
भारत के प्रमुख अभिलेख एवं स्तूप (Ancient Inscriptions & Stupas) | MPPSC & UPSC के लिए महत्वपूर्ण तथ्य, सूची, इतिहास व PDF
प्राचीन भारत के प्रमुख अभिलेख (Inscriptions) और बौद्ध स्तूप (Stupas) का संपूर्ण अध्ययन गाइड। मास्की, गुर्जरा (दतिया), एरण (सागर), रुम्मिनदेई, हाथीगुम्फा, जूनागढ़, प्रयाग प्रशस्ति, ऐहोल अभिलेख एवं साँची, भरहुत, धामेक व केसरिया स्तूप के संस्थापक, विशेषताएं, MPPSC (इतिहास व म.प्र. सामान्य ज्ञान) एवं UPSC परीक्षा नोट्स।

अभिलेख और स्तूप क्या हैं? (What are Inscriptions & Stupas?)
प्राचीन भारतीय इतिहास के पुनर्निर्माण में अभिलेख (Inscriptions) और स्तूप (Stupas) प्राथमिक और सर्वाधिक प्रामाणिक पुरातात्विक स्रोत (Archaeological Sources) माने जाते हैं।
- अभिलेख (Inscriptions): वे ऐतिहासिक लेख हैं जिन्हें पत्थरों, स्तंभों, चट्टानों, गुफाओं की दीवारों, ताम्रपत्रों (Copper Plates) या सिक्कों पर उत्कीर्ण किया जाता था। अभिलेखों के अध्ययन को पुरालेखशास्त्र (Epigraphy) तथा इनकी लिपि के अध्ययन को पुरालिपिशास्त्र (Palaeography) कहा जाता है। इनसे तत्कालीन शासकों की विजयों, प्रशासनिक नीतियों, धर्म, दान तथा सामाजिक-आर्थिक स्थिति का प्रामाणिक ब्योरा मिलता है।
- स्तूप (Stupas): बौद्ध स्थापत्य कला के उत्कृष्ट प्रतीक हैं। स्तूप का शाब्दिक अर्थ 'थूहा' या 'ढेर' होता है, जिसमें महात्मा बुद्ध अथवा उनके प्रमुख शिष्यों के पवित्र अस्थि-अवशेषों (Relics) को स्थापित करके उसके ऊपर एक अर्धगोलाकार गुंबद (Dome) का निर्माण किया जाता था।
- परीक्षा उपयोगिता: यह विषय MPPSC प्रारंभिक परीक्षा (इतिहास व म.प्र. सामान्य ज्ञान) एवं MPPSC मुख्य परीक्षा (प्रथम प्रश्नपत्र - इतिहास व संस्कृति) के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
| अभिलेख / स्तूप | स्थान / राज्य | संबंधित शासक / खोजकर्ता | प्रमुख ऐतिहासिक विशेषता |
|---|---|---|---|
| मास्की अभिलेख | रायचूर (कर्नाटक) | सम्राट अशोक | पहली बार 'देवानामप्रिय अशोक' नाम का स्पष्ट उल्लेख |
| गुर्जरा अभिलेख | दतिया (मध्य प्रदेश) | सम्राट अशोक | अशोक के व्यक्तिगत नाम का उल्लेख |
| एरण अभिलेख | सागर (मध्य प्रदेश) | भानुगुप्त (गुप्त वंश) | भारत में सती प्रथा का प्रथम अभिलेखीय साक्ष्य & हूण आक्रमण |
| रुम्मिनदेई अभिलेख | लुम्बिनी (नेपाल) | सम्राट अशोक | भगवान बुद्ध के जन्मस्थान की पुष्टि & धार्मिक कर (बल) छूट |
| हाथीगुम्फा अभिलेख | उदयगिरि (ओडिशा) | कलिंगराज खारवेल | खारवेल की 13 वर्षों की उपलब्धियों का प्राकृत वर्णन |
| जूनागढ़ अभिलेख | गिरनार (गुजरात) | रुद्रदामन (शक शासक) | संस्कृत भाषा का प्रथम दीर्घ अभिलेख & सुदर्शन झील |
