Google Featured Snippet: कराधान एवं अन्य विधियाँ (संशोधन) विधेयक 2026 - त्वरित सारांश (Quick Answer Box)
- कराधान एवं अन्य विधियाँ (संशोधन) विधेयक, 2026 क्या है: यह वित्त मंत्रालय द्वारा प्रस्तुत एक ऐतिहासिक कर सुधार विधेयक है, जिसे संसद द्वारा अगस्त 2026 में पारित किया गया। यह मुख्य रूप से आयकर अधिनियम 2025, वित्त अधिनियम 2026 तथा भुगतान एवं निपटान प्रणाली अधिनियम 2007 में संशोधन करता है।
- मंत्रालय (Nodal Ministry): वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance, Government of India)।
- संसदीय घटनाक्रम (Parliament Dates): लोकसभा में प्रस्तुत (4 अगस्त 2026) | लोकसभा से पारित (6 अगस्त 2026) | राज्यसभा से पारित (10 अगस्त 2026)।
- 6 मुख्य प्रावधान (6 Core Pillars): 1. सरकारी प्रतिभूतियों (G-Secs) में FII/BIS को कर छूट (1 अप्रैल 2026), 2. कच्चा हीरा उद्योग कर छूट (1 अक्टूबर 2026 से 31 मार्च 2041), 3. इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण पूंजीगत वस्तु छूट विस्तार (2040-41), 4. भारत से प्रबंधित विदेशी फंडों हेतु 4 कड़े नियमों (25 सदस्य, 10% सीमा, ₹100 करोड़ कोष) की समाप्ति, 5. REIT/InvIT SPV अधिभार 10% से बढ़ाकर 25%, 6. डेटा सेंटर कर छूट का पट्टे पर विस्तार।
- स्मरण सूत्र (Memory Trick): 2026 कराधान संशोधन = विदेशी निवेश + हीरा + इलेक्ट्रॉनिक्स + निवेश फंड + REIT/InvIT + डेटा सेंटर।
विधेयक का परिचय, मंत्रालय एवं संसदात्मक घटनाक्रम
1. मंत्रालय, पेश होने तथा पारित होने की प्रमुख तिथियाँ
- संबंधित मंत्रालय (Ministry): वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance, Government of India)
- लोकसभा में प्रस्तुत तिथि (Introduced in Lok Sabha): 4 अगस्त 2026
- लोकसभा से पारित तिथि (Passed by Lok Sabha): 6 अगस्त 2026
- राज्यसभा से पारित तिथि (Passed by Rajya Sabha): 10 अगस्त 2026
- विधेयक का मुख्य उद्देश्य (Primary Objective): यह विधेयक आयकर अधिनियम, 2025 (Income Tax Act, 2025) में व्यापक संशोधनों के साथ-साथ वित्त अधिनियम, 2026 (Finance Act, 2026) और भुगतान एवं निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 (Payment and Settlement Systems Act, 2007) में महत्वपूर्ण संरचनात्मक बदलाव करता है।

सरकारी प्रतिभूतियों (G-Secs) में विदेशी निवेश तथा हीरा उद्योग हेतु कर छूट
2. सरकारी प्रतिभूतियों एवं हीरा उद्योग हेतु कर राहत
- 1. सरकारी प्रतिभूतियों में विदेशी निवेश (Foreign Investment in G-Secs): कुछ निर्दिष्ट विदेशी निवेशकों को भारत की सरकारी प्रतिभूतियों (Government Securities) से होने वाली आय पर आयकर छूट (Income Tax Exemption) प्रदान करने का प्रावधान किया गया है।
- कर छूट के दायरे में शामिल आय: सरकारी प्रतिभूतियों से प्राप्त ब्याज (Interest Income) तथा उनकी बिक्री, विनिमय या हस्तांतरण से होने वाला पूंजीगत लाभ (Capital Gains)।
- लागू होने की तिथि: यह छूट 1 अप्रैल 2026 या उसके बाद अर्जित आय पर प्रभावी होगी।
- प्रमुख संस्थाएं: FII (Foreign Institutional Investor - विदेशी संस्थागत निवेशक) एवं BIS (Bank for International Settlements - बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट्स)।
