चर्चा में क्यों? कौन हैं अस्मिता डे (Ashmita Dey)? CWG 2026 में रचा पहला स्वर्णिम इतिहास

स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित 23वें कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 (Glasgow CWG 2026) में भारत की युवा जूडो खिलाड़ी अस्मिता डे (Ashmita Dey / अस्मिता डे) ने महिलाओं की 48 किलोग्राम भारवर्ग स्पर्धा में स्वर्ण पदक (Gold Medal) जीतकर इतिहास रच दिया है। अस्मिता की यह विजय अत्यंत गौरवशाली है क्योंकि राष्ट्रमंडल खेलों के 96 वर्षों के इतिहास में जूडो खेल में भारत का यह पहला स्वर्ण पदक (First Ever Judo Gold Medal) है।
अस्मिता डे ने फाइनल मुकाबले में कनाडा की शीर्ष खिलाड़ी हेइडी क्वैच (Heidi Quach) को अतिरिक्त समय ('गोल्डन स्कोर' / सडन डेथ) में पराजित कर यह स्वर्णिम उपलब्धि प्राप्त की। इस जीत से भारत की कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 मेडल टैली में स्वर्ण पदकों की संख्या बढ़कर 5 हो गई। इसी प्रतियोगिता में पुरुषों के 60किग्रा जूडो में हर्ष सिंह ने भी स्वर्ण पदक तथा महिलाओं के 57किग्रा में यामिनी मौर्या ने रजत पदक जीतकर भारतीय जूडो दल को अभूतपूर्व सफलता दिलाई।
अस्मिता डे: एक नज़र में (Ashmita Dey Quick Fact Sheet)
| विवरण (Parameter) | जानकारी (Details) |
|---|---|
| पूरा नाम (Full Name) | अस्मिता डे (Ashmita Dey / Asmita Dey) |
| मूल निवास (Hometown) | बेलोनिया, दक्षिण त्रिपुरा (Tripura) |
| वर्तमान पद (Current Role) | सब-इंस्पेक्टर (SI), उत्तर प्रदेश पुलिस (UP Police) |
| खेल (Sport Discipline) | जूडो (Judo - Women's 48kg Class) |
| ट्रेनिंग अकादमी (Training Academy) | साई (SAI) रीजनेबल सेंटर, भोपाल (मध्य प्रदेश) |
| मुख्य कोच (Head Coach) | यशपाल सोलंकी (Yashpal Solanki) |
दिवंगत पिता का सपना किया पूरा & UP पुलिस में दरोगा का पद (Personal Background & UP Police Role)
- पोडियम पर छलके आँसू व पिता का सपना: कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक गले में पहनते ही अस्मिता डे की आँखों में खुशी और भावुकता के आँसू छलक पड़े। अस्मिता ने अपना यह ऐतिहासिक स्वर्ण पदक अपने दिवंगत पिता को समर्पित किया। उनके पिता का सपना था कि अस्मिता एक दिन अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर भारत का नाम रोशन करे और तिरंगा लहराए।
- उत्तर प्रदेश पुलिस में सब-इंस्पेक्टर (UP Police SI): राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय जूडो स्पर्धाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन के चलते अस्मिता डे को उत्तर प्रदेश पुलिस (UP Police) में खेल कोटे के तहत सब-इंस्पेक्टर (दारोगा) पद पर नियुक्त किया गया था। अस्मिता ने अपनी सफलता पर कहा कि नौकरी से उन्हें आर्थिक स्थिरता मिली जिससे वे पूरी तरह जूडो पर ध्यान केंद्रित कर सकीं।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व उपराष्ट्रपति की बधाई: ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीतने पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उपराष्ट्रपति ने अस्मिता डे एवं हर्ष सिंह को बधाई दी तथा उनके अदम्य साहस व खेल कौशल की सराहना की।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: अस्मिता डे का क्वार्टर-फाइनल से स्वर्ण पदक तक का स्वर्णिम सफर