| प्रयाग प्रशस्ति | प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) | समुद्रगुप्त (रचयिता: हरिषेण) | समुद्रगुप्त की भारत विजयों का विस्तृत चंपू शैली वर्णन |
| ऐहोल अभिलेख | कर्नाटक | पुलकेशिन द्वितीय (रचयिता: रविकीर्ति) | हर्षवर्धन पर चालुक्य सम्राट पुलकेशिन II की विजय |
| साँची स्तूप | रायसेन (मध्य प्रदेश) | सम्राट अशोक (खोज: जनरल टेलर 1818) | भारत का सबसे प्रसिद्ध बौद्ध स्तूप & UNESCO विश्व धरोहर |
| केसरिया स्तूप | पूर्वी चंपारण (बिहार) | मौर्य / गुप्त काल | भारत का सबसे बड़ा बौद्ध स्तूप (ऊँचाई ~104 फीट) |
भारत के प्रमुख अभिलेख (Major Inscriptions of India & Kings)
प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से भारत के 10 सबसे महत्वपूर्ण अभिलेखों का विस्तृत विवरण निम्नलिखित है:
1. मास्की अभिलेख (कर्नाटक)
- स्थान: रायचूर जिला, कर्नाटक।
- शासक: मौर्य सम्राट अशोक।
- विशेषता: इस लघु शिलालेख में पहली बार 'देवानामप्रिय अशोक' (Devanampriya Ashok) नाम का स्पष्ट उल्लेख प्राप्त होता है। इससे पूर्व शिलालेखों में केवल 'देवानामप्रिय प्रियदस्सी' लिखा मिलता था।
2. गुर्जरा अभिलेख (दतिया, मध्य प्रदेश)
- स्थान: दतिया जिला, मध्य प्रदेश।
- शासक: मौर्य सम्राट अशोक।
- विशेषता: मास्की की भाँति इस अभिलेख में भी सम्राट अशोक के व्यक्तिगत नाम 'अशोक' का स्पष्ट उल्लेख मिलता है। MPPSC Notes Portal में मध्य प्रदेश के अशोककालीन अभिलेखों की विस्तृत सूची दी गई है।
3. एरण अभिलेख (सागर, मध्य प्रदेश)
- स्थान: सागर जिला, मध्य प्रदेश।
- शासक: गुप्त सम्राट भानुगुप्त (510 ईस्वी)।
- विशेषता: यह अभिलेख दो ऐतिहासिक कारणों से अति प्रसिद्ध है— (1) भारत में सती प्रथा का प्रथम अभिलेखीय साक्ष्य (First Inscriptional Evidence of Sati), जहाँ भानुगुप्त के सेनापति गोपराज की मृत्यु पर उनकी पत्नी के सती होने का वर्णन है; (2) मध्य भारत पर हूणों (Hunas) के आक्रमण और तोरमाण का उल्लेख।
4. रुम्मिनदेई अभिलेख (लुम्बिनी, नेपाल)
- स्थान: लुम्बिनी, नेपाल।
- शासक: मौर्य सम्राट अशोक।
- विशेषता: यह अशोक का एकमात्र आर्थिक अभिलेख (Economic Edict) है। इसमें भगवान बुद्ध के जन्मस्थान की पुष्टि होती है। अशोक ने यहाँ की यात्रा कर कर (Tax) की दर 1/6 से घटाकर 1/8 कर दी थी तथा 'बलि' (धार्मिक कर) को पूरी तरह माफ कर दिया था।
5. हाथीगुम्फा अभिलेख (ओडिशा)
- स्थान: उदयगिरि पहाड़ियाँ, भुवनेश्वर, ओडिशा।
- शासक: चेदि/महामेघवाहन वंश के शासक कलिंगराज खारवेल (Kharavela)।
- विशेषता: प्राकृत भाषा और ब्राह्मी लिपि में उत्कीर्ण यह अभिलेख बिना तिथि वाला (Undated) है। इसमें राजा खारवेल की 13 वर्षों के शासनकाल की सैन्य उपलब्धियों, नहर निर्माण और भारतवर्ष शब्द के प्रथम प्रयोग की जानकारी मिलती है।
6. जूनागढ़ अभिलेख (गिरनार, गुजरात)
