जल-विभाजक (Water Divide) ऐसी उच्च पर्वतीय या पठारी शीर्ष रेखाएँ (Elevated Ridges) होती हैं, जो दो समीपवर्ती अपवाह द्रोणियों (Drainage Basins) अथवा जलप्रवाह प्रदेशों को एक-दूसरे से प्राकृतिक रूप से अलग करती हैं। जब वर्षा का जल इन उच्च भू-भागों पर गिरता है, तो जल-विभाजक रेखा वर्षा जल के प्रवाह को विपरीत दिशाओं में मोड़ देती है।

उपरोक्त चार अपवाह प्रदेशों का सीमांकन भारत की 4 मुख्य पर्वतीय जल-विभाजक रेखाओं द्वारा होता है:

पश्चिमी घाट जल-विभाजक की निरन्तरता (Continuity) चार प्रमुख पर्वतीय दर्रों द्वारा भंग होती है:
MPPSC Mains भूगोल उत्तर लेखन के लिए मध्य प्रदेश के प्रमुख जल-विभाजक निम्नलिखित हैं:
1हिमालयन जल-विभाजक की औसत ऊँचाई एवं लम्बाई क्रमशः कितनी है?
2अरावली जल-विभाजक का उत्तरी भाग किस नाम से विख्यात है?
3अमरकंटक पठार से निकलने वाली नदियाँ किस प्रकार का अपवाह प्रतिरूप (Drainage Pattern) बनाती हैं?
4केरल के पलक्कड़ और तमिलनाडु के कोयंबटूर को जोड़ने वाला दर्रा कौन सा है?
5निम्नलिखित में से कौन-सी नदी पश्चिमी घाट से निकलकर अरब सागर में गिरती है?
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MPPSC Mains Paper 1 (भूगोल) के लिए भारत के चार प्रमुख जल-विभाजकों (हिमालयन, अरावली, सतपुड़ा-मैकाल व पश्चिमी घाट) का सम्पूर्ण विश्लेषणात्मक विवरण, अपवाह प्रदेश, मानचित्र, 2, 7 व 10 अंक के प्रश्न उत्तर एवं MCQs।