- 2. हीरा उद्योग को कर छूट (Tax Exemption to Diamond Industry): अधिसूचित विशेष क्षेत्र (Notified Special Notified Zones - SNZ) में कच्चे हीरों (Raw / Rough Diamonds) की बिक्री से होने वाली आय पर कुछ विदेशी कंपनियों को कर छूट देने का प्रावधान है।
- लाभार्थी इकाइयाँ: इसमें हीरा खनन कंपनियां (Diamond Mining Companies) तथा उनसे संबंधित दलाल (Brokers), एग्रीगेटर (Aggregators) और निविदा/नीलामी इकाइयाँ (Tender/Auction Entities) शामिल हैं।
- छूट की कार्यावधि: यह प्रावधान 1 अक्टूबर 2026 से 31 मार्च 2041 तक प्रभावी रहेगा।

इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण प्रोत्साहन तथा भारत से प्रबंधित विदेशी निवेश फंड नियम
3. इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण संवर्धन एवं विदेशी फंडों की सरलीकरण शर्तें
- 3. इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को बढ़ावा (Boosting Electronics Manufacturing): सीमा शुल्क बंधित क्षेत्र (Customs Bonded Area) में इलेक्ट्रॉनिक घटकों (Electronic Components) के भंडारण से होने वाली आय पर कुछ विदेशी कंपनियों को कर छूट प्रदान की गई है।
- शामिल उत्पाद: स्मार्टफोन, लैपटॉप, सर्वर और तैयार माल के उप-असेंबली (Sub-assemblies)।
- समय सीमा विस्तार: पूंजीगत वस्तुओं (Capital Goods), उपकरणों एवं औजारों की आपूर्ति से संबंधित कर छूट की समय सीमा 2030-31 से बढ़ाकर 2040-41 (10 वर्ष का विस्तार) कर दी गई है।
- 4. भारत से प्रबंधित विदेशी निवेश फंड (Foreign Investment Funds Managed from India): भारत के बाहर पंजीकृत लेकिन भारत से प्रबंधित पात्र निवेश फंडों (Eligible Offshore Funds) के लिए कुछ जटिल और कड़े नियमों को समाप्त करने का प्रस्ताव है।
- हटाई जाने वाली 4 प्रमुख शर्तें (4 Criteria Removed):
1. न्यूनतम 25 सदस्यों की अनिवार्यता हटाना
2. एक निवेशक की अधिकतम 10% हिस्सेदारी की सीमा हटाना
3. न्यूनतम ₹100 करोड़ के मासिक औसत कोष (Monthly Average Corpus) की शर्त समाप्त करना
4. किसी एक इकाई में 25% से अधिक निवेश पर रोक की बाध्यता हटाना
REIT, InvIT तथा डेटा सेंटर क्षेत्र हेतु कर नीतियाँ
4. रियल एस्टेट, बुनियादी ढांचा और डेटा सेंटरों हेतु कर नीतियाँ
- 5. REIT एवं InvIT से संबंधित बदलाव:
- REIT: Real Estate Investment Trust (रियल एस्टेट इन्वेस्टमेन्ट ट्रस्ट)
- InvIT: Infrastructure Investment Trust (इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेन्ट ट्रस्ट)
- अधिभार दर (Surcharge Rate) में वृद्धि: व्यावसायिक ट्रस्ट (Business Trusts) के Special Purpose Vehicle (SPV) के लिए अधिभार दर को 10% से बढ़ाकर 25% करने का प्रावधान।
- लाभांश छूट (Dividend Relief): SPV से यूनिट धारकों (Unitholders) को प्राप्त कुछ विशिष्ट लाभांश आय को कर छूट प्रदान करने का प्रस्ताव।
- 6. डेटा सेंटर क्षेत्र (Data Center Sector): विदेशी कंपनियों को डेटा सेंटर सेवाओं से होने वाली आय पर कर छूट के लिए कड़े प्रतिबंधों और शर्तों को हटाया गया है।
- विस्तार: यह कर छूट भारतीय कंपनी द्वारा पट्टे (Leased) पर लिए गए और संचालित किए जा रहे डेटा सेंटरों तक भी विस्तारित की जाएगी।

2026 में नए टैक्स नियम क्या हैं? (What are New Tax Rules in 2026?)