- स्थान: गिरनार, गुजरात।
- शासक: शक महाक्षत्रप रुद्रदामन प्रथम (Rudradaman I) (150 ईस्वी)।
- विशेषता: यह संस्कृत भाषा का प्रथम दीर्घ अभिलेख (First Long Sanskrit Inscription) है। इसमें प्रसिद्ध सुदर्शन झील (Sudarshana Lake) के निर्माण और पुनर्निर्माण का इतिहास दर्ज है (चंद्रगुप्त मौर्य, अशोक, रुद्रदामन तथा स्कंदगुप्त का उल्लेख)।
7. प्रयाग प्रशस्ति (इलाहाबाद स्तंभ लेख)
- स्थान: प्रयागराज (उत्तर प्रदेश)।
- शासक: गुप्त सम्राट समुद्रगुप्त (Samudragupta)।
- रचनाकार: समुद्रगुप्त के संधिग्राहक एवं दरबारी कवि हरिषेण (Harisena)।
- विशेषता: यह संस्कृत भाषा की चंपू शैली (गद्य-पद्य मिश्रित) में लिखा गया है। इसमें समुद्रगुप्त की आर्यावर्त, दक्षिणापथ और आटविक राज्यों पर विजयों (उत्तरी व दक्षिणी भारत अभियान) का विशद वर्णन है।
8. ऐहोल अभिलेख (कर्नाटक)
- स्थान: बीजापुर/बागलकोट, कर्नाटक।
- शासक: चालुक्य सम्राट पुलकेशिन द्वितीय (Pulakeshin II)।
- रचनाकार: जैन कवि रविकीर्ति (Ravikirti)।
- विशेषता: इस प्रशस्ति में नर्मदा नदी के तट पर उत्तर भारत के सम्राट हर्षवर्धन (Harshavardhana) पर पुलकेशिन द्वितीय की ऐतिहासिक विजय का उल्लेख है। इसमें कालिदास और भारवि की काव्य शैली का प्रभाव दिखता है।
9. मंदसौर अभिलेख (मध्य प्रदेश)
- स्थान: मंदसौर, मध्य प्रदेश।
- शासक: मालव नरेश विश्ववर्मा एवं बंधुवर्मा (द्वितीय चंद्रगुप्त / कुमारगुप्त काल)।
- रचनाकार: वत्सभट्टि।
- विशेषता: इसमें लाट प्रदेश (गुजरात) से आकर मंदसौर में बसे रेशम बुनकरों की श्रेणी (Silk Weavers Guild) द्वारा भव्य सूर्य मंदिर के निर्माण एवं मरम्मत का उल्लेख मिलता है। यह प्राचीन भारत का पहला विज्ञापन साक्ष्य माना जाता है।
10. नासिक अभिलेख (महाराष्ट्र)
- स्थान: नासिक गुफाएं, महाराष्ट्र।
- शासक: सातवाहन सम्राट गौतमीपुत्र शातकर्णी (Gautamiputra Satakarni)।
- रचनाकार: उनकी माता गौतमी बलश्री।
- विशेषता: इसमें गौतमीपुत्र शातकर्णी की शकों पर विजय, उनकी सैनिक उपलब्धियों और 'अद्वितीय ब्राह्मण' की उपाधि का वर्णन है।
भारत के प्रमुख स्तूप एवं बौद्ध वास्तुकला (Major Stupas of India & World)
स्थापत्य कला एवं बौद्ध धर्म के प्रचार की दृष्टि से निम्नलिखित स्तूप परीक्षाओं में बार-बार पूछे जाते हैं:
1. साँची स्तूप (रायसेन, मध्य प्रदेश)
- निर्माता: मौर्य सम्राट अशोक (3rd Century BCE)।
- पुनरुद्धार: शुंग काल (पुष्यमित्र व अग्निमित्र) में इसे पाषाण वेष्टनी (Stone Railings) और तोरण द्वारों से सजाया गया।
- खोजकर्ता: वर्ष 1818 में ब्रिटिश अधिकारी जनरल टेलर (General Taylor) ने साँची के स्तूपों की खोज की थी।
- विश्व धरोहर: वर्ष 1989 में UNESCO द्वारा इसे विश्व धरोहर स्थल (UNESCO World Heritage Site) घोषित किया गया।
