिकल इंटरकनेक्ट का क्लस्टर जो परम प्रज्ञा को 250 AI पेटाफ्लॉप्स की प्रोसेसिंग गति प्रदान करता है।
सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (C-DAC)
भारतीय सुपरकंप्यूटिंग के जनक: महान वैज्ञानिक डॉ. विजय भटकर के नेतृत्व में भारतीय इंजीनियरों ने स्वदेशी सुपरकंप्यूटर बनाने का बीड़ा उठाया।
3. 'परम 8000' (PARAM 8000) का ऐतिहासिक निर्माण (1991)
पहला स्वदेशी सुपरकंप्यूटर: 1991 में C-DAC ने भारत का पहला सुपरकंप्यूटर PARAM 8000 बनाकर पूरी दुनिया को चौंका दिया।
लागत व वैश्विक निर्यात: यह अमेरिका के क्रे सुपरकंप्यूटर से 28 गुना सस्ता था। भारत ने इसे जर्मनी, ब्रिटेन और रूस जैसे विकसित देशों को निर्यात भी किया।
4. भारत के प्रमुख सुपरकंप्यूटिंग मील के पत्थर (Timeline of India's Supercomputers)
PARAM 8000 (1991): 1 Gigaflop क्षमता वाला भारत का पहला सुपरकंप्यूटर।
PARAM Padma (2002): 1 Teraflop (10^12 FLOPs) की सीमा पार करने वाला भारत का पहला सुपरकंप्यूटर।
PARAM Yuva / Yuva II (2008-2013): ग्रीन कंप्यूटिंग में वैश्विक स्तर पर शीर्ष रैंक हासिल करने वाला सुपरकंप्यूटर।
PARAM Shivay (2019): IIT BHU में स्थापित राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन (NSM) का प्रथम सुपरकंप्यूटर।
PARAM Siddhi-AI (2020): 210 AI पेटाफ्लॉप्स क्षमता के साथ विश्व के TOP500 में 62वाँ स्थान प्राप्त करने वाला AI सुपरकंप्यूटर।
AIRAWAT (2023): C-DAC पुणे में स्थापित एआई सुपरकंप्यूटर जिसने विश्व रैंकिंग में 75वाँ स्थान हासिल किया।
PARAM Rudra (2024): पुणे, दिल्ली और कोलकाता में स्थापित उन्नत NSM सुपरकंप्यूटर सीरीज।
PARAM Pragya (2026): 250 AI पेटाफ्लॉप्स क्षमता के साथ आईआईटी दिल्ली सोनीपत में स्थापित भारत की नवीनतम AI सुपरकंप्यूटिंग प्रणाली।
चित्र 3: भारत की स्वदेशी सुपरकंप्यूटिंग विकास यात्रा — 1991 में परम 8000 से लेकर 2026 में परम प्रज्ञा AI सुपरकंप्यूटर तक का स्वर्णिम सफर।
🔗 संबंधित विस्तृत अध्ययन सामग्री: सुपरकंप्यूटर क्या है? उपयोग, विशेषताएँ, इतिहास और भारत के प्रमुख सुपरकंप्यूटर (Complete Study Guide)
भारत की सुपरकंप्यूटिंग यात्रा, परम 8000 से लेकर AIRAWAT, FLOPS मापक प्रणाली और विश्व के शीर्ष सुपरकंप्यूटरों के संपूर्ण अध्ययन हेतु हमारा विस्तृत लेख पढ़ें: सुपरकंप्यूटर सम्पूर्ण गाइड व नोट्स
चरण-1 (Phase 1): विदेशों से आयातित उपकरणों से सुपरकंप्यूटरों का असेंबलिंग करना।
चरण-2 (Phase 2): मदरबोर्ड, कैबिनेट और कूलिंग सिस्टम का भारत में ही विनिर्माण करना (जैसे 'परम शक्ति', 'परम गंगा')।
चरण-3 (Phase 3): पूर्ण स्वदेशी प्रोसेसर, रुद्र (Rudra) सर्वर बोर्ड और त्रिनेत्र (Trinetra) हाई-स्पीड इंटरकनेक्ट का उपयोग करके पूरी तरह से 'मेड इन इंडिया' सुपरकंप्यूटर तैयार करना।
4. आपदा प्रबंधन एवं उपग्रह डाटा प्रोसेसिंग (Disaster Management)
ISRO सहायता: इसरो के उपग्रह डाटा का तीव्र विश्लेषण, बाढ़, भूस्खलन व भूकंप की पूर्व चेतावनी।
5. रोबोटिक्स, रक्षा एवं क्वांटम सिमुलेशन (Robotics & Quantum Research)
सामरिक क्षमता: रक्षा अनुसंधान (DRDO) और एरोडायनामिक्स सिमुलेशन को तीव्र गति प्रदान करना।
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भारत का पहला AI सुपरकंप्यूटर → PARAM Siddhi-AI (2020)
वैश्विक सुपरकंप्यूटर रैंकिंग सूची → TOP500 List (वर्ष में दो बार जारी होती है)
महत्वपूर्ण शब्दावली व संक्षिप्त नाम (Crucial Abbreviations)
C-DAC: Centre for Development of Advanced Computing
HPC: High-Performance Computing
NSM: National Supercomputing Mission
Petaflop: 10^15 Operations Per Second (FLOPs)
FLOPs: Floating-Point Operations Per Second
DST: Department of Science & Technology
MeitY: Ministry of Electronics and Information Technology
MPPSC मुख्य परीक्षा (Paper-3 Unit-7/10) उत्तर लेखन बूस्टर
"परम 8000 (1991) से परम प्रज्ञा (2026) तक भारत का सफर केवल कंप्यूटिंग क्षमता का विस्तार नहीं है, बल्कि यह विदेशी तकनीकी निर्भरता को तोड़कर 'आत्मनिर्भर भारत' और 'एआई फॉर ऑल' (AI for All) के संकल्प को साकार करने का राष्ट्रीय प्रतीक है।"