चर्चा में क्यों?
सीमावर्ती राज्य पंजाब में पाकिस्तान सीमा से होने वाली अवैध ड्रोन घुसपैठ, नशीले पदार्थों (ड्रग्स) व हथियारों की तस्करी से निपटने तथा आधुनिक रक्षा ड्रोनों की लाइव सीमा टेस्टिंग के लिए देश की पहली समर्पित 'ड्रोन बटालियन' (India's First Drone Battalion) का गठन किया गया है।
यह बटालियन भारतीय सेना और सीमा सुरक्षा बल (BSF) के संयुक्त समन्वय में काम करेगी और मानवरहित हवाई प्रणालियों (UAS) तथा काउंटर-ड्रोन तकनीक (Anti-Drone Technology) के संचालन का प्रमुख केंद्र बनेगी।
बटालियन के तकनीकी घटक एवं काउंटर-ड्रोन उपाय
- 553 किमी सीमा निगरानी: पंजाब से लगी 553 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर रात के समय उड़ान भरने वाले छोटे और नैनो ड्रोनों की स्वचालित ट्रैकिंग।
- D4 एंटी-ड्रोन सिस्टम: DRDO द्वारा विकसित D4 सिस्टम (Drone Detection, Deterrence and Destruction System) का उपयोग करके रेडियो फ्रीक्वेंसी (RF) जैमिंग और जीपीएस स्पूफिंग द्वारा ड्रोनों को मार गिराना।
- स्वदेशी रक्षा स्टार्टअप्स का टेस्टबेड: भारतीय रक्षा स्टार्टअप्स द्वारा निर्मित लॉजिस्टिक्स डिलीवरी ड्रोन और हेवी-पेलोड ड्रोनों का वास्तविक सीमा परिस्थितियों में परीक्षण किया जाएगा।
- एआई-आधारित नाइट विज़न: ड्रोनों में आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (AI) और थर्मल इमेजिंग कैमरों का उपयोग कर घने कोहरे व रात में भी घुसपैठ का सटीक पता लगाना।
ड्रोन नियम 2021 एवं मध्य प्रदेश में ड्रोन तकनीक का उपयोग
- भारत में ड्रोन नियम 2021: नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा जारी 'ड्रोन नियम 2021' (Drone Rules 2021) के तहत ड्रोनों को 5 श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है: नैनो (≤250g), माइक्रो (>250g से 2kg), स्मॉल (>2kg से 25kg), मीडियम (>25kg से 150kg), तथा लार्ज (>150kg)।
- डिजिटल स्काई प्लेटफॉर्म: भारत के हवाई क्षेत्र को ग्रीन, येलो और रेड ज़ोन में विभाजित कर नो-फ्लाई ज़ोन में ड्रोन उड़ान को नियंत्रित करता है।
- मध्य प्रदेश में 'स्वामित्व योजना': मध्य प्रदेश भारत का पहला राज्य है जिसने 'स्वामित्व योजना' (SVAMITVA Scheme) के तहत राज्य के 50,000+ गांवों में ग्रामीण आवासीय संपत्तियों का ड्रोन मैपिंग द्वारा डिजिटल अधिकार अभिलेख प्रस्तुत किया है।
- कृषि एवं आपदा प्रबंधन में ड्रोन: MP में फसलों पर कीटनाशक छिड़काव, बाढ़ आपदा सर्विलांस और ग्वालियर व इंदौर में 'ड्रोन स्कूल' (Drone Schools) की स्थापना की गई है।
MPPSC एवं UPSC परीक्षा जुड़ाव
- MPPSC मुख्य परीक्षा: पेपर 3 (इकाई 7) - 'ड्रोन तकनीक, रोबोटिक्स, आईटी अनुप्रयोग' एवं पेपर 2 - 'राष्ट्रीय सुरक्षा व सीमावर्ती चुनौतियां'।
- UPSC मुख्य परीक्षा: GS Paper 3 - 'सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा चुनौतियां, संगठित अपराध और गैर-राज्य कलाकारों (Non-State Actors) द्वारा आधुनिक तकनीक का दुरुपयोग'।
- प्रारंभिक परीक्षा तथ्य: देश की पहली ड्रोन बटालियन (पंजाब), D4 सिस्टम (DRDO), नैनो ड्रोन वजन सीमा (250 ग्राम), और MP के ड्रोन स्कूल।
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अभ्यास प्रश्न (Practice Questions)
1भारत में आधुनिक टेस्टिंग और सीमा सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए देश की पहली ड्रोन बटालियन कहाँ शुरू की गई है?
2भारत सरकार के उड्डयन नियमों के अनुसार 250 ग्राम या उससे कम वजन वाले ड्रोन को किस श्रेणी में रखा जाता है?
3मध्य प्रदेश में ग्रामीण संपत्तियों के सटीक सीमांकन हेतु ड्रोन सर्वेक्षण किस योजना के तहत संचालित किया गया?
4रेडियो फ्रीक्वेंसी (RF) जैमिंग द्वारा अवैध ड्रोनों के नेविगेशन को बाधित करने वाली प्रणाली क्या कहलाती है?
5नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा ड्रोन उड़ानों की अनुमति और रजिस्ट्रेशन के लिए कौन सा डिजिटल पोर्टल शुरू किया गया है?
6डीआरडीओ (DRDO) द्वारा निर्मित स्वदेशी एंटी-ड्रोन प्रणाली का नाम क्या है?
7ड्रोन निर्माण और घटकों (Components) के संवर्धन हेतु भारत सरकार द्वारा कौन सी प्रोत्साहन योजना लागू की गई है?
8MPPSC परीक्षा की दृष्टि से 'दोहरे उपयोग वाली तकनीक' (Dual-Use Technology) का सर्वोत्कृष्ट उदाहरण क्या है?
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
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