2. भरहुत स्तूप (सतना, मध्य प्रदेश)
- स्थान: सतना जिला, मध्य प्रदेश।
- संबंधित काल: शुंगकालीन कला का सर्वोत्कृष्ट उदाहरण।
- खोजकर्ता: वर्ष 1873 में सर एलेक्जेंडर कनिंघम (Sir Alexander Cunningham) द्वारा खोजा गया।
- विशेषता: भरहुत स्तूप की तोरण द्वारों पर बुद्ध के पूर्व जन्मों की जातक कथाओं (Jataka Tales) तथा यक्ष-यक्षियों के सुंदर चित्र उकेरे गए हैं।
3. धामेक स्तूप (सारनाथ, उत्तर प्रदेश)
- स्थान: सारनाथ (वाराणसी), उत्तर प्रदेश।
- महत्व: यह वही स्थान है जहाँ भगवान बुद्ध ने ज्ञान प्राप्ति के पश्चात अपने प्रथम 5 शिष्यों को पहला उपदेश दिया था, जिसे धर्मचक्रप्रवर्तन (Dhammacakkappavattana) कहा जाता है।
- संरचना: यह बेलनाकार (Cylindrical) स्तूप गुप्त काल में अपने वर्तमान भव्य रूप में निर्मित हुआ।
4. केसरिया स्तूप (पूर्वी चंपारण, बिहार)
- स्थान: चंपारण, बिहार।
- विशेषता: यह भारत का सबसे बड़ा बौद्ध स्तूप (Largest Buddhist Stupa in India) माना जाता है, जिसकी ऊँचाई लगभग 104 फीट है। इसकी संरचना जावा के बोरोबुदुर स्तूप से मिलती-जुलती है।
5. बोरोबुदुर स्तूप (जावा, इंडोनेशिया)
- स्थान: जावा, इंडोनेशिया।
- निर्माता: 8वीं-9वीं शताब्दी में शैलेंद्र राजवंश (Sailendra Dynasty) के बौद्ध राजाओं द्वारा निर्मित।
- विशेषता: यह विश्व का सबसे बड़ा बौद्ध स्तूप (World's Largest Buddhist Stupa) एवं महायान बौद्ध धर्म का अद्भुत स्थापत्य केंद्र है।

मध्य प्रदेश के प्रमुख अभिलेख एवं स्तूप (MPPSC Special Notes)
MPPSC प्रारंभिक व मुख्य परीक्षा हेतु मध्य प्रदेश विशेष अभिलेख
- गुर्जरा (दतिया): अशोक का लघु शिलालेख, जिसमें अशोक का नाम दर्ज है।
- रूपनाथ (सिहोरा, जबलपुर): अशोक का लघु शिलालेख, जहाँ शिव मंदिर परिसर में ब्राह्मी लिपि उत्कीर्ण है।
- पानगुराड़िया / सारो-मारो (सीहोर): अशोक का शिलालेख, जहाँ अशोक को 'महाराजकुमार' कहा गया है।
- साँची (रायसेन): अशोक का संघभेद अभिलेख (Schism Edict) तथा कनिष्क/गुप्तकालीन अभिलेख।
- एरण (सागर): सती प्रथा का पहला साक्ष्य (गोपराज सती स्तंभ 510 ई.) तथा वराह मूर्ति पर तोरमाण का अभिलेख।
- मंदसौर (दशपुर): बंधुवर्मा का रेशम बुनकर अभिलेख एवं यशोधर्मन का सोंधनी विजय स्तंभ।
- बेसनगर / विदिशा: शुंग काल में आए यूनानी राजदूत हेलियोडोरस (Heliodorus) का गरुड़ ध्वज स्तंभ, जो भारत में भागवत/वैष्णव धर्म का प्रथम अभिलेखीय प्रमाण है।
परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण तथ्य & Quick Revision Matrix
त्वरित रिवीजन पॉइंटर्स (Quick Revision Matrix)
- मास्की अभिलेख → पहली बार 'अशोक' नाम का उल्लेख
- गुर्जरा अभिलेख → दतिया (म.प्र.) में अशोक का नाम
- रुम्मिनदेई अभिलेख → भगवान बुद्ध का जन्मस्थान (नेपाल)