5. 2026 के नए प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष कर नियम
कराधान एवं अन्य विधियाँ (संशोधन) विधेयक 2026 तथा बजट 2026 के अंतर्गत भारत में निम्नलिखित प्रमुख नए टैक्स नियम लागू किए गए हैं:
- 1. आयकर अधिनियम 2025 का क्रियान्वयन: 1 अप्रैल 2026 से नए सरलीकृत प्रत्यक्ष कर ढांचे का क्रियान्वयन शुरू हुआ है।
- 2. FII एवं BIS को G-Secs में कर राहत: सरकारी प्रतिभूतियों से प्राप्त ब्याज एवं पूंजीगत लाभ 1 अप्रैल 2026 से विदेशी संस्थागत निवेशकों हेतु करमुक्त कर दिया गया है।
- 3. REIT/InvIT SPV अधिभार में संशोधन: व्यावसायिक ट्रस्टों के SPV अधिभार को 10% से बढ़ाकर 25% कर दिया गया है।
- 4. विदेशी निवेश फंडों की शर्तें समाप्त: भारत से संचालित होने वाले पात्र विदेशी फंडों हेतु 4 कड़े प्रतिबंधों को हटा दिया गया है।
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6. त्वरित स्मरण सूत्र एवं वन-लाइनर तथ्य
- परीक्षा स्मरण सूत्र: 2026 कराधान संशोधन = विदेशी निवेश + हीरा + इलेक्ट्रॉनिक्स + निवेश फंड + REIT/InvIT + डेटा सेंटर
- नोडल मंत्रालय: वित्त मंत्रालय
- संशोधित मुख्य कानून: आयकर अधिनियम 2025, वित्त अधिनियम 2026, भुगतान एवं निपटान प्रणाली अधिनियम 2007
- हीरा उद्योग कर छूट अवधि: 1 अक्टूबर 2026 से 31 मार्च 2041
- इलेक्ट्रॉनिक्स पूंजीगत वस्तु छूट सीमा: 2040-41 तक विस्तारित
- SPV अधिभार वृद्धि: 10% से बढ़ाकर 25%
अभ्यास प्रश्न (Practice Questions)
1कराधान एवं अन्य विधियाँ (संशोधन) विधेयक, 2026 का संबंध मुख्य रूप से किस मंत्रालय से है?
2कराधान एवं अन्य विधियाँ (संशोधन) विधेयक, 2026 द्वारा निम्नलिखित में से किस अधिनियम में संशोधन नहीं किया गया है?
3विधेयक के अनुसार, सरकारी प्रतिभूतियों (G-Secs) में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) को मिलने वाली कर छूट किस तिथि से प्रभावी होगी?
4अधिसूचित विशेष क्षेत्र में कच्चे हीरों की बिक्री से होने वाली आय पर विदेशी कंपनियों को कर छूट की कार्यावधि क्या निर्धारित की गई है?
5इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को बढ़ावा देने हेतु पूंजीगत वस्तुओं की आपूर्ति से संबंधित कर छूट की समय सीमा को किस वर्ष तक बढ़ाया गया है?
6व्यावसायिक ट्रस्टों (REITs एवं InvITs) के Special Purpose Vehicle (SPV) के लिए अधिभार दर (Surcharge Rate) को बदलकर कितना कर दिया गया है?
7भारत से प्रबंधित पात्र विदेशी निवेश फंडों हेतु हटाई गई शर्तों के संदर्भ में कौन-सा कथन सत्य है?
8कराधान एवं अन्य विधियाँ (संशोधन) विधेयक, 2026 को राज्यसभा से किस तिथि को पारित किया गया?
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
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