1. क्वार्टर-फाइनल: स्कॉटलैंड की ईवा इविंग पर इप्पोन (Ippon) से जीत
- क्वार्टर फाइनल मैच: अस्मिता डे ने अपने अभियान की शुरुआत मेजबान स्कॉटलैंड की ईवा इविंग (Eva Ewing) के खिलाफ की। मैच के शुरुआती मिनटों में ही अस्मिता ने आक्रामक जूडो तकनीक का प्रदर्शन करते हुए प्रतिद्वंद्वी को मैट पर गिराया और 'इप्पोन' (Ippon - जूडो में पूर्ण अंक/सीधी जीत) हासिल कर सेमीफाइनल में प्रवेश किया।
2. सेमीफाइनल: समर शॉ को युको (Yuko 1-0) से हराकर पदक पक्का किया
- सेमीफाइनल मैच: सेमीफाइनल में अस्मिता का सामना स्कॉटलैंड की ही सशक्त दावेदार से हुआ। अस्मिता ने 4 मिनट के पूरे मैच में बेहतरीन डिफेंस और जवाबी आक्रमण बनाए रखा और के अंतर से जीत दर्ज कर भारत के लिए पदक सुनिश्चित किया।
त्रिपुरा से भोपाल SAI सेंटर तक का प्रेरणादायक सफर (Early Life & Training)

1. 800 मीटर रनिंग से जूडो तक का परिवर्तन (Track Athlete to Judoka)
- त्रिपुरा का गौरव: अस्मिता डे उत्तर-पूर्वी राज्य त्रिपुरा के बेलोनिया (Belonia) शहर की रहने वाली हैं। प्रारंभिक वर्षों में वे एक एथलीट थीं और 800 मीटर मध्यम दूरी की दौड़ में भाग लिया करती थीं।
- जूडो की ओर मोड़: एक जिला स्तरीय ट्रायल के दौरान जब उन्होंने अन्य खिलाड़ियों को जूडो के दांव-पेच आजमाते देखा, तब उनका रुझान इस मार्शल आर्ट खेल की तरफ बढ़ा और उन्होंने एथलेटिक्स छोड़कर जूडो को अपना मुख्य खेल चुना।
2. भोपाल SAI सेंटर में कोचिंग एवं कोच यशपाल सोलंकी की भूमिका (MP Special Context)
CWG 2026 भारत के स्वर्ण पदक विजेता (Interlinked Gold Champions)
ग्लासगो कॉमनवेल्th गेम्स 2026 में भारत के स्वर्ण पदक विजेताओं की विस्तृत गाथा पढ़ने के लिए हमारे विशेष आलेखों पर जाएँ:
- मीराबाई चानू (Mirabai Chanu): भारोत्तोलन (वेटलिफ्टिंग 48kg) में लगातार तीसरा स्वर्ण पदक।
- शर्मिला धनखड़ (Sharmila Dhankar): महिला शॉट पुट F57 पैरा-एथलेटिक्स में स्वर्ण पदक।
MPPSC & UPSC परीक्षा हेतु अस्मिता डे Quick Revision Study Notes
अभ्यास प्रश्न (Practice Questions)
1कौन हैं अस्मिता डे (Ashmita Dey) जिन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में इतिहास रचा?
2कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 (ग्लासगो) में महिलाओं की 48 किग्रा जूडो स्पर्धा में स्वर्ण पदक किस भारतीय खिलाड़ी ने जीता?
3राष्ट्रमंडल खेलों (CWG) के इतिहास में जूडो खेल में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी कौन हैं?
4अस्मिता डे भारत के किस राज्य/केंद्रशासित प्रदेश की मूल निवासी हैं?
5अस्मिता डे मध्य प्रदेश के किस शहर स्थित SAI (साई) रीजनेबल सेंटर में ट्रेनिंग प्राप्त करती हैं?
6कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 जूडो के फाइनल मुकाबले में अस्मिता डे ने किस देश की खिलाड़ी को पराजित किया?
7अस्मिता डे वर्तमान में किस राज्य की पुलिस सेवा में सब-इंस्पेक्टर (SI) पद पर कार्यरत हैं?
8अस्मिता डे के मुख्य कोच का नाम क्या है जिन्होंने उन्हें भोपाल SAI सेंटर में प्रशिक्षित किया?
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
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