- हाथीगुम्फा अभिलेख → कलिंगराज खारवेल (ओडिशा)
- जूनागढ़ अभिलेख → रुद्रदामन I (प्रथम संस्कृत अभिलेख)
- प्रयाग प्रशस्ति → समुद्रगुप्त (रचयिता: हरिषेण)
- ऐहोल अभिलेख → पुलकेशिन द्वितीय (रचयिता: रविकीर्ति)
- एरण अभिलेख → सती प्रथा का प्रथम साक्ष्य & हूण आक्रमण
- मंदसौर अभिलेख → रेशम बुनकरों की श्रेणी & सूर्य मंदिर
- साँची स्तूप → सम्राट अशोक द्वारा निर्मित (खोज: जनरल टेलर 1818)
- भरहुत स्तूप → सतना (खोज: कनिंघम 1873)
- केसरिया स्तूप → भारत का सबसे बड़ा स्तूप (बिहार)
- बोरोबुदुर स्तूप → विश्व का सबसे बड़ा बौद्ध स्तूप (इंडोनेशिया)
🔗 संबंधित MPPSC अध्ययन सामग्री & महत्वपूर्ण लिंक्स (SEO Interlinking)
MPPSC एवं सिविल सेवा परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण लिंक
MPPSC Mains Syllabus 2026 (प्रथम प्रश्नपत्र: भारतीय इतिहास व मध्य प्रदेश का इतिहास)
MPPSC Prelims Complete Syllabus & Exam Pattern
MPPSC Notes PDF Portal & Study Material
73वां व 74वां संविधान संशोधन अधिनियम (पंचायती राज व नगरीय निकाय)
भारत में महिलाओं की सुरक्षा हेतु कानून व संवैधानिक प्रावधान
भारतीय संविधान सभा का गठन एवं ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक 2026: Anti Paper Leak Law Notes
FCRA Amendment Bill & Rules 2026: मुख्य प्रावधान व MPPSC Notes
आपदा प्रबंधन (संशोधन) अधिनियम 2025: मुख्य प्रावधान व MPPSC Notes
अभ्यास प्रश्न (Practice Questions)
1प्रयाग प्रशस्ति (इलाहाबाद स्तंभ लेख) किस गुप्त सम्राट की विजयों का विस्तृत वर्णन प्रस्तुत करती है?
2पहली बार सम्राट अशोक के नाम 'देवानामप्रिय अशोक' का स्पष्ट उल्लेख किस शिलालेख से प्राप्त होता है?
3भारत में सती प्रथा का प्रथम अभिलेखीय साक्ष्य (510 ई.) मध्य प्रदेश के किस स्थान के अभिलेख से प्राप्त होता है?
4संस्कृत भाषा का प्रथम दीर्घ अभिलेख (First Long Sanskrit Inscription) कौन-सा माना जाता है?
5मध्य प्रदेश में स्थित प्रसिद्ध साँची के बौद्ध स्तूप की खोज वर्ष 1818 में किस ब्रिटिश अधिकारी ने की थी?
6नर्मदा नदी के तट पर सम्राट हर्षवर्धन पर पुलकेशिन द्वितीय की विजय का उल्लेख किस अभिलेख में मिलता है?
7भारत का सबसे बड़ा बौद्ध स्तूप (Largest Buddhist Stupa in India) कौन-सा है?
8यूनानी राजदूत हेलियोडोरस का गरुड़ ध्वज स्तंभ मध्य प्रदेश के किस स्थान पर स्थित है, जो भागवत धर्म का प्रमाण है?
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
लेख के स्रोत
3 स्रोत
लेख के स्रोत
3 स्रोत
साझा करें
Related Articles
आकार IAS कम्युनिटी से जुड़ें
रोज़ का दैनिक करेंट अफेयर्स पीडीएफ सीधे अपने व्हाट्सएप पर प्राप्त करें, या सीधे हमारे टेलीग्राम/व्हाट्सएप चैनल से जुड़ें।



